स्विट्जरलैंड के ग्लेशियरों के लिए 2026 का वर्ष बेहद विनाशकारी रहा है। ग्लेशियर मॉनिटरिंग इन स्विट्जरलैंड (GLAMOS) के आंकड़ों के अनुसार, 2025-26 के दौरान देश के ग्लेशियरों ने अपने कुल बर्फीले आयतन का 5.5 प्रतिशत हिस्सा खो दिया है, जो 2022 के बाद दूसरी सबसे बड़ी वार्षिक गिरावट है। इस तीव्र पिघलाव के मुख्य कारणों में सर्दियों में कम बर्फबारी और मई से सितंबर के बीच पड़ी रिकॉर्ड तोड़ गर्मी शामिल है। वैज्ञानिकों के मुताबिक, पिछले पांच वर्षों में बर्फ पिघलने की दर पहले से दोगुनी हो चुकी है और 2021 के बाद से स्विस ग्लेशियरों का लगभग 20 प्रतिशत हिस्सा समाप्त हो चुका है। गर्मियों के महीनों में लगभग 2.2 ट्रिलियन लीटर पानी पिघलकर निकला है, जिससे भविष्य के लिए प्राकृतिक जल भंडार तेजी से खत्म हो रहे हैं। यदि वैश्विक ग्रीनहाउस गैस उत्सर्जन में जल्द कमी नहीं लाई गई, तो आने वाले दशकों में आल्प्स पर्वतों से बर्फीला आवरण पूरी तरह गायब हो सकता है।
एनवायरमेंट पल्स डेस्क: स्विट्जरलैंड के ग्लेशियरों के लिए 2026 सबसे विनाशकारी वर्षों में से एक रहा। ग्लेशियर मॉनिटरिंग इन स्विट्जरलैंड (GLAMOS) और स्विस एकेडमी ऑफ साइंसेज के नए आंकड़ों के अनुसार, 2025-26 के हाइड्रोलॉजिकल वर्ष में देश के ग्लेशियरों के कुल बर्फीले आयतन में औसतन 5.5 प्रतिशत की कमी दर्ज की गई।
यह 2022 के बाद अब तक की दूसरी सबसे बड़ी वार्षिक गिरावट है। इस दौरान ग्लेशियरों की औसत मोटाई 2.5 से 4 मीटर तक कम हुई, जबकि कुछ ग्लेशियरों की जीभ 10 मीटर तक पीछे हट गई। वैले क्षेत्र का बेला टोला और ग्लारस का ग्रीसफिर्न जैसे कुछ छोटे ग्लेशियर पूरी तरह गायब हो गए।
वैज्ञानिकों के मुताबिक, सर्दियों में कम बर्फबारी और मई से सितंबर तक लंबे समय तक जारी रिकॉर्ड गर्मी इसके प्रमुख कारण रहे। ग्लेशियरों को मिलने वाला सुरक्षात्मक बर्फ आवरण 2010-2020 के औसत से करीब 25 प्रतिशत कम रहा। जून, जुलाई और अगस्त स्विट्जरलैंड में 1864 से शुरू हुए तापमान रिकॉर्ड के सबसे गर्म महीनों में शामिल रहे।
ग्लेशियोलॉजिस्ट और ETH ज्यूरिख के वैज्ञानिक मैथियास हुस ने 2026 को ग्लेशियरों के लिए “विनाशकारी” वर्ष बताया। उनके अनुसार, पिछले पांच वर्षों में बर्फ पिघलने की दर किसी भी पिछले पांच-वर्षीय दौर की तुलना में दोगुनी से अधिक रही है और 2021 के बाद से स्विस ग्लेशियरों के कुल आयतन का करीब 20 प्रतिशत समाप्त हो चुका है।
जुलाई से सितंबर के बीच ही करीब 2.2 ट्रिलियन लीटर पिघला हुआ पानी ग्लेशियरों से निकला, जो स्विट्जरलैंड की वार्षिक घरेलू जल खपत के चार गुने से अधिक है। इससे अल्पकालिक रूप से जल आपूर्ति और जलविद्युत उत्पादन को मदद मिली, लेकिन विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि इससे भविष्य के लिए उपलब्ध प्राकृतिक “जमे हुए जल भंडार” तेजी से कम हो रहा है।
स्विट्जरलैंड में अभी करीब 1,300 ग्लेशियर हैं, लेकिन पिछले दशकों में 1,000 से अधिक छोटे ग्लेशियर समाप्त हो चुके हैं। GLAMOS के अनुसार, पिछले एक दशक में स्विस ग्लेशियरों ने अपने कुल आयतन का लगभग एक चौथाई खो दिया है।
वैज्ञानिकों का कहना है कि वैश्विक ग्रीनहाउस गैस उत्सर्जन में पर्याप्त कमी नहीं आई तो आने वाले दशकों में आल्प्स के बड़े हिस्से से बर्फीला आवरण गायब हो सकता है।
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