By using this site, you agree to the Privacy Policy and Terms of Use.
Accept
Environment PulseEnvironment PulseEnvironment Pulse
Notification Show More
Font ResizerAa
  • ईको सिस्टम
    • जल
    • जंगल
    • जमीन
    • हवा
    • खनिज
    • जैव-विविधता
    • गतिविधियां
  • कचरा-प्रबंधन
    • ग्रीन बिजनेस
    • रीसाइकलिंग
    • इन्नोवेशन
    • इनिशिएटिव्स
  • फ्यूचर ग्रीन
    • ऊर्जा
    • सस्टेनिबिलिटी
    • इलेक्ट्रिक व्हीकल
    • कृषि एवं खाद्य
  • ओपिनियन
    • विचार
    • इम्पैक्ट फीचर
    • स्टोरी
  • मल्टीमीडिया
    • वीडियो
Reading: लंबे गतिरोध के बीच सिंधु जल संधि के आधुनिकीकरण की बढ़ी मांग
Share
Font ResizerAa
Environment PulseEnvironment Pulse
  • ईको सिस्टम
  • कचरा-प्रबंधन
  • फ्यूचर ग्रीन
  • ओपिनियन
  • मल्टीमीडिया
Search
  • ईको सिस्टम
    • जल
    • जंगल
    • जमीन
    • हवा
    • खनिज
    • जैव-विविधता
    • गतिविधियां
  • कचरा-प्रबंधन
    • ग्रीन बिजनेस
    • रीसाइकलिंग
    • इन्नोवेशन
    • इनिशिएटिव्स
  • फ्यूचर ग्रीन
    • ऊर्जा
    • सस्टेनिबिलिटी
    • इलेक्ट्रिक व्हीकल
    • कृषि एवं खाद्य
  • ओपिनियन
    • विचार
    • इम्पैक्ट फीचर
    • स्टोरी
  • मल्टीमीडिया
    • वीडियो
Have an existing account? Sign In
Follow US
Environment Pulse > ईको सिस्टम > जल > लंबे गतिरोध के बीच सिंधु जल संधि के आधुनिकीकरण की बढ़ी मांग
AI Image
जल

लंबे गतिरोध के बीच सिंधु जल संधि के आधुनिकीकरण की बढ़ी मांग

Environment Pulse
Last updated: September 30, 2026 9:41 pm
Environment Pulse
Published: September 30, 2026
Share
AI Image
SHARE

भारत और पाकिस्तान के बीच 1960 की सिंधु जल संधि (IWT) को लेकर विवाद गहरा गया है। अप्रैल 2025 में आतंकवाद के चलते भारत द्वारा संधि को स्थगित किए जाने के बाद से तनाव बढ़ गया है, जिसे पाकिस्तान अवैध मानता है। हालांकि अगस्त 2026 में स्थायी मध्यस्थता न्यायालय (PCA) ने इसे बाध्यकारी बताया, लेकिन भारत ने इसके अधिकार क्षेत्र को खारिज कर दिया है। वर्तमान में जलवायु परिवर्तन, बढ़ती आबादी और पर्यावरणीय संकट जैसी आधुनिक चुनौतियों के चलते छह दशक पुरानी इस संधि में संशोधन और इसके आधुनिकीकरण की मांग तेजी से उठ रही है।

एनवायरमेंट पल्स डेस्क: भारत और पाकिस्तान के बीच 1960 की सिंधु जल संधि (IWT) को आधुनिक बनाने की मांग तेज हो रही है। दोनों देशों के बीच जल बंटवारे को लेकर लंबे समय से जारी विवाद के बीच भारत ने अप्रैल 2025 में संधि के तहत सहयोग को स्थगित कर दिया था।

यह कदम जम्मू-कश्मीर में हुए आतंकी हमले के बाद उठाया गया, जिसके लिए भारत ने पाकिस्तान स्थित समूहों को जिम्मेदार ठहराया था। नई दिल्ली का कहना है कि सीमा पार आतंकवाद पर पाकिस्तान द्वारा विश्वसनीय कार्रवाई किए जाने तक संधि स्थगित रहेगी।

पाकिस्तान ने इस कदम को अवैध बताते हुए कहा है कि संधि को एकतरफा स्थगित नहीं किया जा सकता। 31 अगस्त 2026 को हेग स्थित स्थायी मध्यस्थता न्यायालय (PCA) ने सर्वसम्मति से कहा कि सिंधु जल संधि प्रभावी और दोनों देशों पर बाध्यकारी है।

भारत ने हालांकि PCA के अधिकार क्षेत्र को स्वीकार नहीं किया और ट्रिब्यूनल को अवैध रूप से गठित बताया। विशेषज्ञों का कहना है कि छह दशक पुरानी संधि जलवायु परिवर्तन, नदी प्रवाह में बदलाव, भूजल संकट, जल प्रदूषण, बढ़ती आबादी और चरम मौसम जैसी मौजूदा चुनौतियों से निपटने के लिए पर्याप्त नहीं है।

संधि में सिंधु, झेलम और चिनाब को मुख्यतः पाकिस्तान तथा रावी, ब्यास और सतलुज को भारत के लिए आवंटित किया गया है। विशेषज्ञों के अनुसार विवाद समाधान, आंकड़ों के आदान-प्रदान और बदलती जल परिस्थितियों से निपटने के लिए संधि में नए प्रावधान जोड़े जाने की आवश्यकता है।

भारत पहले भी संधि में संशोधन की मांग कर चुका है, जबकि पाकिस्तान मौजूदा व्यवस्था की बहाली, नियमित बैठकों और जल संबंधी आंकड़ों के आदान-प्रदान पर जोर देता रहा है।

ऐसे में आधुनिकीकरण की मांग सिंधु बेसिन पर बढ़ते पर्यावरणीय, जनसांख्यिकीय और भू-राजनीतिक दबावों के बीच एक महत्वपूर्ण चर्चा बनकर उभरी है।

Also Read: भारत ने 2030 का 50% गैर-जीवाश्म ऊर्जा लक्ष्य पांच साल पहले हासिल किया

You Might Also Like

थाईलैंड में बाढ़ राहत के लिए 10.5 अरब बाट की अतिरिक्त मंजूरी, 14.8 लाख से अधिक परिवारों को मिलेगा लाभ
UNCCD COP17 की मेजबानी से पहले मंगोलिया का बड़ा कदम, ज़मीन के खराब होने की समस्या से निपटने के लिए शुरू किया ग्लोबल प्रोजेक्ट
When Rivers Are Linked, Who Gets Left Behind?
सैटेलाइट ट्रैकिंग से सामने आए ओलिव रिडले कछुओं के महत्वपूर्ण प्रवासी मार्ग
यूरोपीय संघ सख्त मीथेन नियमों में देरी पर विचार कर रहा, तेल भंडार पर भी नजर
TAGGED:Climate Change and Water ManagementCross-border TerrorismIndia Pakistan Water DisputeIndus Waters TreatyPermanent Court of Arbitration
Share This Article
Facebook Whatsapp Whatsapp LinkedIn Email Copy Link Print
1 Comment
  • Pingback: रिकॉर्ड गर्मी से स्विस ग्लेशियरों ने खोया 5% से अधिक बर्फीला आयतन – Environment Pulse

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Follow US

Find US on Social Medias
FacebookLike
XFollow
InstagramFollow
YoutubeSubscribe
LinkedInFollow
Popular News
AI Image
जल

जम्मू में 71 वर्षों की सबसे भारी अक्टूबर बारिश, मध्य प्रदेश समेत कई राज्यों में तूफान का अलर्ट

Environment Pulse
Environment Pulse
October 19, 2026
Governor Announces PRITHVI 2026, Unveils Brochure for India’s First-Ever Palaeoscience Film Festival
प्री-कॉप31 बैठक में भारत ने विकसित देशों से जलवायु वित्त की कमी दूर करने की अपील की
बारिश की कमी का असर: भारत में खरीफ की बुआई पिछले साल के मुकाबले करीब 39 लाख हेक्टेयर कम
रिकी केज ग्रैमी अवार्ड्स: 3,500 जिंगल्स बनाने वाले रिकी केज ने क्यों छोड़ा कमर्शियल संगीत? पीएम मोदी की सलाह ने बदला जीवन

Categories

  • जल
  • जमीन
  • जंगल
  • जैव-विविधता
  • हवा
  • खनिज
  • ऊर्जा
  • ग्रीन जॉब
  • स्टोरी
  • इम्पैक्ट फीचर
  • वीडियो

About US

Environmentpulse.com is a bilingual (Hindi-English) news platform that presents high-quality news, views, and videos related to the environment.
Quick Link
  • ऊर्जा
  • खनिज
  • जैव-विविधता
  • जंगल
Top Categories
  • My Bookmark
  • Contact
  • Privacy Policy
Environment PulseEnvironment Pulse
© Pratham Publisher and Informatics Private Limited. All Rights Reserved. | Developed By: Tech Yard Labs
Welcome Back!

Sign in to your account

Username or Email Address
Password

Lost your password?