लखनऊ नगर निगम की कार्यकारिणी बैठक में लिए गए कई निर्णय
ऐरावत फाउंडेशन लगाएगा शहर में लो-कॉस्ट वाले एअर क्वालिटी सेंसर

एनवायरमेंट पल्स डेस्क
लखनऊ नगर निगम ने राजधानी के मोहान रोड स्थित शिवरी सालिड वेस्ट प्रोसेसिंग प्लांट के सभागार में बुलाई गई अपनी कार्यकारिणी की बैठक में कई निर्णय लिये। महापौर सुषमा खर्कवाल, नगर आयुक्त गौरव कुमार के साथ निगम के प्रमुख अधिकारियों की इस बैठक में उपस्थिति रही।
इस बैठक में शिवरी सालिड वेस्ट प्रोसेसिंग प्लांट में जमा करीब सवा चार लाख मीट्रिक टन लीगेसी वेस्ट (बहुत पुराना कचरा) के वैज्ञानिक निस्तारण के लिए 26 करोड़ 60 लाख रुपये की योजना को मंजूरी दी गई। सबसे अच्छी बात यह है कि यह कार्य हो जाने के बाद शिवरी प्लांट की एक बड़ी भूमि को पूरी तरह मुक्त कराया जा सकेगा। इसके बाद इसका उपयोग ग्रीन जोन बनाने के साथ-साथ नए कचरा प्रबंधन बुनियादी ढांचे को विकसित करने के लिए होगा।
बैठक में इसके अलावा शहर की वायु गुणवत्ता में सुधार और प्रदूषण पर सटीक ढंग से अंकुश लगाने के लिए 149 लो-कॉस्ट वाले एयर क्वालिटी स्मार्ट सेंसर लगाने का फैसला भी लिया गया। शहर भर में लगने वाले ये स्मार्ट सेंसर पूरी तरह एआई तकनीक पर काम करेंगे। यह सिस्टम हवा में मौजूद पीएम-2.5 और पीएम-10 जैसे घातक धूल कणों और अन्य प्रदूषकों की उसी समय मॉनिटरिंग करेंगे।
इस स्मार्ट सेंसर सिस्टम की सबसे बड़ी खूबी यह है कि यह वायु प्रदूषण का 24 से 72 घंटे पहले ही पूर्वानुमान जारी कर देगा। इससे नगर निगम को प्रदूषण बढ़ने से पहले ही एहतियाती कदम उठाने का समय मिल सकेगा। ये सेंसर शहर में वार्ड स्तर पर लगाए जाएंगे।
इस संबंध में लखनऊ नगर निगम ऐरावत रिसर्च फाउंडेशन के साथ एक समझौता ज्ञापन पर शीघ्र हस्ताक्षर करेगा। बेहद महत्वपूर्ण बात यह है कि इस काम से निगम पर कोई वित्तीय बोझ नहीं पड़ेगा। क्योंकि निगम को इस काम के लिए ऐरावत फाउंडेशन को कोई फीस या भुगतान नहीं देना होगा।

