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Environment Pulse > ईको सिस्टम > जंगल > वन विभाग ने बढ़ाई हरित सारथी पंजीकरण की तिथि
जंगल

वन विभाग ने बढ़ाई हरित सारथी पंजीकरण की तिथि

Environment Pulse
Last updated: July 2, 2026 10:28 pm
Environment Pulse
Published: July 2, 2026
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कोई भी जागरूक व्यक्ति विभाग की वेबसाइट पर जाकर करवा सकता है अपनी पंजीकरण

एनवायरमेंट पल्स डेस्क

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में वन महोत्सव 2026 की शुरुआत के साथ प्रदेश सरकार का अधिक से अधिक ध्यान अधिक से अधिक पौधरोपण पर है। सरकार के ‘ एक पेड़ मां के नाम अभियान ‘ को लोगों का व्यापक समर्थन मिल रहा है। इसलिए प्रदेश में हरित सारथी पंजीकरण की तिथि बढ़ाकर सात जुलाई, 2026 कर दी गई है। इसमें प्रदेश के सभी 75 जिलों में हरित सारथियों का पंजीकरण किया जा रहा है। ये हरित सारथी न केवल ‘ एक पेड़ मां के नाम अभियान ‘ के तहत नए पौधों की रोपाई में मदद करेंगे, बल्कि रोपाई के बाद उनकी देखभाल और रखरखाव पर भी ध्यान देंगे।

यह तिथि इसलिए बढ़ाई गई है ताकि प्रदेश में अधिक से अधिक लोग इस जनांदोलन से जुड़ सकें।

आप कैसे बन सकते हैं हरित सारथी ?

अगर आप हरित सारथी बनकर पर्यावरण संरक्षण में योगदान देना चाहते हैं तो उत्तर प्रदेश वन विभाग की वेबसाइट पर जाएं। वहां पर विभाग द्वारा जारी किए गए क्यूआर कोड को स्कैन करें। स्कैनिंग के बाद आपको एक डिजिटल लिंक मिलेगा। उस पर जाएं और अपना नाम, मोबाइल नंबर, अपनी ईमेल आईडी दर्ज करें। अब आपको पर्यावरण एवं वृक्षों के संरक्षण के लिए एक प्रतिज्ञापत्र मिलेगा। उसे पढ़ें और सहमति पर क्लिक करें। यह प्रक्रिया पूरी करते ही आपका हरित सारथी डिजिटल सर्टिफिकेट आ जाएगा। उसको आप डाउनलोड कर लीजिए।

हरित सारथी बनने के बाद पर्यावऱण संरक्षण के प्रति आपकी जिम्मेदारी बढ़ जाती है। आप एक पेड़ मां के नाम के तहत एक पेड़ तो लगाएंगे ही, अन्य पौधों को संरक्षित करने में भी अपना योगदान देंगे, ऐसी आपसे अपेक्षा की जाती है। क्योंकि पौधे लगाना पर्याप्त नहीं है। उन्हें लगातार पानी देना और उनका रखरखाव करने पर ही वह पेड़ बड़ा हो सकता है। इसके अलावा डिजिटल सारथी होने के कारण आपसे यह भी अपेक्षा की जाती है कि आप अपने आसपास के लोगों को पर्यावरण के प्रति जागरूक करेंगे।

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