By using this site, you agree to the Privacy Policy and Terms of Use.
Accept
Environment PulseEnvironment PulseEnvironment Pulse
Notification Show More
Font ResizerAa
  • ईको सिस्टम
    • जल
    • जंगल
    • जमीन
    • हवा
    • खनिज
    • जैव-विविधता
    • गतिविधियां
  • कचरा-प्रबंधन
    • ग्रीन बिजनेस
    • रीसाइकलिंग
    • इन्नोवेशन
    • इनिशिएटिव्स
  • फ्यूचर ग्रीन
    • ऊर्जा
    • सस्टेनिबिलिटी
    • इलेक्ट्रिक व्हीकल
    • कृषि एवं खाद्य
  • ओपिनियन
    • विचार
    • इम्पैक्ट फीचर
    • स्टोरी
  • मल्टीमीडिया
    • वीडियो
Reading: भारत की दीर्घकालिक ऊर्जा सुरक्षा में सौर और पवन ऊर्जा की भूमिका पर जोर
Share
Font ResizerAa
Environment PulseEnvironment Pulse
  • ईको सिस्टम
  • कचरा-प्रबंधन
  • फ्यूचर ग्रीन
  • ओपिनियन
  • मल्टीमीडिया
Search
  • ईको सिस्टम
    • जल
    • जंगल
    • जमीन
    • हवा
    • खनिज
    • जैव-विविधता
    • गतिविधियां
  • कचरा-प्रबंधन
    • ग्रीन बिजनेस
    • रीसाइकलिंग
    • इन्नोवेशन
    • इनिशिएटिव्स
  • फ्यूचर ग्रीन
    • ऊर्जा
    • सस्टेनिबिलिटी
    • इलेक्ट्रिक व्हीकल
    • कृषि एवं खाद्य
  • ओपिनियन
    • विचार
    • इम्पैक्ट फीचर
    • स्टोरी
  • मल्टीमीडिया
    • वीडियो
Have an existing account? Sign In
Follow US
Environment Pulse > फ्यूचर ग्रीन > ऊर्जा > भारत की दीर्घकालिक ऊर्जा सुरक्षा में सौर और पवन ऊर्जा की भूमिका पर जोर
AI Image
ऊर्जा

भारत की दीर्घकालिक ऊर्जा सुरक्षा में सौर और पवन ऊर्जा की भूमिका पर जोर

Environment Pulse
Last updated: September 24, 2026 8:20 pm
Environment Pulse
Published: September 24, 2026
Share
AI Image
SHARE

भारत की दीर्घकालिक घरेलू ऊर्जा सुरक्षा को मजबूत करने और आयात पर निर्भरता घटाने के लिए सौर और पवन ऊर्जा के तेज एकीकरण को अत्यंत महत्वपूर्ण बताया गया है। भारत में गैर-जीवाश्म ईंधन स्रोतों की स्थापित बिजली क्षमता आधे से अधिक हो चुकी है। सरकार द्वारा घरेलू विनिर्माण को बढ़ावा देने के लिए पीएलआई (PLI) जैसी योजनाएं और प्रतिस्पर्धी नीतियां लागू की गई हैं।

एनवायरमेंट पल्स डेस्क: हालिया उद्योग नीति समीक्षाओं और ऊर्जा क्षेत्र के विश्लेषणों में भारत की दीर्घकालिक घरेलू ऊर्जा सुरक्षा मजबूत करने के लिए सौर और पवन ऊर्जा के तेज एकीकरण को महत्वपूर्ण आधार बताया गया है।

विशेषज्ञों के अनुसार, नवीकरणीय ऊर्जा क्षमता का विस्तार बढ़ती बिजली मांग को पूरा करने और आयात पर निर्भरता घटाने में अहम भूमिका निभा सकता है। सरकारी एजेंसियों, थिंक टैंक और ऊर्जा विश्लेषकों के आकलन के मुताबिक आर्थिक विकास, शहरीकरण, परिवहन के विद्युतीकरण और उद्योगों में बढ़ती बिजली जरूरतों के बीच सौर फोटोवोल्टिक और पवन ऊर्जा की क्षमता बढ़ाना आवश्यक है।

भारत ने नवीकरणीय ऊर्जा के क्षेत्र में उल्लेखनीय विस्तार किया है। गैर-जीवाश्म ईंधन स्रोतों की स्थापित बिजली क्षमता में हिस्सेदारी आधे से अधिक हो चुकी है। पिछले एक दशक में सौर ऊर्जा क्षमता में तेज वृद्धि हुई है, जबकि पवन ऊर्जा को भी नवीकरणीय खरीद दायित्वों, हाइब्रिड परियोजनाओं और घरेलू विनिर्माण को बढ़ावा देने वाली नीतियों से समर्थन मिला है।

सरकार ने सौर मॉड्यूल और सेल सहित नवीकरणीय ऊर्जा उपकरणों के घरेलू उत्पादन को बढ़ाने के लिए प्रोडक्शन-लिंक्ड इंसेंटिव (PLI) जैसी व्यवस्थाएं तथा प्रतिस्पर्धी बोली प्रक्रिया से जुड़े दिशानिर्देश लागू किए हैं। इनका उद्देश्य उत्पादन क्षमता बढ़ाने के साथ आपूर्ति श्रृंखला को अधिक आत्मनिर्भर बनाना है।

हालांकि, नवीकरणीय ऊर्जा के तेजी से विस्तार के साथ ट्रांसमिशन क्षमता से जुड़ी चुनौतियां भी सामने आ रही हैं। कुछ क्षेत्रों में ग्रिड अवसंरचना की क्षमता बड़े सौर और पवन संयंत्रों से होने वाले उत्पादन की तुलना में पीछे रह गई है। इसके कारण कुछ स्थानों पर बिजली की निकासी सीमित होने और स्वच्छ ऊर्जा उत्पादन में कटौती की स्थिति बन रही है।

विशेषज्ञों के अनुसार उत्पादन क्षमता, ट्रांसमिशन नेटवर्क और ऊर्जा भंडारण की संयुक्त योजना बनाना जरूरी है। बैटरी एनर्जी स्टोरेज सिस्टम (BESS) और पंप्ड-हाइड्रो स्टोरेज जैसे विकल्प सौर और पवन ऊर्जा की अनियमित उपलब्धता को संतुलित करने में मदद कर सकते हैं। सौर, पवन और स्टोरेज को एक साथ जोड़ने वाली हाइब्रिड परियोजनाओं को भी बढ़ावा दिया जा रहा है, ताकि मांग के अनुरूप अपेक्षाकृत स्थिर और उपलब्ध बिजली की आपूर्ति की जा सके।

उद्योग जगत के अनुसार सौर मॉड्यूल, सेल, पवन टर्बाइन और बैटरियों के घरेलू विनिर्माण में लगातार निवेश ऊर्जा सुरक्षा को और मजबूत कर सकता है। साथ ही मौजूदा ताप विद्युत संयंत्रों का लचीला संचालन, मांग प्रबंधन और बिजली बाजार में सुधार भी नवीकरणीय ऊर्जा की अधिक हिस्सेदारी के लिए महत्वपूर्ण होंगे।

विश्लेषकों के मुताबिक कोयला निकट और मध्यम अवधि में बिजली आपूर्ति की विश्वसनीयता बनाए रखने में भूमिका निभाता रहेगा, लेकिन दीर्घकालिक ऊर्जा व्यवस्था में सौर और पवन ऊर्जा के विस्तार, मजबूत ट्रांसमिशन नेटवर्क और बड़े पैमाने पर ऊर्जा भंडारण की भूमिका लगातार बढ़ने की संभावना है।

नीति में निरंतरता और परियोजनाओं के समयबद्ध क्रियान्वयन से भारत अपनी नवीकरणीय क्षमता को अधिक सुरक्षित और कम-उत्सर्जन वाली ऊर्जा व्यवस्था में बदल सकता है।

Also Read: अरावली के संवेदनशील क्षेत्रों में पर्यावरणीय आकलन जल्दबाजी में न करने की मांग

You Might Also Like

भारत के बढ़ते कोकिंग कोयला उत्पादन के बीच व्यापक मीथेन रणनीति की जरूरत
भारत ने 2030 का 50% गैर-जीवाश्म ऊर्जा लक्ष्य पांच साल पहले हासिल किया
Subsidy scheme accelerates EV adoption in state, Lucknow is no. 1 in applications
India’s Homemakers turning to the Green Road to prosperity
Now, it doesn’t get dark when the sun sets
TAGGED:Clean Energy TransitionEnergy Storage SystemsGrid transmission infrastructureLong-term energy securityProduction-Linked IncentiveRenewable energy capacity in IndiaSolar and wind energy integration
Share This Article
Facebook Whatsapp Whatsapp LinkedIn Email Copy Link Print
1 Comment
  • Pingback: नेपाल के पीएम ने यूएन में जलवायु संकट पर दुनिया को घेरा, बाढ़ को बताया ‘दुनिया के लिए चेतावनी’ – En

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Follow US

Find US on Social Medias
FacebookLike
XFollow
InstagramFollow
YoutubeSubscribe
LinkedInFollow
Popular News
Newsसस्टेनिबिलिटीस्टोरी

Indian Cinema: Promoting Environment Through Stories

Environment Pulse
Environment Pulse
August 1, 2026
गैर-वाणिज्यिक और वाणिज्यिक कोयला खदानों के प्रोडक्शन में 9.6% की बढ़ोतरी
जैव विविधता पर संयुक्त राष्ट्र सम्मेलन COP17 शुरू, 2030 के लक्ष्यों की होगी समीक्षा
हिमालयी इलाकों में हाई-रिस्क मेगा प्रोजेक्ट्स पर रोक की मांग
स्वच्छ वायु सर्वेक्षण 2026 में लखनऊ देश में नंबर-1, वार्ड-70 को भी मिला सर्वश्रेष्ठ वार्ड का सम्मान

Categories

  • जल
  • जमीन
  • जंगल
  • जैव-विविधता
  • हवा
  • खनिज
  • ऊर्जा
  • ग्रीन जॉब
  • स्टोरी
  • इम्पैक्ट फीचर
  • वीडियो

About US

Environmentpulse.com is a bilingual (Hindi-English) news platform that presents high-quality news, views, and videos related to the environment.
Quick Link
  • ऊर्जा
  • खनिज
  • जैव-विविधता
  • जंगल
Top Categories
  • My Bookmark
  • Contact
  • Privacy Policy
Environment PulseEnvironment Pulse
© Pratham Publisher and Informatics Private Limited. All Rights Reserved. | Developed By: Tech Yard Labs
Welcome Back!

Sign in to your account

Username or Email Address
Password

Lost your password?