दक्षिण कोरिया के बुसान शहर की एक नहर में फंसी लगभग 3.5 मीटर लंबी ‘ब्रॉन्ज व्हेलर शार्क’ इन दिनों सोशल मीडिया और स्थानीय लोगों के बीच बड़ा आकर्षण बन गई है। लोगों ने प्यार से इसका नाम “बुकांगी” रखा है और इसे देखने के लिए अब तक छह से सात लाख लोग वहाँ पहुँच चुके हैं। माना जा रहा है कि यह शार्क शिकार का पीछा करते हुए समुद्र से इस कृत्रिम जलमार्ग में आ गई और फिर वापस जाने का रास्ता नहीं ढूंढ पाई। इसकी लोकप्रियता को देखते हुए शहर प्रशासन ने इसे ‘मानद जनसंपर्क राजदूत’ भी घोषित कर दिया है।
एनवायरमेंट पल्स डेस्क : दक्षिण कोरिया के बुसान शहर में एक नहर में फंसी करीब 3.5 मीटर लंबी ब्रॉन्ज व्हेलर शार्क इन दिनों लोगों के आकर्षण का केंद्र बनी हुई है। स्थानीय लोगों ने इसे प्यार से “बुकांगी” नाम दिया है।
18 सितंबर को पहली बार दिखाई देने के बाद से शार्क दो सप्ताह से अधिक समय से नहर में फंसी हुई है। बुसान के नॉर्थ पोर्ट वाटरफ्रंट पार्क में शार्क को देखने के लिए करीब छह लाख लोग पहुंच चुके हैं।
कुछ अनुमानों में यह संख्या सात लाख से अधिक बताई गई है। अकेले हालिया चुसेओक अवकाश के दौरान करीब 4.8 लाख लोग पार्क पहुंचे, जबकि सामान्य सप्ताहांत में यहां लगभग 2,000 लोग आते हैं। बढ़ती लोकप्रियता के बाद शहर ने एक इंस्टाग्राम सर्वेक्षण में लोगों के समर्थन के आधार पर शार्क को मानद जनसंपर्क राजदूत भी घोषित कर दिया। विशेषज्ञों के मुताबिक ब्रॉन्ज व्हेलर शार्क संभवतः शिकार का पीछा करते हुए समुद्र से कृत्रिम जलमार्ग में पहुंच गई और फिर वापस निकलने का रास्ता नहीं खोज सकी।
नहर में रहने के दौरान उसके भोजन करने की कोई घटना दर्ज नहीं हुई है, जिससे उसके कमजोर होने की चिंता बढ़ गई है। 29 सितंबर को बुसान कोस्ट गार्ड, नगर प्रशासन और नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ फिशरीज साइंस के अधिकारियों ने नावों की मदद से शार्क को समुद्र की ओर ले जाने का प्रयास किया।
नावों से उसके पीछे पानी की तेज धार छोड़ी गई, ताकि वह धीरे-धीरे खुले समुद्र की दिशा में बढ़े। हालांकि शार्क बार-बार पानी की धार से दूर चली गई और नावों के बीच से निकल गई, जिसके बाद अभियान रोकना पड़ा। 2 अक्टूबर को अधिकारियों ने करीब 50 मीटर लंबा और 6.8 मीटर ऊंचा विशेष जाल इस्तेमाल किया।
करीब दो घंटे तक चले अभियान में नाव के जरिए जाल के मध्य हिस्से को खींचा गया, जबकि दोनों ओर मौजूद टीमों ने शार्क को समुद्र की दिशा में मोड़ने की कोशिश की। चट्टानों में जाल फंसने के खतरे को देखते हुए अभियान रोकना पड़ा। अधिकारियों ने जाल को वहीं रहने दिया, ताकि शार्क को करीब 100 मीटर लंबे ऐसे हिस्से तक सीमित रखा जा सके जो समुद्र की ओर जाता है। उम्मीद थी कि ज्वार और जलधारा के बदलाव से वह खुद बाहर निकल जाएगी।
हालांकि 3 अक्टूबर तक शार्क जाल को पार कर फिर नहर के अंदरूनी हिस्से में लौट गई। नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ फिशरीज साइंस के वरिष्ठ शोधकर्ता किम ह्यून-वू, जो बचाव अभियान का नेतृत्व कर रहे हैं, ने कहा कि जलस्तर और धाराओं में बदलाव के साथ शार्क के अपने आप समुद्र तक पहुंचने की संभावना है। अधिकारियों ने शार्क की निगरानी जारी रखी है और बड़ी संख्या में पहुंच रहे लोगों को नियंत्रित करने के लिए गश्त बढ़ा दी है।
एक असामान्य वन्यजीव घटना अब बुसान में राष्ट्रीय स्तर की चर्चा का विषय बन चुकी है, जहां लोगों की उत्सुकता के साथ शार्क को सुरक्षित रूप से खुले समुद्र में वापस पहुंचाने की कोशिश भी जारी है।
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