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ऊर्जा

ट्रंप प्रशासन ने 1.22 अरब डॉलर में रद्द कराईं RWE की तीन अपतटीय पवन ऊर्जा परियोजनाएं

Environment Pulse
Last updated: November 3, 2026 7:38 pm
Environment Pulse
Published: November 3, 2026
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अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप प्रशासन ने जर्मन ऊर्जा कंपनी RWE के साथ 1.22 अरब डॉलर (लगभग 10,800 करोड़ रुपये) का समझौता कर उसकी तीन अपतटीय पवन ऊर्जा परियोजनाओं (न्यूयॉर्क, कैलिफोर्निया और लुइसियाना के तटों पर) को रद्द कर दिया है। इस साल अमेरिकी सरकार द्वारा ऊर्जा कंपनियों के साथ ऐसा पांचवां समझौता किया गया है। इसके तहत कंपनी अपने पट्टे सरकार को वापस कर देगी और बदले में मिली राशि का उपयोग प्राकृतिक गैस (LNG) परियोजनाओं और गैस टर्बाइनों में निवेश करने के लिए करेगी।

एनवायरमेंट पल्स डेस्क : अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप प्रशासन ने जर्मनी की ऊर्जा कंपनी RWE को 1.22 अरब डॉलर (करीब 10,800 करोड़ रुपये) का भुगतान कर उसकी तीन अपतटीय पवन ऊर्जा परियोजनाओं को रद्द करने का समझौता किया है।

कंपनी ने इसकी घोषणा की। इन परियोजनाओं को न्यूयॉर्क, कैलिफोर्निया और लुइसियाना के तटों के पास विकसित किया जाना था। इस साल अमेरिकी सरकार और ऊर्जा कंपनियों के बीच अपतटीय पवन ऊर्जा परियोजनाएं रोकने के लिए हुआ यह पांचवां समझौता है।

इसके तहत RWE संघीय जलक्षेत्र में स्थित अपने तीन विंड फार्म के पट्टे स्वेच्छा से सरकार को वापस करेगी। कंपनी को बाइडन प्रशासन के दौरान इन पट्टों के लिए चुकाई गई लगभग पूरी राशि वापस मिलेगी। समझौते से संबंधित संभावित कानूनी विवाद भी समाप्त हो जाएंगे। RWE ने कहा कि मौजूदा अमेरिकी नीतिगत परिस्थितियों में इन परियोजनाओं को अनुमति मिलने की निकट भविष्य में कोई संभावना नहीं दिख रही थी।

इसलिए कंपनी ने अपने संसाधनों को उन ऊर्जा परियोजनाओं में लगाने का निर्णय लिया है, जिन्हें आगे बढ़ाने में अधिक निश्चितता है। समझौते के तहत कंपनी अमेरिका में प्राकृतिक गैस क्षेत्र में लगभग उतनी ही राशि निवेश करेगी, जितनी उसे पवन ऊर्जा पट्टों के बदले मिलेगी।

इसमें लुइसियाना की एक तरलीकृत प्राकृतिक गैस (LNG) परियोजना में अप्रत्यक्ष रूप से 16 प्रतिशत हिस्सेदारी खरीदने के लिए 900 मिलियन डॉलर और बिजली उत्पादन के लिए नई गैस टर्बाइन खरीदने पर 300 मिलियन डॉलर खर्च किए जाएंगे। कंपनी अमेरिका में कम से कम 15 प्राकृतिक गैस आधारित पीकिंग पावर प्लांट विकसित करने की भी योजना बना रही है।

ट्रंप प्रशासन इससे पहले TotalEnergies और Invenergy जैसी कंपनियों के साथ भी इसी तरह के समझौते कर चुका है। इन समझौतों के तहत कैलिफोर्निया, मेन, न्यू जर्सी, न्यूयॉर्क और नॉर्थ कैरोलिना के तटों पर प्रस्तावित पवन ऊर्जा परियोजनाओं के पट्टे रद्द किए गए हैं।

ताजा समझौते को मिलाकर सरकार अब तक 12 अपतटीय पवन ऊर्जा पट्टे समाप्त कराने के लिए लगभग 3.9 अरब डॉलर खर्च कर चुकी है। अमेरिकी गृह मंत्री डग बर्गम ने समझौते का स्वागत करते हुए कहा कि देश को ऐसी ऊर्जा व्यवस्था की जरूरत है, जो महंगी सब्सिडी या ऐसी तकनीकों पर निर्भर न हो जो मौजूदा मांग पूरी करने में सक्षम नहीं हैं। उनके अनुसार, प्राकृतिक गैस परियोजनाओं में निवेश से अमेरिका की ऊर्जा सुरक्षा मजबूत होगी।

हालांकि, इस फैसले की डेमोक्रेटिक नेताओं ने कड़ी आलोचना की है। न्यूयॉर्क से सीनेटर और सीनेट में अल्पमत के नेता चक शूमर ने कहा कि जब अमेरिकी नागरिक महंगी बिजली से परेशान हैं, तब सरकार करदाताओं के लगभग चार अरब डॉलर खर्च कर उन परियोजनाओं को खत्म कर रही है, जो भविष्य में स्वच्छ ऊर्जा उपलब्ध करा सकती थीं।

पवन ऊर्जा से जीवाश्म ईंधन की तुलना में ग्रीनहाउस गैसों का उत्सर्जन काफी कम होता है। अमेरिका के कई राज्य जलवायु परिवर्तन से निपटने और स्वच्छ ऊर्जा लक्ष्य हासिल करने के लिए समुद्र में पवन ऊर्जा संयंत्र विकसित कर रहे थे। लेकिन ट्रंप लंबे समय से इस तकनीक का विरोध करते रहे हैं और इसे महंगा तथा देखने में खराब बताते आए हैं। पिछले वर्ष अमेरिकी गृह विभाग ने पूर्वी तट पर निर्माणाधीन पांच अपतटीय पवन ऊर्जा परियोजनाओं का काम रोकने के आदेश दिए थे।

हालांकि, संघीय अदालतों ने इन आदेशों को खारिज कर दिया। इसके बाद प्रशासन ने कंपनियों को पट्टे छोड़ने के बदले भुगतान करने की रणनीति अपनाई। इस नीति के खिलाफ सात डेमोक्रेटिक शासित राज्यों ने TotalEnergies के साथ हुए समझौते को लेकर मुकदमा दायर किया है। कैलिफोर्निया ने भी अपने केंद्रीय तट के पास प्रस्तावित पवन ऊर्जा परियोजना रद्द करने के समझौते को चुनौती देने की कानूनी प्रक्रिया शुरू करने का संकेत दिया है।

RWE दुनिया की प्रमुख नवीकरणीय ऊर्जा कंपनियों में शामिल है। यूरोप में उसके 18 अपतटीय पवन ऊर्जा संयंत्र संचालित हैं और कई अन्य निर्माणाधीन हैं।

कंपनी अमेरिका में ऑनशोर पवन ऊर्जा, सौर ऊर्जा और बैटरी परियोजनाओं के साथ गैस आधारित बिजली उत्पादन के क्षेत्र में भी सक्रिय है।

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