यूरोप में इस वर्ष (2026) रिकॉर्ड तोड़ गर्मी के कारण इटली में एयर कंडीशनिंग (कूलिंग सिस्टम) की मांग में भारी वृद्धि दर्ज की गई है। 1950 के बाद से यह इटली की सबसे गर्म गर्मी रही है, जिसमें औसत तापमान 24.3 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया और अगस्त में अब तक की सबसे अधिक तापमान वृद्धि दर्ज की गई। भीषण गर्मी के चलते बिजली की खपत भी नए रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गई, जहां जुलाई में कुल बिजली खपत 32.5 टेरावाट-घंटे दर्ज की गई और कुछ प्रमुख शहरों में ग्रिड पर दबाव के कारण स्थानीय आपूर्ति बाधित हुई। हालांकि देश में घरों में AC की पहुंच 2013 के 30% से बढ़कर 2024 में 56% हो चुकी है, लेकिन यह बढ़ती निर्भरता देश की ऊर्जा मांग, बुनियादी ढांचे और जलवायु परिवर्तन के प्रभावों से जुड़ी बड़ी चुनौतियों को उजागर करती है।
एनवायरमेंट पल्स डेस्क। यूरोप में बढ़ती रिकॉर्ड गर्मी की लहरों ने इटली में एयर कंडीशनिंग की मांग को तेजी से बढ़ा दिया है। तापमान के ऐतिहासिक स्तर तक पहुंचने के साथ देश में घरों और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों में कूलिंग सिस्टम लगाने और पुराने उपकरणों को अपग्रेड करने का सिलसिला तेज हुआ है। वर्ष 2026 की गर्मियों को रिकॉर्ड उपलब्ध होने के बाद से इटली की सबसे गर्म गर्मी बताया गया है।
1950 से उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, देश का औसत तापमान 24.3 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया। अकेले अगस्त में तापमान में सामान्य से अधिक वृद्धि का अब तक का सबसे बड़ा रिकॉर्ड दर्ज किया गया। भीषण गर्मी के कारण लोगों ने लंबे समय तक एयर कंडीशनर चलाए, जिससे बिजली की मांग भी नए स्तर पर पहुंच गई।
ग्रिड ऑपरेटर Terna के अनुसार, जुलाई में इटली की कुल बिजली खपत 32.5 टेरावाट-घंटे के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गई। गर्मी के चरम दौर में प्रति घंटे बिजली की मांग ने भी नए रिकॉर्ड बनाए। रोम, नेपल्स और ट्यूरिन समेत कुछ शहरों में स्थानीय स्तर पर बिजली आपूर्ति बाधित होने की खबरें भी सामने आईं।
इटली के घरों में एयर कंडीशनिंग की पहुंच पिछले एक दशक में काफी बढ़ी है। वर्ष 2013 में जहां 30 प्रतिशत से भी कम घरों में एयर कंडीशनिंग उपलब्ध थी, वहीं 2024 तक यह आंकड़ा बढ़कर 56 प्रतिशत हो गया। दक्षिणी क्षेत्रों, विशेषकर सिसिली में यह हिस्सेदारी और अधिक है। दक्षिणी यूरोप में बढ़ती गर्मी के बीच Samsung, Midea, Mitsubishi Electric और LG जैसे निर्माताओं ने एयर कंडीशनिंग सिस्टम की मांग में मजबूत वृद्धि दर्ज की है।
इटली समेत कई बाजारों में पोर्टेबल एयर कंडीशनर और ऐसे हीट पंप सिस्टम की मांग भी बढ़ी है, जिन्हें गर्मियों में ठंडक और सर्दियों में गर्मी के लिए इस्तेमाल किया जा सकता है। एयर कंडीशनिंग का बढ़ता इस्तेमाल इटली में एक महत्वपूर्ण सामाजिक बदलाव को भी दर्शाता है।
देश में पारंपरिक रूप से गर्मी से राहत के लिए पंखों, खुली खिड़कियों और बाहरी जीवनशैली पर अधिक निर्भरता रही है। लेकिन लगातार बढ़ते तापमान ने लोगों को आधुनिक कूलिंग सिस्टम अपनाने के लिए मजबूर किया है। हालांकि, एयर कंडीशनिंग के बढ़ते इस्तेमाल के साथ बिजली के बिल और ग्रिड पर दबाव भी बढ़ रहा है। गर्मियों के दौरान औसत घरेलू कूलिंग खर्च में वृद्धि हुई है। विशेषज्ञों का कहना है कि 2026 की शुरुआत में कुछ स्प्लिट-सिस्टम एयर कंडीशनरों की बिक्री पिछले वर्ष की तुलना में थोड़ी कमजोर रही, क्योंकि बड़ी संख्या में घरों में पहले से ही ये उपकरण मौजूद हैं।
इसके बावजूद, लगातार और अधिक तीव्र होती गर्मी की लहरों के कारण कूलिंग के लिए कुल ऊर्जा खपत लगातार बढ़ रही है। यूरोप वैश्विक औसत की तुलना में तेजी से गर्म हो रहा है। ऐसे में इटली में एयर कंडीशनिंग पर बढ़ती निर्भरता तत्काल गर्मी से राहत की जरूरत को तो दर्शाती ही है, साथ ही ऊर्जा मांग, बिजली के बुनियादी ढांचे और जलवायु परिवर्तन के अनुरूप भविष्य की तैयारी से जुड़ी बड़ी चुनौतियों को भी सामने लाती है।
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