इंडोनेशिया की नई निर्माणाधीन राजधानी नुसंतारा के पास जंगलों और पीटभूमि में लगी आग से पर्यावरण और स्वास्थ्य का गंभीर संकट पैदा हो गया है। आग के कारण वायु प्रदूषण (PM2.5 का स्तर अत्यधिक बढ़ना) खतरनाक स्तर पर पहुंच गया है, जिससे बच्चों और बुजुर्गों के स्वास्थ्य पर गंभीर खतरा मंडरा रहा है।
एनवायरमेंट पल्स डेस्क: इंडोनेशिया की निर्माणाधीन नई राजधानी नुसंतारा के आसपास जंगल और जमीन में लगी आग ने पर्यावरणीय और स्वास्थ्य संबंधी चिंताओं को बढ़ा दिया है।
सितंबर के मध्य में नुसंतारा के प्रशासनिक क्षेत्र के बाहरी हिस्सों में कई स्थानों पर आग दर्ज की गई। अधिकारियों के अनुसार, आग सरकारी भवनों वाले मुख्य क्षेत्र से करीब 30 से 40 किलोमीटर दूर थी।
9 सितंबर को नुसंतारा प्राधिकरण ने आग की पुष्टि करते हुए प्रभावित इलाकों में निगरानी और गश्त बढ़ाने की बात कही। 14 सितंबर को वानिकी मंत्री राजा जुली एंटोनी, आपदा प्रबंधन अधिकारियों और नुसंतारा प्राधिकरण के प्रतिनिधियों ने प्रभावित क्षेत्रों का निरीक्षण किया।
आग पर काबू पाने के लिए दमकलकर्मियों के साथ हेलीकॉप्टरों से भी पानी गिराया गया। निगरानी प्लेटफॉर्म FireWatch के आंकड़ों के अनुसार, 8 सितंबर तक दर्ज संभावित आग के हॉटस्पॉट की संख्या 2019 की समान अवधि से अधिक थी।
2019 इंडोनेशिया के गंभीर वनाग्नि वर्षों में शामिल रहा है। इंडोनेशिया में जुलाई से शुरू हुए शुष्क मौसम के दौरान कई क्षेत्रों में आग फैल रही है। बोर्नियो के कई पीटलैंड दशकों से जल निकासी और भूमि उपयोग परिवर्तन से प्रभावित हैं।
सूखी पीटभूमि में आग लंबे समय तक सुलग सकती है और तेज गर्मी तथा सूखे की स्थिति में तेजी से फैल सकती है। धुएं के कारण वायु प्रदूषण भी गंभीर चिंता बन गया है। पड़ोसी मध्य कालीमंतन के दक्षिण बारितो क्षेत्र में 14 सितंबर को 24 घंटे के दौरान PM2.5 का स्तर लगभग 600 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर तक पहुंच गया, जो विश्व स्वास्थ्य संगठन के 24 घंटे के 15 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर दिशानिर्देश से कई गुना अधिक था।
पर्यावरण विशेषज्ञों और स्थानीय निवासियों ने कहा है कि लगातार धुआं बच्चों, बुजुर्गों और पहले से बीमार लोगों के लिए विशेष जोखिम पैदा कर रहा है। नुसंतारा के आसपास के इलाकों में भी लोगों ने वायु प्रदूषण और स्वास्थ्य को लेकर चिंता जताई है।

