By using this site, you agree to the Privacy Policy and Terms of Use.
Accept
Environment PulseEnvironment PulseEnvironment Pulse
Notification Show More
Font ResizerAa
  • जल
  • जमीन
  • जंगल
  • जैव-विविधता
  • हवा
  • खनिज
  • ऊर्जा
  • ग्रीन जॉब
  • स्टोरी
  • इम्पैक्ट फीचर
  • विचार
  • वीडियो
Reading: उबलता यूरोप: जलवायु परिवर्तन ने बढ़ाई चिंता, हीट वेव, बाढ़ और सूखे से गहराया संकट
Share
Font ResizerAa
Environment PulseEnvironment Pulse
  • जल
  • जमीन
  • जंगल
  • जैव-विविधता
  • हवा
  • खनिज
  • ऊर्जा
  • ग्रीन जॉब
  • स्टोरी
  • इम्पैक्ट फीचर
  • विचार
  • वीडियो
Search
  • जल
  • जमीन
  • जंगल
  • जैव-विविधता
  • हवा
  • खनिज
  • ऊर्जा
  • ग्रीन जॉब
  • स्टोरी
  • इम्पैक्ट फीचर
  • विचार
  • वीडियो
Have an existing account? Sign In
Follow US
Environment Pulse > विचार > उबलता यूरोप: जलवायु परिवर्तन ने बढ़ाई चिंता, हीट वेव, बाढ़ और सूखे से गहराया संकट
विचार

उबलता यूरोप: जलवायु परिवर्तन ने बढ़ाई चिंता, हीट वेव, बाढ़ और सूखे से गहराया संकट

Environment Pulse
Last updated: July 2, 2026 5:49 pm
Environment Pulse
Published: July 2, 2026
Share
SHARE

मांगे राम चौहान

यूरोप जलवायु परिवर्तन का सबसे बड़ा दुष्प्रभाव झेल रहा है और वर्तमान में यह दुनिया का सबसे तेजी से गर्म होने वाला महाद्वीप बन चुका है। वर्ष 1990 की तुलना में यहां का औसत तापमान 2.19 से 2.26 डिग्री सेल्सियस तक बढ़ चुका है, जो वैश्विक औसत से लगभग दोगुना है। बढ़ते तापमान के कारण हीट वेव, बाढ़, सूखा, जंगल की आग और ग्लेशियरों के तेजी से पिघलने जैसी चरम मौसमी घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं। वर्ष 1980 से 2024 के बीच इन आपदाओं से करीब 4.41 लाख लोगों की मौत हुई, जबकि 822 अरब यूरो से अधिक का आर्थिक नुकसान दर्ज किया गया। यूरोप में हीट वेव सबसे गंभीर चुनौती बनकर उभरी है।

वर्ष 2003, 2022 और 2025-26 की भीषण गर्मी के दौरान हजारों लोगों की जान गई। स्पेन, इटली, फ्रांस और ग्रीस जैसे देशों में 40 से 45 डिग्री सेल्सियस तापमान सामान्य होता जा रहा है। इससे हृदय रोग, श्वास संबंधी बीमारियां, डिहाइड्रेशन और मानसिक स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं बढ़ रही हैं। वृद्ध, बच्चे और श्रमिक सबसे अधिक प्रभावित हो रहे हैं। विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसार, यदि हालात नहीं बदले तो वर्ष 2050 तक गर्मी से हर साल लगभग 1.20 लाख मौतें हो सकती हैं। बढ़ते तापमान के साथ बाढ़ और अत्यधिक वर्षा की घटनाओं में भी तेजी आई है। वर्ष 2024 में पोलैंड, चेक गणराज्य और ऑस्ट्रिया सहित मध्य यूरोप के कई हिस्सों में विनाशकारी बाढ़ ने व्यापक तबाही मचाई। वहीं दक्षिणी यूरोप में सूखा और जंगल की आग लगातार गंभीर होती जा रही है। स्पेन, पुर्तगाल और ग्रीस में जल संकट गहराने से कृषि प्रभावित हुई है और जैतून, अंगूर समेत कई फसलों का उत्पादन घटा है। आल्प्स क्षेत्र के ग्लेशियर तेजी से सिकुड़ रहे हैं। स्विट्जरलैंड के ग्लेशियर वर्ष 2015 के बाद लगभग एक-चौथाई तक पिघल चुके हैं, जिससे समुद्र का जलस्तर बढ़ रहा है और नीदरलैंड, वेनिस सहित कई तटीय क्षेत्रों पर खतरा मंडरा रहा है। जलवायु परिवर्तन का असर कृषि, पर्यटन, ऊर्जा और बीमा क्षेत्रों पर भी साफ दिखाई दे रहा है।

वर्ष 2023 में अकेले चरम मौसमी घटनाओं से 45 अरब यूरो का आर्थिक नुकसान हुआ। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि ग्रीनहाउस गैसों के उत्सर्जन में तत्काल कमी नहीं लाई गई और जलवायु अनुकूलन उपायों को प्रभावी ढंग से लागू नहीं किया गया, तो आने वाले वर्षों में स्थिति और गंभीर हो सकती है। यूरोप का मौजूदा संकट पूरी दुनिया के लिए स्पष्ट चेतावनी है कि अनियंत्रित विकास और पर्यावरण की अनदेखी का परिणाम मानव जीवन, अर्थव्यवस्था और पारिस्थितिकी तंत्र पर भारी पड़ रहा है।

(लेखक उत्तर प्रदेश राज्य सेवा के वरिष्ठ अधिकारी और पर्यावरण मामलों के गहरे जानकार हैं।)

You Might Also Like

विकास हो लेकिन पर्यावरण की इतनी भारी कीमत पर नहीं
Share This Article
Facebook Whatsapp Whatsapp LinkedIn Email Copy Link Print
Leave a Comment

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Follow US

Find US on Social Medias
FacebookLike
XFollow
InstagramFollow
YoutubeSubscribe
LinkedInFollow
Popular News
इम्पैक्ट फीचरऊर्जाखनिजग्रीन जॉबजंगल

18 Top Fall Fashion Trends from New York Fashion

ckitadmin
ckitadmin
September 9, 2021
इलेक्ट्रिक वाहनों पर 30, 50 हजार और एक लाख रुपये तक की सब्सिडी
सभी विभाग अपनी छतों पर शीघ्र लगवाएं सोलर पैनल : मुख्य सचिव
8 Reasons Your Best Friend Makes The Best Shopping Partner
9 Awesome Destinations for Solo Female Travelers

Categories

  • जल
  • जमीन
  • जंगल
  • जैव-विविधता
  • हवा
  • खनिज
  • ऊर्जा
  • ग्रीन जॉब
  • स्टोरी
  • इम्पैक्ट फीचर
  • वीडियो

About US

Environmentpulse.com is a bilingual (Hindi-English) news platform that presents high-quality news, views, and videos related to the environment.
Quick Link
  • ग्रीन जॉब
  • ऊर्जा
  • खनिज
  • जैव-विविधता
  • जंगल
Top Categories
  • My Bookmark
  • Contact
  • Privacy Policy
Environment PulseEnvironment Pulse
© Foxiz News Network. Ruby Design Company. All Rights Reserved.
Welcome Back!

Sign in to your account

Username or Email Address
Password

Lost your password?