यूपी रिन्यूएबल एनर्जी कॉन्फ्रेंस 2026-
लखनऊ में आयोजित सेंटर फॉर एग्रीकल्चर एंड रूरल डेवलपमेंट की तीसरी कांफ्रेंस में ऊर्जा विशेषज्ञों ने किया महामंथन

एनवायरमेंट पल्स डेस्क
उत्तर प्रदेश की राजधानी में आयोजित उत्तर प्रदेश रिन्यूएबल एनर्जी कॉन्फ्रेंस-2026 में हरित ऊर्जा, सौर परियोजनाओं, निवेश और नई तकनीकों पर व्यापक चर्चा हुई। विशेषज्ञों ने स्वच्छ ऊर्जा के विस्तार, सरकारी नीतियों और उद्योगों के सहयोग पर जोर दिया।
गोमतीनगर स्थित इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में आयोजित उत्तर प्रदेश रिन्यूएबल एनर्जी कॉन्फ्रेंस एंड एक्सपो 2026 की शुरुआत ऊर्जा विशेषज्ञों, नीति-निर्माताओं, उद्योग जगत के प्रतिनिधियों की उपस्थिति में हुई। सेंटर फॉर एग्रीकल्चर एंड रूरल डेवलपमेंट (सीएआरडी) द्वारा आयोजित यह इस तरह का तीसरा आयोजन था।
सम्मेलन में आयोजित प्रदर्शनी में नवीकरणीय ऊर्जा से जुड़ी आधुनिक तकनीकों और नवाचारों का प्रदर्शन किया गया। इस दौरान टाटा सोलर कंपनी की चैनल पार्टनर सोलर सर्विसेज कंपनी सत्या सोलर को उत्तर प्रदेश में उच्च दक्षता वाली सौर ऊर्जा परियोजनाओं में उत्कृष्ट योगदान के लिए सम्मानित किया गया। कंपनी के डायरेक्टर पार्थ गुप्ता को स्वच्छ ऊर्जा क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्यों और उसे नेतृत्व देने के लिए यह सम्मान दिया गया।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि यूपीनेडा के निदेशक रविंदर सिंह ने कहा कि नवीकरणीय ऊर्जा आधुनिक और नई तकनीकों पर आधारित है। नई तकनीक में नए लोगों के लिए हमेशा अवसर होते हैं। प्रदेश के युवाओं को ये अवसर अधिक से अधिक संख्या में दिए जा रहे हैं। यूपी सोलर पालिसी-2022 के प्रावधानों का विस्तृत रूप से जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि हमें सौर ऊर्जा उत्पादन के लक्ष्य को हर कीमत पर प्राप्त करना है। इसके लिए इस फील्ड के सभी हितधारकों को आगे आकर अच्छा काम करना होगा। यूपीनेडा निदेशक ने कहा कि हम सौर ऊर्जा उत्पादन के किसी भी अभियान से जुड़े हों, हमें क्लाइमेट चेंज की चुनौतियों से तो निपटना है ही, साथ ही साथ खुद को आर्थिक विकास की प्रमुख कहानियों का हिस्सा भी बनाना है।
यूपीनेडा के सचिव पंकज सिंह ने कहा कि भविष्य नवीकरणीय ऊर्जा का है। उन्होंने सीएआरडी के कार्यों की सराहना करते हुए विस्तार से बताया कि हमें 2070 तक नेट जीरो का लक्ष्य पाने के लिए अभी से क्या-क्या उपाय करने होंगे?
सीएआरडी के चेयरमैन एमेरिटस और उत्तर प्रदेश के पूर्व कृषि उत्पादन आयुक्त डॉ. अनीस अंसारी ने कहा कि अगर हमें पर्यावरण क्षरण को रोकना है तो नवीकरणीय ऊर्जा को अपनाना ही होगा। उन्होंने कहा कि सीएआरडी लोगों में जागरूकता फैलाने को जो कार्य कर रहा है, उस तरह के कार्य सभी को करने चाहिए।
सम्मेलन के उद्घाटन सत्र में सीएआरडी (कार्ड) के एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर डॉ. अरिंदम रॉय, रीजनल डायरेक्टर शोभित श्रीवास्तव, सिडबी के महाप्रबंधक जय कुमार गुप्ता के अलावा केकेएल वेंचर्स के निदेशक अक्षत जैन, इंडो अमेरिकन चैम्बर ऑफ कॉमर्स के अध्यक्ष मुकेश बहादुर सिंह आदि प्रमुख रूप से मौजूद रहे। सम्मेलन में थ्रीईए ग्लोबल ने नॉलेज पार्टनर के रूप में सहभागिता की। कंपनी के सीईओ डॉ. विभोर मिश्रा भी इस मौके पर उपस्थित रहे।
उद्घाटन सत्र के बाद संपन्न टेक्निकल सत्रों में लॉर्ड्स सोलर के श्याम रस्तोगी, यूपीनेडा के कन्सल्टेंट सुजीत चौबे, आईआईटी कानपुर के प्रोफेसर प्रबोध बाजपेयी, यूपी सरकार के ऊर्जा सलाहकार डॉ. पीएस ओझा, सत्या सोलर के निदेशक पार्थ गुप्ता, विश्वबैंक के रिसोर्स-पर्सन अविनाश तिवारी, सिडबी के प्रतिनिधि सैय्यद फरहान इमाम, केएलके वेंचर्स के पंकज पुरोहित, यूपीनेडा के सलाहकार गिरीश कुमार, द एनर्जी एंड रिसोर्सेज इंस्टीट्यूट (टेरी) के प्रतिनिधि सचिन सिंह, रुद्राक्ष एक्सएन के एमडी एकर्ष अवस्थी, एनर्जी ट्रांजिशन एक्सपर्ट अशोक श्रीवास्तव आदि ने प्रमुख रूप से भाग लिया।


