
वैज्ञानिक ज्ञान को सामाजिक सुरक्षा में बदलने का दोहराया संकल्प
एनवायरमेंट पल्स डेस्क
नई दिल्ली। पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय ने नई दिल्ली स्थित पृथ्वी भवन में अपना 20वां स्थापना दिवस मनाया। यह अवसर पृथ्वी प्रणाली विज्ञान, मौसम पूर्वानुमान, समुद्र विज्ञान और ध्रुवीय अनुसंधान में दो दशकों के योगदान का उत्सव मनाया गया।
इस मौके पर आयोजित समारोह की अध्यक्षता करते हुए मंत्रालय की सचिव डॉ. एन. कलाईसेल्वी ने कहा कि यह मंत्रालय देश के लिए एक अपरिहार्य स्तंभ है। उन्होंने कहा, “मंत्रालय डेटा प्रदाता, ‘मिशन मौसम’ के जरिए सेवा प्रदाता और ‘डीप ओशन मिशन’ के माध्यम से प्रौद्योगिकी प्रदाता के रूप में कार्य कर रहा है।” उन्होंने युवाओं की ऊर्जा और 150 साल पुराने भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) जैसे घटक संस्थानों के अनुभव के समन्वय को सराहा।
इस मौके पर जनसेवा और पूर्वानुमान क्षमताओं को बढ़ाने के लिए कई तकनीकी अनुप्रयोग और रिपोर्ट जारी की गईं।
IMD की पहलें: आंधी-तूफान, मरुस्थल और पर्वतीय मौसम अनुसंधान के लिए देशभर में 13 उत्कृष्टता केंद्र स्थापित होंगे। ‘IMD नोवा’ वेब प्लेटफॉर्म लॉन्च किया गया तथा जिला स्तर पर मौसम-आधारित पशु रोग जोखिम पूर्वानुमान के लिए ICAR-NIVEDI के साथ समझौता हुआ।
NCMRWF: मौसम पूर्वानुमान के लिए ‘विंग्स’ (WINGS) मोबाइल ऐप, ‘राष्ट्रीय डॉप्लर मौसम रडार मोज़ेक’ और अपडेटेड ओपन डेटा पोर्टल का शुभारंभ।
भूकंप विज्ञान (NCS): ‘स्ट्रॉन्ग मोशन एटलस (2010–2020)’ तथा मासिक भूकंप बुलेटिनों का संकलन जारी।
तटीय व समुद्री नवाचार (NCCR & CMLRE): समुद्री कचरे की पहचान व तटों की सफाई के लिए AI-आधारित ‘सागर प्रहरी’ ऐप लॉन्च किया गया।
समुद्री प्रौद्योगिकी (NIOT): आंध्र प्रदेश में बैलास्ट जल उपचार परीक्षण सुविधा का उद्घाटन और स्नातक विद्यार्थियों के लिए ‘ओशन ओलंपियाड इंडिया 2026’ की शुरुआत।
समारोह में पद्मश्री डॉ. ए. ई. मुथुनायगम, डॉ. चंद्रमौली गद्दामनुगु और IMD के महानिदेशक डॉ. मृत्युंजय महापात्रा सहित कई वरिष्ठ वैज्ञानिक उपस्थित रहे। सभी ने वैज्ञानिक ज्ञान को सामाजिक सुरक्षा में बदलने का संकल्प दोहराया।
(Photo : PIB)

