By using this site, you agree to the Privacy Policy and Terms of Use.
Accept
Environment PulseEnvironment PulseEnvironment Pulse
Notification Show More
Font ResizerAa
  • ईको सिस्टम
    • जल
    • जंगल
    • जमीन
    • हवा
    • खनिज
    • जैव-विविधता
    • गतिविधियां
  • कचरा-प्रबंधन
    • ग्रीन बिजनेस
    • रीसाइकलिंग
    • इन्नोवेशन
    • इनिशिएटिव्स
  • फ्यूचर ग्रीन
    • ऊर्जा
    • सस्टेनिबिलिटी
    • इलेक्ट्रिक व्हीकल
    • कृषि एवं खाद्य
  • ओपिनियन
    • विचार
    • इम्पैक्ट फीचर
    • स्टोरी
  • मल्टीमीडिया
    • वीडियो
Reading: बारिश न होने से संकट में खरीफ सीजन, सरकार ने कहा-कम पानी वाली फसलें बोएं किसान
Share
Font ResizerAa
Environment PulseEnvironment Pulse
  • ईको सिस्टम
  • कचरा-प्रबंधन
  • फ्यूचर ग्रीन
  • ओपिनियन
  • मल्टीमीडिया
Search
  • ईको सिस्टम
    • जल
    • जंगल
    • जमीन
    • हवा
    • खनिज
    • जैव-विविधता
    • गतिविधियां
  • कचरा-प्रबंधन
    • ग्रीन बिजनेस
    • रीसाइकलिंग
    • इन्नोवेशन
    • इनिशिएटिव्स
  • फ्यूचर ग्रीन
    • ऊर्जा
    • सस्टेनिबिलिटी
    • इलेक्ट्रिक व्हीकल
    • कृषि एवं खाद्य
  • ओपिनियन
    • विचार
    • इम्पैक्ट फीचर
    • स्टोरी
  • मल्टीमीडिया
    • वीडियो
Have an existing account? Sign In
Follow US
Environment Pulse > फ्यूचर ग्रीन > कृषि एवं खाद्य > बारिश न होने से संकट में खरीफ सीजन, सरकार ने कहा-कम पानी वाली फसलें बोएं किसान
कृषि एवं खाद्यजमीन

बारिश न होने से संकट में खरीफ सीजन, सरकार ने कहा-कम पानी वाली फसलें बोएं किसान

Environment Pulse
Last updated: September 5, 2026 4:33 pm
Environment Pulse
Published: July 2, 2026
Share
SHARE

कृषि विभाग ने जारी की किसानों के लिए विशेष एडवाइजरी

सिंचाई के लिए कम पानी के इस्तेमाल वाली फसलें बोने की अपील

एनवायरमेंट पल्स डेस्क

लखनऊ। प्रदेश में सामान्य से कम बारिश ने किसानों के साथ-साथ सरकार के भी पेशानी पर बल डाल दिए हैं। मौसम विभाग का आकलन है कि इस बार औसत से 56 फीसदी कम बारिश हुई है। इसके चलते खरीफ के फसल पर संकट मंडराने लगा है। ऐसे में कृषि विभाग ने किसानों से अपील की है कि वे धान की जगह ऐसी फसलें बोएं, जिन्हें कम पानी की जरूरत होती है। जैसे-मक्का, तिल, उर्द, मूंग, अरहर जैसी फसलें। इन फसलों में धान की अपेक्षा बहुत ही कम पानी की जरूरत होती है।

प्रदेश के किसानों के लिए जारी अपनी विशेष एडवाइजरी में कृषि विभाग ने कहा है कि धान की खेती उसी जगह करें, जहां सिंचाई के पर्याप्त साधन मौजूद हों। चूंकि धान एक वर्षा-आधारित फसल है, इसलिए इसकी खेती से यथासंभव बचें।

अपनी एडवाइजरी में कृषि विभाग श्रीअन्न या मिलेट को धान का सर्वोत्तम विकल्प बताया है। श्रीअन्न में ज्वार, बाजरा, सांवा, कोदो आते हैं। एडवाइजरी में मक्के की खेती को प्राथमिकता देने के लिए भी किसानों से अपील की गई है।

इस समय प्रदेश के सभी 75 जिले कम वर्षा से प्रभावित हैं। अल-निनो के दुष्प्रभाव के चलते मानसून कमजोर हुआ है। इसके कारण कृषि विभाग को किसानों से यह अपील करनी पड़ी है।

You Might Also Like

आर्थिक संवाद से आगे बढ़कर पर्यावरणीय शासन पर फोकस बढ़ा रहा BRICS: भारत
When El Niño Meets a Warming Planet: The Real Cost to Global Agriculture
मानसून ने मचाई तबाही: असम से यूपी तक बाढ़ का कहर
जर्मनी में गर्मी का कहर: 2026 की भीषण गर्मी ने ली 14,000 जानें
जलवायु संकट पर चुप्पी: बर्नहम आखिर इस मुद्दे से कतरा क्यों रहे हैं?
TAGGED:Khareef advisoryKhareef cropKhareef season
Share This Article
Facebook Whatsapp Whatsapp LinkedIn Email Copy Link Print
Leave a Comment

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Follow US

Find US on Social Medias
FacebookLike
XFollow
InstagramFollow
YoutubeSubscribe
LinkedInFollow
Popular News
AI Image
जैव-विविधता

Andhra Pradesh Launches Survey to Save the “Rare Jewel of the Eastern Ghats” — the Peacock Tarantula

Environment Pulse
Environment Pulse
September 10, 2026
Domestic Greenery adds to the environment
भारत ने पार किया 300 गीगावाट अक्षय ऊर्जा का आंकड़ा: जलवायु लक्ष्यों के लिए अहम
झारखंड में ‘जीरो कोल लीकेज प्लान’ लागू करने का निर्देश
बारिश की कमी का असर: भारत में खरीफ की बुआई पिछले साल के मुकाबले करीब 39 लाख हेक्टेयर कम

Categories

  • जल
  • जमीन
  • जंगल
  • जैव-विविधता
  • हवा
  • खनिज
  • ऊर्जा
  • ग्रीन जॉब
  • स्टोरी
  • इम्पैक्ट फीचर
  • वीडियो

About US

Environmentpulse.com is a bilingual (Hindi-English) news platform that presents high-quality news, views, and videos related to the environment.
Quick Link
  • ऊर्जा
  • खनिज
  • जैव-विविधता
  • जंगल
Top Categories
  • My Bookmark
  • Contact
  • Privacy Policy
Environment PulseEnvironment Pulse
© Pratham Publisher and Informatics Private Limited. All Rights Reserved. | Developed By: Tech Yard Labs
Welcome Back!

Sign in to your account

Username or Email Address
Password

Lost your password?