एनवायरमेंट पल्स डेस्क। पीले सागर (Yellow Sea) के बढ़ते समुद्री तापमान से दक्षिण कोरिया की ओर बढ़ने वाले मौसमी तूफान अधिक शक्तिशाली और विनाशकारी होते जा रहे हैं।
हालिया मौसम संबंधी आकलनों के अनुसार, गर्म समुद्री पानी तूफानों को अतिरिक्त गर्मी और नमी उपलब्ध करा रहा है, जिससे उनकी तीव्रता बढ़ रही है और भारी बारिश की घटनाएं भी अधिक गंभीर हो रही हैं।
वैज्ञानिकों के मुताबिक, चीन और कोरियाई प्रायद्वीप के बीच स्थित पीला सागर हाल के वर्षों में समुद्र की सतह के असामान्य रूप से अधिक तापमान का सामना कर रहा है।
यह गर्म पानी तूफानों के लिए अतिरिक्त ऊर्जा का स्रोत बन रहा है। इसके कारण कोरियाई प्रायद्वीप के करीब पहुंचने से पहले तूफान अधिक ताकत हासिल कर रहे हैं।
दक्षिण कोरिया में इसका असर तेज हवाओं, अत्यधिक बारिश और अचानक बाढ़ के बढ़ते खतरे के रूप में देखा जा रहा है। निचले इलाकों और तटीय शहरों के लिए जोखिम और अधिक बढ़ जाता है, क्योंकि शक्तिशाली तूफानों के साथ समुद्री जलस्तर बढ़ने और तूफानी लहरों का खतरा भी बना रहता है।
मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि समुद्र का बढ़ता तापमान जलवायु परिवर्तन से जुड़े व्यापक वैश्विक रुझान का हिस्सा है। गर्म समुद्र मौजूदा तूफानों को अधिक ताकत देने के साथ-साथ उनके मार्ग और प्रभाव की अवधि को भी प्रभावित कर सकते हैं। दक्षिण कोरियाई अधिकारी स्थिति पर लगातार नजर रख रहे हैं। संभावित आपदाओं से निपटने के लिए शुरुआती चेतावनी प्रणालियों और आपदा प्रबंधन तैयारियों को मजबूत किया जा रहा है।
विशेषज्ञों ने पीले सागर के बढ़ते तापमान और पूर्वी एशिया के मौसम के बीच संबंधों पर निरंतर शोध की जरूरत पर जोर दिया है। उनका कहना है कि तटीय आबादी और महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे को भविष्य में अधिक शक्तिशाली तूफानों से बचाने के लिए दीर्घकालिक जलवायु अनुकूलन रणनीतियां विकसित करना जरूरी होगा।
पीले सागर में बढ़ता तापमान इस बात का संकेत है कि गर्म होते महासागर किस तरह पूर्वी एशिया में मौसम की चरम घटनाओं को प्रभावित कर रहे हैं। दक्षिण कोरिया जैसे घनी आबादी वाले तटीय देशों के लिए यह बदलती जलवायु परिस्थितियों के बीच नई चुनौती बनकर उभर रहा है।
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