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Environment Pulse > ईको सिस्टम > जैव-विविधता > करीब एक सदी बाद मध्य प्रदेश के जंगलों में लौटी जंगली भैंस, तीन साल में 50 को बसाने का लक्ष्य
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जैव-विविधता

करीब एक सदी बाद मध्य प्रदेश के जंगलों में लौटी जंगली भैंस, तीन साल में 50 को बसाने का लक्ष्य

Environment Pulse
Last updated: October 17, 2026 7:44 pm
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Published: October 17, 2026
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मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कान्हा टाइगर रिजर्व के सुपखार रेंज में आठ जंगली भैंसों (छह मादा, दो नर) को 17 हेक्टेयर के बाड़े में छोड़ा है। इन्हें असम के काजीरंगा राष्ट्रीय उद्यान से लगभग 2,200 किमी दूर मध्य प्रदेश लाया गया था, क्योंकि यह प्रजाति करीब एक सदी पहले यहाँ से लुप्त हो गई थी। इस ऐतिहासिक पहल के तहत अगले तीन वर्षों में कुल 50 जंगली भैंसों को बसाने का लक्ष्य है, जिसका उद्देश्य राज्य में जैव विविधता को बहाल करना और वन्यजीव संरक्षण को मजबूत करना है।

एनवायरमेंट पल्स डेस्क :  वन्यजीव संरक्षण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने रविवार को कान्हा टाइगर रिजर्व के सुपखार रेंज में आठ जंगली भैंसों को 17 हेक्टेयर के बाड़े में छोड़ा। इसके साथ ही करीब एक सदी बाद यह प्रजाति मध्य प्रदेश के जंगलों में फिर से लौट आई है।

इस समूह में छह मादा और दो नर जंगली भैंस शामिल हैं। इन्हें पहले एक हेक्टेयर के छोटे क्वारंटीन बाड़े में रखा गया था, जहां उन्होंने स्थानीय परिस्थितियों के अनुकूल ढलने की प्रक्रिया पूरी की। इन भैंसों को असम के काजीरंगा राष्ट्रीय उद्यान से दो चरणों में मध्य प्रदेश लाया गया था।

पहली खेप 28 अप्रैल और दूसरी 9 मई 2026 को पहुंची। इस दौरान लगभग 2,200 किलोमीटर की दूरी तय की गई। इस स्थानांतरण में असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने सहयोग किया। जंगली भैंस (Bubalus arnee) लगभग 100 वर्ष पहले मध्य प्रदेश के जंगलों से लुप्त हो गई थी।

वन अधिकारियों ने ऐतिहासिक साक्ष्यों के आधार पर सुपखार क्षेत्र को इस प्रजाति के पुनर्वास के लिए चुना। बड़े बाड़े में इनकी गतिविधियों, स्वास्थ्य और स्थानीय वातावरण के अनुकूलन पर नजर रखी जाएगी। इसके बाद मानसून के बाद इन्हें धीरे-धीरे प्राकृतिक आवास में छोड़ने की योजना है। मध्य प्रदेश सरकार ने अगले तीन वर्षों में कुल 50 जंगली भैंसों को फिर से बसाने का लक्ष्य निर्धारित किया है।

इस पहल का उद्देश्य क्षेत्र में जैव विविधता को बहाल करना और वन्यजीव संरक्षण को मजबूत करना है। मुख्यमंत्री मोहन यादव ने इसे पुनर्वास कार्यक्रम के दूसरे चरण की शुरुआत बताया। उन्होंने कहा कि राज्य में अन्य वन्यजीव प्रजातियों के पुनर्स्थापन पर भी काम किया जा रहा है। यह परियोजना वन्यजीव संरक्षण में अंतरराज्यीय सहयोग का उदाहरण है।

इसके माध्यम से मध्य प्रदेश के उन प्राकृतिक क्षेत्रों में जंगली भैंसों की व्यवहार्य आबादी फिर से स्थापित करने का प्रयास किया जा रहा है, जहां कभी इनकी मौजूदगी थी।

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TAGGED:Bubalus arnee ConservationKanha Tiger Reserve SuphkharKaziranga National Park AssamWild Buffalo Relocation Madhya Pradesh
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