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Environment Pulse > ईको सिस्टम > जैव-विविधता > विलुप्त ‘अमेरिकन चीता’ असल में प्यूमा का करीबी रिश्तेदार था, चीता नहीं
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जैव-विविधता

विलुप्त ‘अमेरिकन चीता’ असल में प्यूमा का करीबी रिश्तेदार था, चीता नहीं

Environment Pulse
Last updated: September 29, 2026 5:21 pm
Environment Pulse
Published: September 29, 2026
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प्राचीन डीएनए के हालिया विश्लेषण से पता चला है कि विलुप्त ‘अमेरिकन चीता’ (Miracinonyx trumani) आधुनिक चीतों का नहीं, बल्कि प्यूमा का करीबी रिश्तेदार था। यह प्रजाति हिमयुग के दौरान उत्तरी आर्कटिक क्षेत्रों से लेकर दक्षिणी घास के मैदानों तक फैली हुई थी और क्षेत्रीय परिस्थितियों के अनुसार मछलियों जैसे जलीय जीवों का भी शिकार करती थी। अभिसारी विकास (convergent evolution) के कारण इसकी शारीरिक बनावट चीते जैसी दिखती थी, लेकिन यह आज के प्यूमा की तरह अत्यधिक अनुकूलनशील थी।

एनवायरमेंट पल्स डेस्क:  प्राचीन डीएनए के नए विश्लेषण ने विलुप्त बिल्ली प्रजाति Miracinonyx trumani की कहानी को नए सिरे से सामने रखा है। आम तौर पर ‘अमेरिकन चीता’ के नाम से पहचानी जाने वाली यह प्रजाति आधुनिक चीतों की करीबी रिश्तेदार नहीं थी, बल्कि आज के प्यूमा (Puma concolor) की बहन प्रजाति थी।

शोध से यह भी पता चला है कि यह अनुमान से कहीं अधिक अनुकूलनशील शिकारी थी। 4 सितंबर 2026 को Current Biology में प्रकाशित अध्ययन का नेतृत्व यूनिवर्सिटी ऑफ कैलिफोर्निया, सांता क्रूज़ की पेलियोजेनोमिक्स लैब की पीएचडी शोधार्थी मौली कैसैट-जॉनस्टोन ने किया।

वैज्ञानिकों ने चार जीवाश्मों से न्यूक्लियर जीनोम का अनुक्रमण किया। इनमें एक जीवाश्म वायोमिंग की नेचुरल ट्रैप केव से करीब 23,500 वर्ष पुराना था, जबकि कनाडा के युकोन क्षेत्र की ब्लूफिश केव्स से मिले तीन जीवाश्म लगभग 31,000 से 34,000 वर्ष पुराने थे। आनुवंशिक विश्लेषण से स्पष्ट हुआ कि M. trumani बिल्ली परिवार के प्यूमा वाले वंश से संबंधित थी।

इसके और आधुनिक प्यूमा के पूर्वज लगभग 26 लाख वर्ष पहले अलग हुए थे। इसके विपरीत, इसका अफ्रीकी और एशियाई चीतों (Acinonyx jubatus) के साथ साझा पूर्वज करीब 47 लाख वर्ष पहले था। इस प्रजाति का पतला शरीर, लंबी टांगें और अपेक्षाकृत बड़ी नासिका गुहाएं लंबे समय तक इसे तेज गति से शिकार करने वाले चीते जैसे शिकारी से जोड़ती रही थीं।

लेकिन नए निष्कर्ष बताते हैं कि ये समानताएं अभिसारी विकास (convergent evolution) का परिणाम थीं। यानी समान पर्यावरणीय दबावों के कारण अलग-अलग प्रजातियों में स्वतंत्र रूप से समान शारीरिक विशेषताएं विकसित हुईं। कैसैट-जॉनस्टोन के अनुसार, ये बिल्लियां आज के प्यूमा की तरह विभिन्न परिस्थितियों में खुद को ढालने में सक्षम थीं।

शोधकर्ताओं ने उन जीनों में कार्य-क्षमता समाप्त करने वाले आनुवंशिक बदलाव भी पाए, जो शरीर की जैविक घड़ी और दैनिक लय को नियंत्रित करते हैं। इससे उत्तरी क्षेत्रों में अत्यधिक मौसमी दिन-रात के चक्रों के अनुकूलन के संकेत मिलते हैं।

युकोन से मिले जीवाश्मों ने M. trumani के ज्ञात भौगोलिक विस्तार को 20 डिग्री से अधिक अक्षांश तक बढ़ा दिया। इससे पता चलता है कि यह प्रजाति हिमयुग के बेरिंगिया क्षेत्र के आर्कटिक स्टेपी-टुंड्रा वातावरण में भी रहती थी।

हड्डियों में मौजूद कोलेजन के स्थिर समस्थानिकों के विश्लेषण से इसके भोजन में क्षेत्रीय अंतर का भी पता चला। वायोमिंग जैसे दक्षिणी इलाकों की आबादी मुख्य रूप से स्थलीय शाकाहारी जानवरों का शिकार करती थी, जबकि उत्तरी आबादी जलीय जीवों, खासकर मछलियों और संभवतः सैल्मन, पर काफी निर्भर थी। यह आहार संबंधी लचीलापन प्रजाति को समशीतोष्ण घास के मैदानों से लेकर आर्कटिक क्षेत्रों तक अलग-अलग पारिस्थितिक वातावरण में रहने में सक्षम बनाता था।

वयस्क M. trumani की नाक से पूंछ तक लंबाई लगभग 2.4 मीटर, कंधे तक ऊंचाई करीब 90 सेंटीमीटर और वजन लगभग 70 किलोग्राम रहा होगा। यह प्रजाति करीब 25 लाख वर्ष पहले अस्तित्व में आई और लगभग 13,000 से 16,000 वर्ष पहले अंतिम हिमयुग के अंत के आसपास विलुप्त हो गई। वैज्ञानिकों का कहना है कि ‘अमेरिकन चीता’ नाम भ्रामक है। यह नाम न केवल इसे आधुनिक चीते का करीबी रिश्तेदार बताता है, बल्कि यह भी संकेत देता है कि यह अत्यधिक तेज गति से शिकार करने वाला विशेषज्ञ शिकारी था। आनुवंशिक और आहार संबंधी नए प्रमाण इन दोनों धारणाओं का समर्थन नहीं करते।

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