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इथियोपिया में हरित क्रांति: 48 अरब से अधिक पौधे लगाए, 2030 तक 50 अरब का लक्ष्य

Environment Pulse
Last updated: October 21, 2026 1:38 pm
Environment Pulse
Published: October 21, 2026
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अफ्रीकी देश इथियोपिया ने ‘ग्रीन लेगेसी इनिशिएटिव’ के तहत बड़े पैमाने पर वृक्षारोपण करके पर्यावरण संरक्षण की दिशा में ऐतिहासिक प्रगति की है। वर्ष 2019 में शुरू किए गए इस अभियान के तहत अब तक 48 अरब से अधिक पौधे लगाए जा चुके हैं और देश 2030 तक 50 अरब पौधे लगाने के अपने लक्ष्य के बेहद करीब पहुँच गया है। अगस्त 2026 में एक ही दिन 2.6 करोड़ से अधिक नागरिकों ने मिलकर 80 करोड़ से ज्यादा पौधे लगाए।

एनवायरमेंट पल्स डेस्क : अफ्रीकी देश इथियोपिया ने बड़े पैमाने पर वृक्षारोपण अभियान के जरिए पर्यावरण संरक्षण की दिशा में महत्वपूर्ण प्रगति दर्ज की है। सरकार के अनुसार, वर्ष 2019 में शुरू किए गए ‘ग्रीन लेगेसी इनिशिएटिव’ के तहत अब तक 48 अरब से अधिक पौधे लगाए जा चुके हैं।

इसके साथ ही देश वर्ष 2030 तक 50 अरब पौधे लगाने के महत्वाकांक्षी लक्ष्य के करीब पहुंच गया है। सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, अगस्त 2026 में एक ही दिन 2.6 करोड़ से अधिक नागरिकों ने मिलकर 80 करोड़ से ज्यादा पौधे लगाए। इस अभियान में हर साल करोड़ों लोगों की भागीदारी सुनिश्चित की जा रही है।

इसका उद्देश्य वन क्षेत्र बढ़ाने के साथ मिट्टी के कटाव को कम करना, जल संसाधनों का संरक्षण करना और जलवायु परिवर्तन के प्रभावों से निपटने की क्षमता विकसित करना है। इथियोपिया में इस अभियान को वन क्षेत्र में वृद्धि से जोड़कर देखा जा रहा है। उपलब्ध आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, देश में वन क्षेत्र 2019 के लगभग 17 प्रतिशत से बढ़कर 2023 तक 23.6 प्रतिशत हो गया। इसके अलावा, वर्ष 2013 से 2023 के बीच वनों की कटाई की वार्षिक दर में भी उल्लेखनीय गिरावट दर्ज की गई।

इस अवधि में यह दर 92,000 हेक्टेयर से घटकर लगभग 28,000 हेक्टेयर रह गई। निगरानी वाले क्षेत्रों में कृषि भूमि पर मिट्टी के कटाव और जल निकायों में पहुंचने वाली गाद की मात्रा में भी कमी दर्ज की गई है। इससे भूमि की गुणवत्ता और जल संसाधनों के संरक्षण के प्रयासों को बल मिलने की उम्मीद है। ग्रीन लेगेसी इनिशिएटिव केवल वन क्षेत्र बढ़ाने तक सीमित नहीं है। कार्यक्रम में अब एवोकाडो, आम और पपीते जैसे फलदार पौधों को भी शामिल किया गया है। इससे छोटे किसानों को अतिरिक्त आय के अवसर मिल सकते हैं और स्थानीय स्तर पर पोषण संबंधी जरूरतों को पूरा करने में मदद मिल सकती है।

सरकारी कार्यक्रम से पौधशालाओं में पौधे तैयार करने, वृक्षारोपण और संबंधित गतिविधियों के माध्यम से लगभग 26 लाख रोजगार जुड़े होने का अनुमान है। इनमें बड़ी संख्या में युवा और महिलाएं शामिल हैं। इथियोपिया ने परिदृश्य बहाली के लिए एक विशेष कोष भी बनाया है, जिसके तहत संघीय बजट का एक हिस्सा पर्यावरण संरक्षण और भूमि सुधार संबंधी गतिविधियों के लिए निर्धारित किया जाता है। इस पहल के तहत पड़ोसी देशों को भी पौधे उपलब्ध कराए गए हैं। विशेषज्ञों के अनुसार, वृक्षारोपण की सफलता केवल लगाए गए पौधों की संख्या से नहीं मापी जा सकती।

यह देखना भी जरूरी है कि कितने पौधे लंबे समय तक जीवित रहते हैं और स्थानीय पारिस्थितिकी तंत्र को मजबूत करने में योगदान देते हैं। इथियोपिया के दक्षिणी क्षेत्रों में कुछ वृक्षारोपण कार्यक्रमों के सरकारी आकलन और स्वतंत्र अध्ययनों में पौधों के जीवित रहने की दर लगभग 80 प्रतिशत बताई गई है। विशेष रूप से पुराने और अपेक्षाकृत विकसित पौधों का इस्तेमाल, बारिश के मौसम में रोपण तथा प्रशिक्षित लोगों की भागीदारी बेहतर परिणामों से जुड़ी रही है। हालांकि, विशेषज्ञ चेतावनी देते हैं कि बड़े पैमाने पर पौधे लगाने से अपने आप स्थायी वन बहाली सुनिश्चित नहीं होती।

इसके लिए मिट्टी और जल संरक्षण, पशुओं से पौधों की सुरक्षा तथा स्थानीय समुदायों की भागीदारी भी आवश्यक है। ग्रीन लेगेसी इनिशिएटिव इथियोपिया की ‘क्लाइमेट रेजिलिएंट ग्रीन इकोनॉमी’ रणनीति का प्रमुख हिस्सा है। यह पहल अफ्रीकी महाद्वीप और वैश्विक स्तर पर भूमि बहाली तथा पर्यावरण संरक्षण के लक्ष्यों में भी योगदान देती है। हालांकि, पौधों की दीर्घकालिक जीवित रहने की दर और बहाल किए जा रहे क्षेत्रों की पारिस्थितिक गुणवत्ता को लेकर सवाल बने हुए हैं, लेकिन व्यापक जनभागीदारी, वन क्षेत्र में दर्ज वृद्धि और भूमि क्षरण में कमी इस अभियान की महत्वपूर्ण उपलब्धियां हैं।

विशेषज्ञों के मुताबिक, इथियोपिया के लिए अगली बड़ी चुनौती लगाए गए अरबों पौधों को टिकाऊ, उत्पादक और जलवायु के अनुकूल वन एवं कृषि परिदृश्यों में बदलना है। इसके लिए नियमित निगरानी, स्थानीय समुदायों की भागीदारी और पौधों की देखभाल पर निरंतर ध्यान देना होगा।

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