कनाडा और यूरोपीय संघ (EU) ने स्वच्छ तकनीक और महत्वपूर्ण खनिजों की मजबूत आपूर्ति श्रृंखला विकसित करने के लिए अपनी रणनीतिक साझेदारी को गहरा करने का समझौता किया है। मॉन्ट्रियल में आयोजित शिखर सम्मेलन में ‘कनाडा-ईयू अलायंस फॉर द फ्यूचर’ की शुरुआत की गई। इस समझौते के तहत यूरोपीय निवेश बैंक के साथ एक रूपरेखा तैयार की गई है, जिससे कनाडा की महत्वपूर्ण खनिज परियोजनाओं (जैसे लिथियम, निकेल, कोबाल्ट, तांबा, ग्रेफाइट और यूरेनियम) को यूरोपीय वित्तीय सहायता मिल सकेगी।
एनवायरमेंट पल्स डेस्क : कनाडा और यूरोपीय संघ ने स्वच्छ तकनीक तथा महत्वपूर्ण खनिजों की मजबूत और भरोसेमंद आपूर्ति श्रृंखला विकसित करने के लिए अपनी रणनीतिक साझेदारी को और गहरा करने पर सहमति जताई है।
मॉन्ट्रियल में आयोजित शिखर सम्मेलन के दौरान दोनों पक्षों ने ‘कनाडा-ईयू अलायंस फॉर द फ्यूचर’ की शुरुआत की। इसके तहत निवेश, व्यापार और औद्योगिक नीतियों में सहयोग बढ़ाने तथा साझा निर्भरता कम करके आर्थिक सुरक्षा मजबूत करने की प्रतिबद्धता जताई गई। इस समझौते का प्रमुख हिस्सा यूरोपीय निवेश बैंक के साथ एक रूपरेखा समझौता है।
इसके माध्यम से कनाडा की महत्वपूर्ण खनिज परियोजनाओं को यूरोपीय वित्तीय सहायता उपलब्ध कराने का रास्ता आसान होगा। इसमें खनिजों के उत्खनन से लेकर प्रसंस्करण, शोधन, विनिर्माण और पुनर्चक्रण तक की पूरी आपूर्ति श्रृंखला शामिल है। लिथियम, निकेल, कोबाल्ट, तांबा, ग्रेफाइट और यूरेनियम को प्राथमिकता दी गई है।
ये खनिज बैटरी, स्वच्छ ऊर्जा तकनीक, सेमीकंडक्टर, कृत्रिम बुद्धिमत्ता के बुनियादी ढांचे और रक्षा क्षेत्र के लिए महत्वपूर्ण हैं। इस साझेदारी का उद्देश्य विशेष रूप से चीन जैसे सीमित आपूर्ति स्रोतों पर निर्भरता कम करना है। संयुक्त घोषणा में ऊर्जा सुरक्षा के क्षेत्र में सहयोग भी शामिल है।
इसके तहत कनाडा से यूरोप को दीर्घकालिक तरलीकृत प्राकृतिक गैस (LNG) निर्यात की संभावनाओं का अध्ययन किया जाएगा। इसके अलावा ग्रीन ग्रिड, बैटरी भंडारण और ऊर्जा अवसंरचना की सुरक्षा पर भी सहयोग बढ़ाया जाएगा। दोनों पक्षों ने औद्योगिक सहयोग को मजबूत करने, द्विपक्षीय व्यापार बाधाओं को दूर करने और मौजूदा कनाडा-ईयू ग्रीन अलायंस को आगे बढ़ाने का संकल्प लिया। इसका उद्देश्य कार्बन उत्सर्जन कम करने के साथ औद्योगिक प्रतिस्पर्धा को भी बढ़ावा देना है।
कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी और यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन सहित यूरोपीय नेताओं ने इस साझेदारी को वैश्विक भू-राजनीतिक अस्थिरता के बीच आर्थिक सुरक्षा और विश्वसनीय आपूर्ति श्रृंखला की आवश्यकता से जोड़कर देखा। समझौते की प्रगति पर नजर रखने के लिए नियमित उच्चस्तरीय बैठकें आयोजित की जाएंगी।
यह साझेदारी मौजूदा व्यापक आर्थिक एवं व्यापार समझौते (CETA) पर आधारित है और इसका उद्देश्य दोनों पक्षों के लिए साझा समृद्धि तथा आर्थिक सुरक्षा का व्यापक क्षेत्र तैयार करना है। विशेषज्ञों के अनुसार, इस समझौते से कनाडा को अपने खनिज संसाधनों के लिए यूरोपीय पूंजी और बाजार तक पहुंच मिलेगी, जबकि यूरोपीय संघ को महत्वपूर्ण खनिजों की आपूर्ति के लिए नए विकल्प मिलेंगे। बैटरी, स्थायी चुंबक और बिजली ग्रिड से जुड़े उपकरण इस सहयोग के प्रमुख क्षेत्र होंगे।
दोनों पक्षों ने जलवायु, जैव विविधता और औद्योगिक प्रतिस्पर्धा के लक्ष्यों को एक साथ आगे बढ़ाने पर जोर दिया। वैश्विक स्तर पर ऊर्जा परिवर्तन के लिए आवश्यक खनिजों की प्रतिस्पर्धा तेज हो रही है। ऐसे में कनाडा के प्राकृतिक संसाधनों और यूरोपीय निवेश एवं मांग को जोड़ने वाली यह साझेदारी स्वच्छ तकनीक के विस्तार को गति दे सकती है।
हालांकि, इसकी सफलता परियोजनाओं के वित्तपोषण, नियामकीय तालमेल और दोनों पक्षों की निरंतर राजनीतिक प्रतिबद्धता पर निर्भर करेगी।
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