ग्लोबल कोरल रीफ मॉनिटरिंग नेटवर्क (GCRMN) की दिसंबर 2025 की रिपोर्ट के अनुसार, समुद्र के बढ़ते तापमान और बड़े पैमाने पर कोरल ब्लीचिंग के कारण कैरेबियाई प्रवाल भित्तियों (कोरल रीफ) पर गंभीर संकट आ गया है। 1980 से 2024 के बीच कैरेबियाई क्षेत्र में हार्ड कोरल कवर लगभग 48 प्रतिशत घटकर 28% से मात्र 14.6% रह गया है। विशेषकर 2023-24 के वैश्विक कोरल ब्लीचिंग दौर में एक ही साल में 16.9% की भारी गिरावट दर्ज की गई। 1985 से 2024 के बीच यहाँ समुद्र की सतह का तापमान 1.07 डिग्री सेल्सियस बढ़ा है, जिससे कोरल सफेद पड़कर नष्ट हो रहे हैं। इसके अलावा शैवाल की वृद्धि, प्रदूषण, अत्यधिक मछली पकड़ने और तूफानों ने स्थिति को और बिगाड़ दिया है। वैज्ञानिकों ने समुद्री संरक्षण, जल गुणवत्ता सुधार और ग्रीनहाउस गैस उत्सर्जन में कमी लाने को इस पारिस्थितिकी तंत्र को बचाने का मुख्य उपाय बताया है।
एनवायरमेंट पल्स डेस्क: समुद्र के बढ़ते तापमान और बड़े पैमाने पर कोरल ब्लीचिंग ने कैरेबियाई प्रवाल भित्तियों को गंभीर संकट में डाल दिया है। ग्लोबल कोरल रीफ मॉनिटरिंग नेटवर्क (GCRMN) की दिसंबर 2025 में जारी व्यापक रिपोर्ट के अनुसार, 1980 के बाद से क्षेत्र में हार्ड कोरल कवर में करीब 48 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई है।
रिपोर्ट में 1970 से 2024 के बीच लगभग 14,000 स्थलों पर किए गए 23,000 से अधिक सर्वेक्षणों के आंकड़ों का विश्लेषण किया गया। इसके अनुसार, 1980 के दशक की शुरुआत में हार्ड कोरल कवर करीब 28 प्रतिशत था, जो 2019-2024 के दौरान घटकर लगभग 14.6 प्रतिशत रह गया। 2023-24 का वैश्विक कोरल ब्लीचिंग दौर सबसे विनाशकारी रहा।
इस दौरान एक ही वर्ष में हार्ड कोरल कवर में 16.9 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई। इससे पहले 1998 में 9 प्रतिशत और 2005 में 17.1 प्रतिशत की कमी दर्ज हुई थी। वैज्ञानिकों के अनुसार, समुद्र का बढ़ता तापमान इस संकट का प्रमुख कारण है।
1985 से 2024 के बीच कैरेबियाई रीफ क्षेत्रों में समुद्र की औसत सतह का तापमान 1.07 डिग्री सेल्सियस बढ़ा। अधिक गर्म पानी के कारण कोरल अपने सहजीवी शैवाल को बाहर निकाल देते हैं, जिससे वे सफेद पड़ जाते हैं और लंबे समय तक तनाव रहने पर मर सकते हैं। इस संकट को शैवाल की बढ़ती मात्रा, पोषक प्रदूषण, अत्यधिक मछली पकड़ने, बीमारियों और शक्तिशाली तूफानों ने और गंभीर किया है। रिपोर्ट के अनुसार, इसी अवधि में मैक्रोएल्गी कवर में 85 प्रतिशत की वृद्धि हुई है।
वैज्ञानिकों का कहना है कि संरक्षित और बेहतर प्रबंधन वाले रीफ अपेक्षाकृत अधिक लचीले साबित हुए हैं। समुद्री संरक्षण, बेहतर जल गुणवत्ता, टिकाऊ मत्स्य प्रबंधन और ग्रीनहाउस गैस उत्सर्जन में तेजी से कमी लाकर कैरेबियाई प्रवाल पारिस्थितिकी तंत्र को बचाने की दिशा में कदम उठाए जा सकते हैं।
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