ग्रीन पेटल्स ट्रस्ट और सेंट फ्रांसिस वर्ल्ड स्कूल द्वारा आयोजित दो दिवसीय ‘इंडो-जापान एजुकेशन एंड कल्चरल कॉन्क्लेव 2026’ का भव्य समापन हुआ, जिसमें मेरठ के 15 स्कूलों के लगभग 550 छात्रों ने भाग लिया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि कोजी सातो (महानिदेशक, जापान फाउंडेशन, नई दिल्ली) ने अपने संबोधन में कहा कि भारत और जापान के संबंध केवल राजनीतिक नहीं, बल्कि सांस्कृतिक, शैक्षिक और मानवीय मूल्यों पर आधारित हैं। कॉन्क्लेव के दौरान इंटर-स्कूल ड्राइंग प्रतियोगिता, जापान क्विज़, ओरिगामी कार्यशाला और सांस्कृतिक प्रस्तुतियाँ आयोजित की गईं, जिसका उद्देश्य छात्रों में वैश्विक नागरिकता और आपसी समझ को बढ़ावा देना था।
एनवायरमेंट पल्स डेस्क: ‘जापान मंथ 2026’ के एक सहयोगी कार्यक्रम के रूप में, ग्रीन पेटल्स ट्रस्ट और सेंट फ्रांसिस वर्ल्ड स्कूल, मेरठ द्वारा संयुक्त रूप से आयोजित दो दिवसीय ‘इंडो-जापान एजुकेशन एंड कल्चरल कॉन्क्लेव 2026’ का समापन भव्यता और गरिमा के साथ हुआ। इस कार्यक्रम को भारत में जापान दूतावास ने अपनी वेबसाइट पर मान्यता दी थी। मुख्य अतिथि कोजी सातो (महानिदेशक, जापान फाउंडेशन, नई दिल्ली) और विशिष्ट अतिथियों – मिहोको सातो, डॉ. रतीश गुप्ता (निदेशक – कॉर्पोरेट मामले, MUIT, नोएडा) और गीतिका गुप्ता (निदेशक, PGM इंटरनेशनल स्कूल, मेरठ) – का स्वागत छात्रों ने भारतीय पारंपरिक तरीके से किया। इस दौरान स्कूल के निदेशक हिमांशु मित्तल, स्कूल मैनेजर आस्था मित्तल और प्रिंसिपल मनीषा जैन भी मौजूद थे।
इस कॉन्क्लेव के दौरान आयोजित विभिन्न कार्यक्रमों (इंटर-स्कूल ड्राइंग प्रतियोगिता, जापान क्विज़, ओरिगामी पर छात्रों की कार्यशाला, भारत और जापान की संस्कृति और शिल्प पर प्रदर्शनी, छात्रों द्वारा सांस्कृतिक प्रस्तुतियाँ, और भारत-जापान शैक्षिक और सांस्कृतिक मित्रता पर सेमिनार) में मेरठ के पंद्रह स्कूलों ने भाग लिया। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य भारत और जापान के बीच सांस्कृतिक संबंधों, शिक्षा, रचनात्मकता और वैश्विक जागरूकता को बढ़ावा देना था। मुख्य अतिथि कोजी सातो और अन्य अतिथियों ने ओरिगामी पर छात्रों की कार्यशाला और भारत व जापान की ड्राइंग और शिल्प की प्रदर्शनी का दौरा किया। उन्होंने बच्चों के साथ बातचीत भी की।
कार्यक्रम की शुरुआत मुख्य अतिथि कोजी सातो (महानिदेशक, जापान फाउंडेशन, नई दिल्ली) और मिहोको सातो, डॉ. रतीश गुप्ता (निदेशक – कॉर्पोरेट मामले, MUIT), गीतिका गुप्ता (निदेशक, PGM इंटरनेशनल स्कूल) और एस.पी. वर्मा (निदेशक – प्रशिक्षण और नवाचार, ग्रीन पेटल्स ट्रस्ट, मेरठ) द्वारा पारंपरिक दीप प्रज्वलन के साथ हुई। इसके बाद, सेंट फ्रांसिस वर्ल्ड स्कूल के छात्रों ने सरस्वती वंदना और राजस्थानी लोक नृत्य से दर्शकों का मन मोह लिया। इसके बाद PGM इंटरनेशनल स्कूल के छात्रों ने भारतीय और जापानी परंपराओं के मेल को दिखाते हुए नृत्य प्रस्तुत किया।
सेमिनार में दर्शकों को संबोधित करते हुए मुख्य अतिथि कोजी सातो ने जापान की सांस्कृतिक विरासत की विशेषताओं पर प्रकाश डाला और भारत-जापान संबंधों को मजबूत करने पर जोर दिया। उन्होंने सेंट फ्रांसिस वर्ल्ड स्कूल और ग्रीन पेटल्स ट्रस्ट की इस पहल की बहुत सराहना की।
कोजी सातो ने कहा, “भारत और जापान के बीच संबंध केवल राजनीतिक नहीं हैं, बल्कि सांस्कृतिक, शैक्षिक और मानवीय मूल्यों पर आधारित हैं। शिक्षा और सांस्कृतिक आदान-प्रदान भौगोलिक सीमाओं से परे जाकर दोनों देशों के युवाओं को करीब लाते हैं। ऐसे आयोजन भविष्य की पीढ़ी में आपसी समझ और वैश्विक दृष्टिकोण को बढ़ावा देने में मील का पत्थर साबित होंगे।” उन्होंने बच्चों के साथ कुछ जापानी गाने भी गाए।
निदेशक हिमांशु मित्तल ने अंतरराष्ट्रीय शिक्षा के महत्व पर जोर दिया। उन्होंने कहा, “हमारा उद्देश्य छात्रों को केवल किताबी ज्ञान देना नहीं है, बल्कि उन्हें वैश्विक नागरिक बनाना है। हमारे छात्र जापान के अनुशासन, तकनीक और सांस्कृतिक समृद्धि से बहुत कुछ सीख सकते हैं। यह सम्मेलन अंतरराष्ट्रीय सहयोग और अवसरों के लिए नए रास्ते खोलेगा।”
ग्रीन पेटल्स ट्रस्ट के निदेशक एस.पी. वर्मा ने इस सम्मेलन के उद्देश्य पर प्रकाश डालते हुए कहा, “यह सम्मेलन शिक्षा, संस्कृति, रचनात्मकता और मित्रता के माध्यम से भारत और जापान के बीच एक छोटा लेकिन सार्थक सेतु बनाने का प्रयास है। हम यहां एक-दूसरे से सीखने और जिज्ञासा व उत्साह के साथ प्रतिक्रिया देने के लिए आए हैं। आज हमने इस पहल के सांस्कृतिक और शैक्षिक पहलुओं को एक साथ लाया है। हमने इंटर-स्कूल ड्राइंग प्रतियोगिता के माध्यम से स्कूली छात्रों का उत्साह देखा। और क्या शानदार प्रतिक्रिया मिली! 15 स्कूलों के लगभग 550 छात्रों ने इसमें भाग लिया। यह अपने आप में एक महत्वपूर्ण बात है।”
वर्मा ने कहा कि यह पहल छात्रों में वैश्विक नागरिकता की भावना विकसित करने में मदद करती है। जब छात्र कम उम्र में ही अन्य संस्कृतियों से जुड़ते हैं, तो उनका दृष्टिकोण व्यापक होता है। इसका अर्थ है दूसरी संस्कृति को समझना, दूसरे के दृष्टिकोण का सम्मान करना, दूसरे के अनुभव से सीखना और फिर उस सीख को अपने समाज को समृद्ध बनाने के लिए अपनाना।
‘भारत-जापान मित्रता’ विषय पर आयोजित इंटर-स्कूल ड्राइंग प्रतियोगिता के विजेता। स्कूल लेवल पर तीन विजेताओं और अन्य विजेताओं को मुख्य अतिथि और दूसरे मेहमानों ने इनाम और सर्टिफिकेट देकर सम्मानित किया। ग्रुप A (जूनियर कैटेगरी) में, “पारंपरिक पहनावा और त्योहार” थीम पर बनी पेंटिंग्स के लिए IIMT एकेडमी के अनुज कुमार ने पहला स्थान हासिल किया; सेंट फ्रांसिस वर्ल्ड स्कूल की निहारिका राघव और गार्गी गर्ल्स स्कूल की हर्षिता भारद्वाज ने संयुक्त रूप से दूसरा स्थान हासिल किया; और दीवान पब्लिक स्कूल की वाणी ने तीसरा स्थान हासिल किया।
ग्रुप B (सीनियर कैटेगरी) में, पुलिस मॉडर्न स्कूल के अतिक्श ने पहला स्थान हासिल किया; दीवान पब्लिक स्कूल की नित्या और इंटरनेशनल पब्लिक स्कूल के यश आर्या ने संयुक्त रूप से दूसरा स्थान हासिल किया; वहीं PGM इंटरनेशनल स्कूल के उत्कर्ष और आर्मी पब्लिक स्कूल की ज्योत्स्ना ने संयुक्त रूप से तीसरा स्थान प्राप्त किया।
प्रधानाचार्या मनीषा जैन ने कहा कि भारत और जापान, दोनों ही देश परंपराओं और नैतिक मूल्यों में समृद्ध हैं। उन्होंने कहा कि छात्रों ने अपनी कलात्मक और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के माध्यम से दोस्ती के इस बंधन को बहुत खूबसूरती से प्रदर्शित किया। इस तरह की पहल छात्रों में जिज्ञासा, आत्मविश्वास और नए विचारों के आदान-प्रदान की भावना को बढ़ावा देती है। उप-प्रधानाचार्या सुश्री तान्या ने धन्यवाद प्रस्ताव प्रस्तुत किया।
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