इंटरनेशनल काउंसिल ऑन क्लीन ट्रांसपोर्टेशन (ICCT) के आंकड़ों के अनुसार, बैटरी से चलने वाले इलेक्ट्रिक वाहन (EV) अपने पूरे जीवनकाल में पारंपरिक पेट्रोल और डीजल वाहनों की तुलना में लगभग 73% से 78% तक कम ग्रीनहाउस गैस उत्सर्जन करते हैं, और यदि इन्हें पूरी तरह नवीकरणीय ऊर्जा से चार्ज किया जाए तो यह कमी 80% तक हो सकती है। हालांकि बैटरियों में प्रयुक्त खनिजों (जैसे लिथियम, कोबाल्ट और निकेल) के खनन और प्रसंस्करण के कारण ईवी के निर्माण का शुरुआती कार्बन उत्सर्जन पारंपरिक पेट्रोल कारों से 30% से 40% अधिक होता है। अमेरिका और यूरोप जैसे क्षेत्रों में सामान्य परिस्थितियों में लगभग दो साल या करीब 17,000 किलोमीटर की ड्राइविंग के बाद ये वाहन इस शुरुआती उत्सर्जन की भरपाई कर लेते हैं। लगभग 18 साल के सामान्य जीवनकाल में पेट्रोल कारों का ग्रीनहाउस गैस उत्सर्जन ईवी की तुलना में 3.5 गुना तक अधिक हो सकता है, जिससे जलवायु के लिहाज से इलेक्ट्रिक वाहनों का उपयोग अत्यधिक फायदेमंद साबित होता है।
एनवायरमेंट पल्स डेस्क : इलेक्ट्रिक वाहनों (ईवी) का इस्तेमाल पारंपरिक पेट्रोल वाहनों की तुलना में जलवायु पर पड़ने वाले प्रभाव को काफी कम कर सकता है। इंटरनेशनल काउंसिल ऑन क्लीन ट्रांसपोर्टेशन (ICCT) के आंकड़ों के अनुसार, बैटरी से चलने वाले इलेक्ट्रिक वाहन अपने पूरे जीवनकाल में समान श्रेणी के पेट्रोल और डीजल वाहनों की तुलना में लगभग 73 से 78 प्रतिशत कम ग्रीनहाउस गैस उत्सर्जन करते हैं।
यदि इन्हें पूरी तरह नवीकरणीय ऊर्जा से उत्पादित बिजली से चार्ज किया जाए, तो उत्सर्जन में कमी 80 प्रतिशत तक पहुंच सकती है। हालांकि, इलेक्ट्रिक वाहनों के निर्माण में शुरुआती कार्बन उत्सर्जन अपेक्षाकृत अधिक होता है।
इसकी प्रमुख वजह बैटरियों में इस्तेमाल होने वाले लिथियम, कोबाल्ट और निकेल जैसे खनिजों का खनन और प्रसंस्करण है। इसके कारण ईवी के निर्माण से जुड़ा उत्सर्जन पारंपरिक पेट्रोल कार की तुलना में लगभग 30 से 40 प्रतिशत अधिक हो सकता है। जलवायु संबंधी विश्लेषणों के मुताबिक, अमेरिका और यूरोप जैसे क्षेत्रों में सामान्य परिस्थितियों में लगभग दो साल तक वाहन चलाने के बाद इलेक्ट्रिक कार इस शुरुआती उत्सर्जन अंतर की भरपाई कर सकती है।
इसके लिए करीब 17,000 किलोमीटर की ड्राइविंग का अनुमान दिया गया है। लगभग 18 साल के सामान्य वाहन जीवनकाल में पेट्रोल कारों से होने वाला ग्रीनहाउस गैस उत्सर्जन इलेक्ट्रिक वाहनों की तुलना में 3.5 गुना तक अधिक हो सकता है। विशेषज्ञों के अनुसार, शुरुआती उत्सर्जन की भरपाई होने के बाद इलेक्ट्रिक वाहन का प्रत्येक अतिरिक्त किलोमीटर जलवायु के लिहाज से उसका लाभ बढ़ाता है। बिजली उत्पादन में स्वच्छ ऊर्जा की हिस्सेदारी बढ़ने से यह फायदा और मजबूत हो सकता है।
ये निष्कर्ष वाहन उत्सर्जन मानकों, सार्वजनिक परिवहन बेड़ों के विद्युतीकरण और बैटरी तकनीक के भविष्य को लेकर वैश्विक नीतिगत चर्चाओं को दिशा दे रहे हैं।
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