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Environment Pulse > फ्यूचर ग्रीन > सस्टेनिबिलिटी > हवा में घुला ज़हर अब बालों पर भी भारी
(फोटो सौजन्य-एआई)
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हवा में घुला ज़हर अब बालों पर भी भारी

Environment Pulse
Last updated: August 12, 2026 9:33 pm
Environment Pulse
Published: August 12, 2026
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(फोटो सौजन्य-एआई)
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नेशनल सेंटर फॉर बायोटेक्नोलॉजी इंफॉर्मेशन (NCBI) और कुछ अन्य नये शोध बताते हैं कि हवा में मौजूद PM2.5 जैसे बेहद महीन कण सिर्फ सांस की नली तक सीमित नहीं रहते, बल्कि स्कैल्प यानी सिर की त्वचा तक पहुंचकर बालों की सेहत भी बिगाड़ रहे हैं। ये इतने सूक्ष्म होते हैं कि आसानी से रोमछिद्रों में प्रवेश कर जाते हैं और वहां सूजन (इन्फ्लेमेशन) व ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस पैदा करते हैं। नतीजतन, बाल कमजोर होकर झड़ने लगते हैं।

Contents
कैसे कमजोर होती है बालों की जड़ेंपूरे शरीर के लिए बना खतराबचाव के लिए क्या करें

एनवायरमेंट पल्स डेस्क। वायु प्रदूषण को अब तक ज़्यादातर फेफड़ों और सांस से जुड़ी बीमारियों का कारण माना जाता रहा है, लेकिन डॉक्टरों की एक नई चेतावनी ने लोगों की चिंता और बढ़ा दी है।

हालिया शोध बताते हैं कि हवा में मौजूद PM2.5 जैसे बेहद महीन कण सिर्फ सांस की नली तक सीमित नहीं रहते, बल्कि स्कैल्प यानी सिर की त्वचा तक पहुंचकर बालों की सेहत भी बिगाड़ रहे हैं। ये कण इतने सूक्ष्म होते हैं कि आसानी से रोमछिद्रों में प्रवेश कर जाते हैं और वहां सूजन (इन्फ्लेमेशन) व ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस पैदा करते हैं — नतीजा, बाल कमजोर होकर झड़ने लगते हैं। सिर्फ फेफड़ों तक सीमित नहीं है। PM2.5 आम धूल-मिट्टी जैसा नहीं होता — यह इतना बारीक होता है कि नाक और गले की प्राकृतिक सुरक्षा को भेदकर सीधे फेफड़ों की गहराई तक चला जाता है।

प्रदूषण का असर सिर्फ खांसी-जुकाम तक सीमित मानना गलत होगा, क्योंकि इससे पैदा होने वाला सूजन का असर शरीर के बाकी हिस्सों तक भी फैलता है।अब यह साफ होता जा रहा है कि PM2.5 का असर सिर्फ फेफड़ों तक नहीं, बल्कि बालों की जड़ों तक भी पहुंचता है।

लंबे समय तक प्रदूषण के संपर्क में रहने से स्कैल्प में सूजन बढ़ती है, जिससे बाल पतले होते हैं, झड़ते हैं और स्कैल्प की सेहत बिगड़ जाती है।

कैसे कमजोर होती है बालों की जड़ें

नेशनल सेंटर फॉर बायोटेक्नोलॉजी इंफॉर्मेशन (NCBI) की एक रिपोर्ट के हवाले से बताया गया है कि प्रदूषण के बारीक कण शरीर में फ्री रेडिकल्स की मात्रा बढ़ाते हैं, जो बालों की जड़ों में मौजूद प्रोटीन ढांचे को नुकसान पहुंचाते हैं। इससे बाल रूखे और कमजोर होकर तेज़ी से टूटने लगते हैं।

द मिंट की एक रिपोर्ट में भी इसी तरह की बात सामने आई है — विशेषज्ञों के अनुसार प्रदूषण के हानिकारक तत्व स्कैल्प में सूजन पैदा करते हैं, और जब गंदगी व टॉक्सिन्स की परत स्कैल्प पर जमने लगती है, तो बालों के रोमछिद्रों तक ज़रूरी ऑक्सीजन और पोषण पहुंचना मुश्किल हो जाता है। इसका असर यह होता है कि बाल समय से पहले पतले होने लगते हैं और खुजली-डैंड्रफ जैसी दिक्कतें भी बढ़ जाती हैं।

पूरे शरीर के लिए बना खतरा

वायु प्रदूषण अब सिर्फ किसी एक अंग की समस्या नहीं रह गया, बल्कि यह पूरे शरीर को प्रभावित करने वाला खतरा बन चुका है — और बाल भी इससे अछूते नहीं हैं। स्कैल्प पर जमी गंदगी उसे संवेदनशील बना देती है, और अगर समय पर सफाई न हो तो यह बालों की जड़ों को धीरे-धीरे कमज़ोर करती जाती है।

बचाव के लिए क्या करें

•घर से बाहर निकलते समय बालों को स्कार्फ या कैप से ढकें

•प्रदूषण वाली जगह से लौटने के बाद बालों को माइल्ड, सल्फेट-फ्री शैम्पू से धोएं

•एंटीऑक्सीडेंट युक्त हेयर केयर प्रोडक्ट्स इस्तेमाल करें

•संतुलित और पोषक तत्वों से भरपूर डाइट लें, जिससे बालों की जड़ें मजबूत रहें

विशेषज्ञों की मानें तो प्रदूषण के इस दौर में सिर्फ सांस की सेहत नहीं, बल्कि रोज़मर्रा की छोटी-छोटी आदतों से बालों की देखभाल भी उतनी ही ज़रूरी हो गई है।

Also Read: ग्रेटर नोएडा में आईबीईटी एक्सपो: कचरे से ऊर्जा उत्पादन और रोजगार पर जोर

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