अक्टूबर 2026 के अंतिम सप्ताह में प्रशांत महासागर के सबसे शक्तिशाली तूफानों में से एक ‘टाइफून चांपी’ ने ताइवान में भारी तबाही मचाई। इस भयंकर तूफान के कारण 1 व्यक्ति की मौत हो गई और 600 से अधिक लोग घायल हो गए। 227 किलोमीटर प्रति घंटे तक की रफ्तार वाली तेज हवाओं और मूसलाधार बारिश के चलते लगभग 2.88 लाख घरों की बिजली गुल हो गई, हजारों पेड़ उखड़ गए, सैकड़ों उड़ानें रद्द हुईं तथा स्कूल व कार्यालय बंद रहे। तूफान का सबसे ज्यादा असर यिलान और पिंगतुंग काउंटियों में देखा गया, जिससे कृषि क्षेत्र को भी करोड़ों न्यू ताइवान डॉलर का नुकसान हुआ। हालांकि, प्रशासन और सेना ने तुरंत राहत व बचाव कार्य शुरू कर दिए, जिससे अब धीरे-धीरे बिजली आपूर्ति और परिवहन सेवाएं सामान्य होने लगी हैं।
एनवायरमेंट पल्स डेस्क : प्रशांत महासागर में इस वर्ष के सबसे शक्तिशाली तूफानों में शामिल टाइफून चांपी ने अक्टूबर 2026 के अंतिम सप्ताह में ताइवान में भारी तबाही मचाई। तूफान के कारण कम से कम एक व्यक्ति की मौत हो गई, जबकि 600 से अधिक लोग घायल हुए।
तेज हवाओं, मूसलाधार बारिश और समुद्र में उठी ऊंची लहरों ने व्यापक स्तर पर जनजीवन और बुनियादी ढांचे को प्रभावित किया। पहले सुपर टाइफून का रूप ले चुका चांपी 23 और 24 अक्टूबर को ताइवान के पूर्वोत्तर तट के पास से गुजरा।
इसका प्रभाव विशेष रूप से यिलान काउंटी और आसपास के तटीय क्षेत्रों में देखा गया। कुछ तटीय इलाकों में हवा की रफ्तार 227 किलोमीटर प्रति घंटे तक दर्ज की गई। समुद्र में कई मीटर ऊंची लहरें उठीं, जबकि पूर्वी तट पर 6 से 10 मीटर तक के तूफानी ज्वार की सूचना मिली। ताइवान के केंद्रीय आपातकालीन संचालन केंद्र और अग्निशमन विभाग ने एक व्यक्ति की मौत की पुष्टि की।
बताया गया कि पिंगतुंग काउंटी के पास लियूचिउ द्वीप पर एक व्यक्ति समुद्र की तेज लहरों में बह गया। तूफान के दौरान 500 से 600 से अधिक लोगों के घायल होने की खबरें सामने आईं। अधिकांश घायलों को मामूली चोटें आईं। इनमें गिरने, सड़क दुर्घटनाओं, कटने-छिलने और पेड़ों, बिजली के खंभों तथा साइनबोर्ड जैसे सामान गिरने से लगी चोटें शामिल थीं।
टाइफून के कारण ताइवान के कई हिस्सों में बिजली आपूर्ति बाधित हुई। एक समय 2.88 लाख से अधिक घरों की बिजली गुल होने की खबर सामने आई। हालांकि, बिजली विभाग ने अधिकांश प्रभावित क्षेत्रों में अपेक्षाकृत तेजी से आपूर्ति बहाल करने का काम किया। उत्तरी और पूर्वी ताइवान में हजारों पेड़ उखड़ गए। राजधानी ताइपे सहित कई शहरों में सड़कें पेड़ों और मलबे से अवरुद्ध हो गईं। तूफान के कारण सैकड़ों उड़ानें रद्द करनी पड़ीं। कई इलाकों में स्कूल और सरकारी कार्यालय भी कई दिनों तक बंद रहे।
कृषि क्षेत्र को भी भारी नुकसान पहुंचा। शुरुआती अनुमानों के मुताबिक, कृषि नुकसान करोड़ों न्यू ताइवान डॉलर तक पहुंच गया। मध्य और दक्षिणी क्षेत्रों में लहसुन सहित कई फसलों को विशेष रूप से नुकसान हुआ। मौसम संबंधी जानकारी के अनुसार, चांपी का केंद्र अधिकांश समय समुद्र के ऊपर रहा। यिलान तट के पास इसने असामान्य रूप से अपना रास्ता बदलते हुए लगभग गोलाकार चक्कर लगाया और फिर उत्तर की ओर बढ़ा।
इसके बाद तूफान चीनी तट की दिशा में आगे बढ़ा और अंततः दक्षिणी जापान की ओर चला गया। तूफान की आशंका को देखते हुए ताइवान प्रशासन ने व्यापक चेतावनियां जारी की थीं। भूस्खलन की आशंका वाले क्षेत्रों सहित संवेदनशील इलाकों से लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया। राहत एवं बचाव कार्यों के लिए आपातकालीन सेवाओं के साथ सेना की भी मदद ली गई।
अक्टूबर के अंतिम दिनों तक प्रभावित क्षेत्रों में राहत और पुनर्वास कार्य तेज कर दिए गए। अधिकांश इलाकों में बिजली बहाल होने के बाद परिवहन सेवाएं भी धीरे-धीरे सामान्य होने लगीं। स्थानीय निवासियों ने तूफान के दौरान कई रातों तक भय और अनिश्चितता के माहौल में गुजारने की बात कही। सड़कों पर बिखरा मलबा, क्षतिग्रस्त इमारतें और उखड़े पेड़ तूफान की भयावहता बयां कर रहे थे।
प्रशासन ने नुकसान का विस्तृत आकलन शुरू कर दिया है। अधिकारियों के अनुसार, बिजली, परिवहन और अन्य आवश्यक सेवाओं को पूरी तरह सामान्य बनाने के साथ प्रभावित लोगों को राहत पहुंचाना प्राथमिकता है।
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