यह लेख पर्यावरण अध्ययन (Environment Studies) में करियर और अकादमिक कोर्स की जानकारी देता है। इसमें स्कूल स्तर से लेकर ग्रेजुएशन, पोस्ट ग्रेजुएशन और प्रोफेशनल कोर्सेस (जैसे सर्टिफिकेट, डिप्लोमा, इंजीनियरिंग, और जीआईएस मैपिंग) की पूरी रूपरेखा समझाई गई है। साथ ही, सरकारी विभागों, प्राइवेट कंपनियों, एनजीओ और स्टार्टअप में मिलने वाले रोजगार के अवसरों पर प्रकाश डालते हुए इसे भविष्य के लिए एक बेहतरीन क्षेत्र बताया गया है।
एनवायरमेंट पल्स डेस्क : आज प्रदूषण, जलवायु परिवर्तन और सतत विकास दुनिया की सबसे बड़ी चुनौतियाँ हैं। ऐसे में पर्यावरण अध्ययन में करियर बनाना न सिर्फ नौकरी का अवसर है, बल्कि देश और समाज की सेवा भी है। यहाँ कुछ महत्वपूर्ण कोर्स दिए गए हैं जो पढ़ाई और नौकरी दोनों में काम आते हैं:
स्कूल और 12वीं के बाद सर्टिफिकेट कोर्स (3 से 6 महीने)
ये कोर्स हर छात्र के लिए काम के हैं, चाहे वो किसी भी स्ट्रीम का हो।
– पर्यावरण शिक्षा और जागरूकता (IGNOU – Certificate in Environmental Studies)
– वेस्ट मैनेजमेंट, रेन वाटर हार्वेस्टिंग, सोलर एनर्जी टेक्नीशियन
– क्लाइमेट चेंज अवेयरनेस – UNCC, Coursera, SWAYAM के फ्री कोर्स
– फायदा: स्कूल प्रोजेक्ट, NSS, NCC, और कॉलेज इंटरव्यू में CV मजबूत होता है।
डिप्लोमा कोर्स (1 साल)
12वीं के बाद या ग्रेजुएशन के साथ-साथ कर सकते हैं।
– Diploma in Environmental Science
– Diploma in Disaster Management (NDMA मान्यता प्राप्त)
– Diploma in Industrial Safety & Environmental Health
– फायदा: फैक्ट्री, NGO, नगर निगम में तुरंत असिस्टेंट के तौर पर काम मिलता है।
ग्रेजुएशन डिग्री (UG) – सबसे ज्यादा डिमांड में
– B.Sc. Environmental Science (3 साल): सबसे मुख्य कोर्स। इसमें प्रदूषण, इकोलॉजी, बायोडायवर्सिटी, ग्रीन टेक्नोलॉजी पढ़ाई जाती है। Bareilly में MJPRU में उपलब्ध है।
– B.A. Environmental Studies: UPSC, PCS की तैयारी करने वालों के लिए बहुत उपयोगी।
– B.Tech Environmental Engineering: इंजीनियरिंग करने वालों के लिए – ETP, STP प्लांट, सोलर कंपनी में हाई सैलरी जॉब।
– B.Sc. Forestry / Wildlife Science
पोस्ट ग्रेजुएशन (PG) – एक्सपर्ट बनने के लिए
– M.Sc. Environmental Science
– M.A. Sustainable Development (TISS, IGNOU)
– M.Tech Environmental Engineering
– MBA in Environmental Management / Green Business Management
– फायदा: पर्यावरण सलाहकार (Environmental Consultant), CSR Officer, EIA Expert जैसी नौकरियाँ।
प्रोफेशनल और सरकारी नौकरी वाले कोर्स
ये कोर्स सीधे नौकरी से जुड़े हैं:
– EIA (Environmental Impact Assessment) सर्टिफिकेशन
– GIS और Remote Sensing: ISRO, IIRS देहरादून के कोर्स – मैपिंग और क्लाइमेट रिसर्च में काम आता है।
– Organic Farming और Permaculture: कृषि के साथ पर्यावरण में करियर।
– Green Audit और Carbon Credit Course
करियर कहाँ मिलेगा?
- सरकारी: UPSC में Environment विषय, राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (UPPCB), वन विभाग, नगर निगम
- प्राइवेट: ग्रीन बिल्डिंग, सोलर कंपनी (TATA Power Solar), फैक्ट्रियों में Safety Officer
- NGO और UN: WWF, Greenpeace, UNDP
- अपना स्टार्टअप: वेस्ट से खाद बनाना, नर्सरी, इको-टूरिज्म (Green Trails Guide)
पर्यावरण पढ़ना सिर्फ किताबी ज्ञान नहीं है। यह एक ऐसी शिक्षा है जो आपको प्रकृति से जोड़ती है और साथ ही भविष्य के लिए तैयार करती है। अगर आप Bareilly, Lucknow जैसे शहर में हैं, तो IGNOU, MJPRU, और SWAYAM पोर्टल से आप कम खर्च में ये कोर्स शुरू कर सकते हैं।
छोटा सुझाव: 12वीं के बाद सबसे पहले SWAYAM पर 8 हफ्ते का “Introduction to Environmental Studies” फ्री कोर्स करें – आपको समझ आ जाएगा कि यह फील्ड आपके लिए है या नहीं।
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