प्रकृति संरक्षण और जलवायु परिवर्तन से निपटने के लिए संयुक्त राष्ट्र विकास कार्यक्रम (UNDP) और एनईसी कॉरपोरेशन (NEC Corporation) के बीच एक नए समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए गए हैं। इस साझेदारी का उद्देश्य वैश्विक विकास विशेषज्ञता को एनईसी की उन्नत डिजिटल और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) क्षमताओं के साथ जोड़ना है। इसके तहत प्राकृतिक पर्यावरण के डेटा का उपयोग करके जलवायु-लचीले बुनियादी ढांचे का निर्माण, जैव विविधता का संरक्षण और अंतरराष्ट्रीय आपूर्ति श्रृंखलाओं को टिकाऊ बनाना शामिल है। प्रारंभिक चरण में दोनों संगठन डेटा केंद्रों और डिजिटल बुनियादी ढांचे के जलवायु जोखिमों का मूल्यांकन करने के लिए एक संयुक्त व्हाइट पेपर तैयार करेंगे।
एनवायरमेंट पल्स डेस्क। जैव विविधता संरक्षण और जलवायु परिवर्तन के बढ़ते प्रभावों से निपटने के लिए डिजिटल तकनीक और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के इस्तेमाल को बढ़ावा देने की दिशा में संयुक्त राष्ट्र विकास कार्यक्रम (UNDP) और NEC Corporation ने नई साझेदारी की घोषणा की है। दोनों संस्थाओं ने एक समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए हैं।
इसके तहत UNDP की वैश्विक विकास विशेषज्ञता और नेटवर्क को NEC की उन्नत डिजिटल तकनीकों तथा AI क्षमताओं के साथ जोड़ा जाएगा। साझेदारी का उद्देश्य प्रकृति के अनुकूल विकास को बढ़ावा देना, प्राकृतिक पूंजी के संरक्षण एवं पुनर्स्थापन में मदद करना और दुनिया भर में टिकाऊ तथा जलवायु-लचीले समुदायों के निर्माण को गति देना है।
साझेदारी के तहत दोनों संगठन प्राकृतिक पर्यावरण से जुड़े आंकड़ों का उपयोग कर AI और डिजिटल बुनियादी ढांचे के साथ-साथ स्थानीय समुदायों की जलवायु और पर्यावरणीय परिस्थितियों के प्रति लचीलापन बढ़ाने के तरीकों पर काम करेंगे।
इसके अलावा प्रकृति-सकारात्मक और जलवायु-लचीले विकास के लिए डिजिटल समाधान विकसित करने की संभावनाओं का भी अध्ययन किया जाएगा। स्थानीय समुदायों के साथ मिलकर जापानी कंपनियों, जिनमें NEC भी शामिल है, के लिए टिकाऊ और अधिक लचीली अंतरराष्ट्रीय आपूर्ति श्रृंखलाओं को बढ़ावा देने पर भी ध्यान दिया जाएगा।
दोनों संस्थाएं जैव विविधता संरक्षण और जलवायु कार्रवाई में डिजिटल तकनीकों के उपयोग को तेज करने के लिए संयुक्त रूप से जानकारी और ज्ञान का प्रसार भी करेंगी। साझेदारी के शुरुआती कदम के तौर पर UNDP और NEC संयुक्त रूप से एक व्हाइट पेपर तैयार करेंगे।
इसमें प्राकृतिक पर्यावरण से जुड़े आंकड़ों के आधार पर डेटा सेंटर, अन्य AI एवं डिजिटल बुनियादी ढांचे और आपूर्ति श्रृंखलाओं की लचीलापन क्षमता का मूल्यांकन किया जाएगा। रिपोर्ट में इन प्रणालियों को जलवायु और पर्यावरणीय जोखिमों के प्रति अधिक मजबूत बनाने के संभावित उपाय भी सुझाए जाएंगे। यह साझेदारी ऐसे समय में हुई है जब जैव विविधता में कमी और जलवायु परिवर्तन को आपस में जुड़े वैश्विक संकटों के रूप में देखा जा रहा है।
दोनों संगठनों का मानना है कि AI और डिजिटल तकनीक इन चुनौतियों से निपटने के लिए अधिक प्रभावी संरक्षण रणनीतियां विकसित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती हैं। उन्नत तकनीकी क्षमताओं को जमीनी स्तर के विकास अनुभव के साथ जोड़कर UNDP और NEC का लक्ष्य ऐसी व्यवस्थाएं विकसित करना है, जो प्राकृतिक संसाधनों की बेहतर निगरानी और संरक्षण में मदद करें तथा बदलती जलवायु के अनुकूल ढलने में स्थानीय समुदायों की क्षमता बढ़ाएं।
दोनों संस्थाओं के अधिकारियों ने कहा कि साझेदारी में व्यावहारिक और बड़े स्तर पर लागू किए जा सकने वाले समाधानों को प्राथमिकता दी जाएगी। साथ ही विभिन्न क्षेत्रों और देशों के बीच ज्ञान एवं अनुभव साझा करने पर भी जोर रहेगा।
इस पहल से AI और डिजिटल बुनियादी ढांचे को केवल आर्थिक एवं तकनीकी विकास के साधन के रूप में नहीं, बल्कि प्रकृति संरक्षण, जैव विविधता सुरक्षा और जलवायु लचीलापन बढ़ाने वाले उपकरण के रूप में इस्तेमाल करने की दिशा में नई संभावनाएं खुल सकती हैं।
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