By using this site, you agree to the Privacy Policy and Terms of Use.
Accept
Environment PulseEnvironment PulseEnvironment Pulse
Notification Show More
Font ResizerAa
  • ईको सिस्टम
    • जल
    • जंगल
    • जमीन
    • हवा
    • खनिज
    • जैव-विविधता
    • गतिविधियां
  • कचरा-प्रबंधन
    • ग्रीन बिजनेस
    • रीसाइकलिंग
    • इन्नोवेशन
    • इनिशिएटिव्स
  • फ्यूचर ग्रीन
    • ऊर्जा
    • सस्टेनिबिलिटी
    • इलेक्ट्रिक व्हीकल
    • कृषि एवं खाद्य
  • ओपिनियन
    • विचार
    • इम्पैक्ट फीचर
    • स्टोरी
  • मल्टीमीडिया
    • वीडियो
Reading: ‘भारत के शेर फिर से दहाड़ रहे हैं’, एक दशक में एशियाई शेरों की आबादी 523 से बढ़कर 891 हुई
Share
Font ResizerAa
Environment PulseEnvironment Pulse
  • ईको सिस्टम
  • कचरा-प्रबंधन
  • फ्यूचर ग्रीन
  • ओपिनियन
  • मल्टीमीडिया
Search
  • ईको सिस्टम
    • जल
    • जंगल
    • जमीन
    • हवा
    • खनिज
    • जैव-विविधता
    • गतिविधियां
  • कचरा-प्रबंधन
    • ग्रीन बिजनेस
    • रीसाइकलिंग
    • इन्नोवेशन
    • इनिशिएटिव्स
  • फ्यूचर ग्रीन
    • ऊर्जा
    • सस्टेनिबिलिटी
    • इलेक्ट्रिक व्हीकल
    • कृषि एवं खाद्य
  • ओपिनियन
    • विचार
    • इम्पैक्ट फीचर
    • स्टोरी
  • मल्टीमीडिया
    • वीडियो
Have an existing account? Sign In
Follow US
Environment Pulse > ईको सिस्टम > जंगल > ‘भारत के शेर फिर से दहाड़ रहे हैं’, एक दशक में एशियाई शेरों की आबादी 523 से बढ़कर 891 हुई
(फोटो सौजन्य-एआई)
जंगलजैव-विविधतासस्टेनिबिलिटीस्टोरी

‘भारत के शेर फिर से दहाड़ रहे हैं’, एक दशक में एशियाई शेरों की आबादी 523 से बढ़कर 891 हुई

Environment Pulse
Last updated: August 11, 2026 9:25 pm
Environment Pulse
Published: August 11, 2026
Share
(फोटो सौजन्य-एआई)
SHARE

केंद्रीय पर्यावरण मंत्री भूपेंद्र यादव ने जारी किए आंकड़े; 2015 से 2025 के बीच दर्ज की गई ऐतिहासिक बढ़ोतरी।

Contents
सरकार का संकल्प और स्थानीय समुदायों की भूमिका‘प्रोजेक्ट लायन’ की सफलता और बढ़ता दायरा

2020 में PM मोदी द्वारा शुरू किए गए प्रोजेक्ट से शेरों का दायरा 30,000 से बढ़कर 35,000 वर्ग किलोमीटर पहुंचा।

एनवायरमेंट पल्स डेस्क

इस ‘वर्ल्ड लायन डे’ (World Lion Day) पर भारत के वन्यजीव संरक्षण क्षेत्र से एक बेहद सुखद खबर सामने आई है। केंद्रीय पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री भूपेंद्र यादव ने जानकारी दी कि भारत में एशियाई शेरों (Asiatic Lions) की आबादी वर्ष 2015 में 523 से बढ़कर वर्ष 2025 में 891 हो गई है। यह एक दशक में दर्ज की गई लगातार और ऐतिहासिक वृद्धि है, जो वन अधिकारियों, संरक्षणवादियों और स्थानीय समुदायों के भगीरथ प्रयासों का परिणाम है।

सरकार का संकल्प और स्थानीय समुदायों की भूमिका

केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव ने इस उपलब्धि को भारत के संरक्षण प्रयासों के लिए अत्यंत गर्व का क्षण बताया। उन्होंने सरकार के संकल्प को दोहराते हुए कहा कि एशियाई शेरों की दहाड़ आने वाली पीढ़ियों तक गुजरात के जंगलों में गूंजती रहेगी। इसी क्रम में केंद्रीय राज्य मंत्री कीर्ति वर्धन सिंह ने कहा कि आवास संरक्षण (Habitat Conservation), मजबूत संरक्षण कार्यक्रमों और सह-अस्तित्व की बढ़ती संस्कृति के बल पर यह संभव हुआ है। उन्होंने इस बात पर बल दिया कि विकास और वन्यजीव संरक्षण एक-दूसरे के विरोधी नहीं हैं।

‘प्रोजेक्ट लायन’ की सफलता और बढ़ता दायरा

इस शानदार प्रगति का एक बड़ा श्रेय ‘प्रोजेक्ट लायन’ को जाता है, जिसे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 15 अगस्त 2020 को एशियाई शेरों के दीर्घकालिक भविष्य को सुरक्षित करने के उद्देश्य से शुरू किया था। प्रोजेक्ट लायन के प्रभाव से शेरों का दायरा वर्ष 2020 में लगभग 30,000 वर्ग किलोमीटर से बढ़कर आज लगभग 35,000 वर्ग किलोमीटर हो गया है। यह प्रोजेक्ट केवल सुरक्षा तक सीमित नहीं है, बल्कि इसमें बेहतर प्राकृतिक आवास, बीमारियों की निगरानी व पशु चिकित्सा, आबादी की वैज्ञानिक ट्रैकिंग (Scientific Tracking), और तकनीक-आधारित आधुनिक उपकरणों का प्रयोग शामिल है। सबसे महत्वपूर्ण बात यह सुनिश्चित करना रहा है कि शेरों के साथ रहने वाले स्थानीय समुदायों को इस संरक्षण का सीधा फायदा मिले।

Also Read: भारत और नॉर्डिक देश ‘ग्रीन टेक्नोलॉजी और इनोवेशन स्ट्रैटेजिक पार्टनरशिप’ में बदलेंगे संबंध: तीसरे भारत-नॉर्डिक शिखर सम्मेलन में PM मोदी का बड़ा ऐलान

You Might Also Like

जलवायु परिवर्तन से निपटने के लिए 2050 तक भारतीय शहरों को चाहिए 2.4 ट्रिलियन डॉलर
नीलगिरी के जंगलों से आक्रामक सेनना स्पेक्टाबिलिस हटाने के लिए तमिलनाडु में बड़े अभियान की शुरुआत
यूपी में वृक्षारोपण का बना बड़ा रिकार्ड, एक दिन में रोपे गए 35.27 करोड़ से ज्यादा पौधे 
आईआईटी-गुवाहाटी ने पानी से हाइड्रोजन बनाने के लिए सस्ता कैटेलिस्ट विकसित किया
संयुक्त राष्ट्र के लक्ष्यों से पिछड़ा भूमि संरक्षण: मंगोलिया में चेतावनी
TAGGED:Asiatic Lion Population IndiaBhupender Yadav Environment MinisterGujarat Asiatic LionsKirti Vardhan SinghPM ModiProject LionWildlife Conservation 2025World Lion Day Census
Share This Article
Facebook Whatsapp Whatsapp LinkedIn Email Copy Link Print
Leave a Comment

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Follow US

Find US on Social Medias
FacebookLike
XFollow
InstagramFollow
YoutubeSubscribe
LinkedInFollow
Popular News
global electricity
फ्यूचर ग्रीनसस्टेनिबिलिटी

How Green Technology Is Reshaping the Fight Against Climate Change

Environment Pulse
Environment Pulse
August 18, 2026
 भारत, इंडोनेशिया को देगा गेहूं बीज, मिलकर करेंगे सस्टेनेबल फार्मिंग
खनिज कराधान में बड़ा बदलाव: केंद्र के नए कानून से क्यों चिंतित हैं खनिज-संपन्न राज्य
उत्तर प्रदेश ग्रीन हाइड्रोजन नीति 2024 के तहत आईआईटी कानपुर में सेंटर ऑफ एक्सीलेंस की स्थापना
पर्यावरण प्रदर्शन सूचकांक 2026: एस्टोनिया सबसे ऊपर, भारत 177 में 176वें नंबर पर

Categories

  • जल
  • जमीन
  • जंगल
  • जैव-विविधता
  • हवा
  • खनिज
  • ऊर्जा
  • ग्रीन जॉब
  • स्टोरी
  • इम्पैक्ट फीचर
  • वीडियो

About US

Environmentpulse.com is a bilingual (Hindi-English) news platform that presents high-quality news, views, and videos related to the environment.
Quick Link
  • ऊर्जा
  • खनिज
  • जैव-विविधता
  • जंगल
Top Categories
  • My Bookmark
  • Contact
  • Privacy Policy
Environment PulseEnvironment Pulse
© Pratham Publisher and Informatics Private Limited. All Rights Reserved. | Developed By: Tech Yard Labs
Welcome Back!

Sign in to your account

Username or Email Address
Password

Lost your password?