भारत में वाणिज्यिक कोयला खनन की शुरुआत वर्ष 2020 में हुई थी, और अब तक 15 चरणों में 147 खदानों की सफल नीलामी हो चुकी है। इस व्यवस्था से 44 नई कंपनियों ने इस क्षेत्र में प्रवेश किया है। सरकार का अनुमान है कि इससे सालाना 47,500 करोड़ रुपये का राजस्व, 55,000 करोड़ रुपये का पूंजी निवेश और लगभग 4.9 लाख नए रोजगार पैदा होंगे। 16वें दौर में खोजे गए नए कोयला ब्लॉक पेश किए जाएंगे। निवेशकों को आकर्षित करने के लिए अंतिम उपयोग पर कोई प्रतिबंध नहीं, 100% प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (FDI) और कम अग्रिम भुगतान जैसी सुविधाएं दी जा रही हैं, जिससे आयात पर निर्भरता कम करने और देश की ऊर्जा सुरक्षा मजबूत करने में मदद मिलेगी।
एनवायरमेंट पल्स डेस्क: केंद्रीय कोयला मंत्रालय 17 सितंबर को नई दिल्ली में वाणिज्यिक कोयला खदानों की नीलामी के 16वें दौर की शुरुआत करेगा। कार्यक्रम में केंद्रीय कोयला एवं खान राज्य मंत्री सतीश चंद्र दुबे मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे।
देश में वाणिज्यिक कोयला खनन की शुरुआत वर्ष 2020 में हुई थी। इसके बाद अब तक 15 नीलामी दौर पूरे हो चुके हैं, जिनमें 147 कोयला खदानों की सफलतापूर्वक नीलामी की गई।
इस प्रक्रिया के माध्यम से 44 नई कंपनियों ने कोयला क्षेत्र में प्रवेश किया है। सरकार के अनुसार, नीलाम की गई खदानों से सालाना करीब 47,500 करोड़ रुपये के राजस्व की संभावना है।
इनके माध्यम से लगभग 55,000 करोड़ रुपये का पूंजी निवेश आकर्षित होने तथा कोयला उत्पादक राज्यों में करीब 4.9 लाख रोजगार के अवसर पैदा होने का अनुमान है। नीलामी के 16वें दौर में पूरी तरह और आंशिक रूप से खोजे गए कोयला ब्लॉकों का नया समूह पेश किया जाएगा।
मौजूदा नीलामी व्यवस्था में कोयले के अंतिम उपयोग पर कोई प्रतिबंध नहीं है। इसके अलावा स्वचालित मार्ग से 100 प्रतिशत प्रत्यक्ष विदेशी निवेश की अनुमति और भविष्य में मिलने वाले राजस्व हिस्से के विरुद्ध कम अग्रिम भुगतान को समायोजित करने जैसी सुविधाएं उपलब्ध हैं।
मंत्रालय के मुताबिक, इन प्रावधानों का उद्देश्य छोटे और पहली बार बोली लगाने वाले उद्यमों के लिए क्षेत्र में प्रवेश आसान बनाना है, जबकि स्थापित खनन कंपनियों और तकनीक आधारित कारोबारों के लिए भी प्रतिस्पर्धी माहौल बनाए रखना है। वाणिज्यिक कोयला खदान नीलामी व्यवस्था से घरेलू कोयला उत्पादन और उपलब्धता बढ़ाने तथा आयात पर निर्भरता कम करने में मदद मिली है।
मंत्रालय को उम्मीद है कि नीलामी का नया दौर अतिरिक्त कोयला ब्लॉकों को उत्पादन में लाने, रोजगार बढ़ाने और क्षेत्र में नए निवेश को प्रोत्साहित करने में योगदान देगा। कोयला मंत्रालय ने कहा है कि वह भारत की दीर्घकालिक ऊर्जा सुरक्षा जरूरतों को ध्यान में रखते हुए देश में विश्वसनीय और किफायती ऊर्जा आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए प्रयासरत है।
Also Read: India Launches Net Zero Portal to Boost Transparency in Climate Commitments

