बीते दशक में भारत-नॉर्डिक व्यापार चार गुना बढ़ा और निवेश में 200% की वृद्धि, दोनों क्षेत्रों में सृजित हुए रोजगार के नए अवसर।
आइसलैंड की भू-तापीय ऊर्जा से लेकर स्वीडन की डिफेंस टेक्नोलॉजी और फिनलैंड के डिजिटल इनोवेशन के साथ मिलकर भारत गढ़ेगा टिकाऊ समाधान।
एनवायरमेंट पल्स डेस्क
भारत और नॉर्डिक देशों (डेनमार्क, फिनलैंड, आइसलैंड, नॉर्वे और स्वीडन) के संबंध एक नए और दूरगामी दौर में प्रवेश करने जा रहे हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने तीसरे भारत-नॉर्डिक शिखर सम्मेलन के बाद एक संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस में घोषणा की है कि दोनों पक्षों की साझेदारी को ‘ग्रीन टेक्नोलॉजी और इनोवेशन स्ट्रैटेजिक पार्टनरशिप’ का दर्जा दिया जाएगा। PM मोदी ने स्पष्ट किया कि नॉर्डिक देशों की सस्टेनेबिलिटी विशेषज्ञता और भारत के विशाल आकार व पहुंच का संगम वैश्विक स्तर पर भरोसेमंद समाधान तैयार करेगा।
आर्थिक प्रगति के आंकड़े
प्रधानमंत्री ने दोनों क्षेत्रों के बीच मजबूत होते आर्थिक संबंधों के उल्लेखनीय आंकड़े पेश किए।
द्विपक्षीय व्यापार: पिछले एक दशक में भारत और नॉर्डिक क्षेत्र के बीच व्यापार चार गुना बढ़ा है।
प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (FDI): इसी अवधि में नॉर्डिक देशों से भारत में आने वाले निवेश में लगभग 200 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है।
रोजगार सृजन: यह आर्थिक विकास द्विपक्षीय रहा है, जिससे भारत और नॉर्डिक देशों दोनों में नए रोजगार पैदा हुए हैं।
प्रत्येक नॉर्डिक देश की विशिष्ट क्षमताएं और भारत का विज़न
उन्नत साझेदारी के तहत प्रत्येक देश की विशेष महारत का उपयोग किया जाएगा।
आइसलैंड: जियोथर्मल एनर्जी (भू-तापीय ऊर्जा) और मत्स्य पालन।
नॉर्वे: ब्लू इकोनॉमी (समुद्री अर्थव्यवस्था) और आर्कटिक मामले।
स्वीडन: एडवांस्ड मैन्युफैक्चरिंग और डिफेंस टेक्नोलॉजी।
फिनलैंड: टेलीकम्युनिकेशन और डिजिटल इनोवेशन।
डेनमार्क: साइबर सुरक्षा और हेल्थ टेक्नोलॉजी।
इसके अलावा, विश्वविद्यालयों, रिसर्च लैब्स और स्टार्ट-अप इकोसिस्टम के बीच जमीनी सहयोग, कौशल विकास (Skill Development) और टैलेंट (प्रतिभा) की आसान आवाजाही पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
सांस्कृतिक जुड़ाव और भू-राजनीतिक रुख
‘संबंध’ शब्द की सांस्कृतिक समानता: PM मोदी ने एक व्यक्तिगत और सांस्कृतिक पहलू को रेखांकित करते हुए कहा कि ‘संबंध’ (रिश्ते/जुड़ाव) शब्द भारतीय और नॉर्डिक दोनों भाषाओं में मौजूद है, जो इस साझेदारी की गहराई को दर्शाता है।
वैश्विक शांति व आतंकवाद पर रुख: प्रधानमंत्री ने यूक्रेन और पश्चिम एशिया के संघर्षों को समाप्त करने की भारत की पुरानी मांग दोहराई। उन्होंने स्पष्ट किया कि भारत और नॉर्डिक देश आतंकवाद के खिलाफ एकजुट हैं और इस मुद्दे पर दोहरे मापदंडों की कोई गुंजाइश नहीं है।
नॉर्डिक नेताओं की प्रतिबद्धता: नॉर्डिक नेताओं ने लोकतंत्र, नियमों पर आधारित वैश्विक व्यवस्था और बहुपक्षीय संस्थानों में सुधार के प्रति अपनी निष्ठा दोहराते हुए वैश्विक चुनौतियों से निपटने में भारत के साथ घनिष्ठ सहयोग का आह्वान किया।
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