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Reading: हिमाचल प्रदेश ने खनिज राजस्व प्राप्ति के मामले में बनाया कीर्तिमान
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Environment Pulse > ईको सिस्टम > खनिज > हिमाचल प्रदेश ने खनिज राजस्व प्राप्ति के मामले में बनाया कीर्तिमान
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मिलते हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू।
खनिजसस्टेनिबिलिटी

हिमाचल प्रदेश ने खनिज राजस्व प्राप्ति के मामले में बनाया कीर्तिमान

Environment Pulse
Last updated: August 5, 2026 9:19 pm
Environment Pulse
Published: August 5, 2026
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मिलते हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू।
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खनिजों से राजस्व में तीन वर्षों में राज्य ने की 70 प्रतिशत तक की वृद्धि

मुख्यमंत्री सुक्खू ने अधिकारियों को दिए पर्यावरण संरक्षण पर बल देने के निर्देश

एनवायरमेंट पल्स डेस्क

देश में कई प्रदेश खनिजों के मामले में बेहद समृद्ध हैं। हिमाचल प्रदेश में उन्हीं में से एक है। इस बार हिमाचल प्रदेश ने खनिज राजस्व प्राप्ति के मामले में एक नया कीर्तिमान स्थापित किया है।  ताज़ा रिपोर्ट की मानें तो हिमाचल प्रदेश खनिजों से मिलने वाले राजस्व में 70 प्रतिशत की वृद्धि कर चुका है, वह भी सिर्फ तीन वर्षों में। ये बात हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने खनन विंग के अधिकारियों की समीक्षा बैठक में कही।  उन्होंने कहा कि 2021-22 में 200 करोड़ रुपये का राजस्व 2025-26 में बढ़कर 340 करोड़ रुपये हो गया। उन्होंने राज्य के अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए हैं कि वैज्ञानिक खनन, पर्यावरण संरक्षण और अवैध खनन पर सख्ती से काम  होना चाहिए।  बैठक में उन्होंने अधिकारियों से यह भी कहा कि पड़ोसी राज्यों के अतिरिक्त शुल्क और चूना पत्थर रॉयल्टी पर भी नज़र रखने की ज़रूरत है।

इस संबंध में मीडिया की ताज़ा रिपोर्ट्स में कहा गया कि पड़ोसी राज्यों पंजाब, हरियाणा और उत्तराखंड  से हिमाचल से जाने वाले लघु खनिजों पर शुल्क लगाए जाने से सीमा से सटे क्षेत्रों में  खनिजों के परिवहन में कमी आई है। इसका सीधा असर राजस्व-वृद्धि पर पड़ा है। सुक्खू ने कहा कि राजस्व पर और बेहतर काम हो सके, इस पर सब की नज़र रहनी चाहिए।

वर्ष 2014 के बाद केंद्र सरकार की ओर से चूना पत्थर की रॉयल्टी दरों में संशोधन नहीं किया गया है। बैठक में यह भी तय किया गया कि प्रदेश सरकार अपना उचित अधिकार प्राप्त करने के लिए इस मुद्दे को केंद्र के समक्ष प्रमुखता से उठाएगी।

मुख्यमंत्री सुक्खू ने कहा कि विकास और पर्यावरण संरक्षण में संतुलन बनाए रखना जरूरी है। नदियों, नालों, जंगलों और अन्य प्राकृतिक संसाधनों को नुकसान पहुंचाने वाली गतिविधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए।

बैठक में उद्योग मंत्री हर्षवर्धन चौहान, प्रधान सचिव एम. सुधा देवी, सचिव पर्यावरण, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी व जलवायु परिवर्तन डॉ. सुशील कुमार सिंगला, निदेशक उद्योग विवेक भाटिया सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।

Also Read: युवा पर्यावरण अध्ययन विषय पढ़ें और पुण्य के भागी बनें

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