समुद्र में बढ़ते प्लास्टिक प्रदूषण का एक बेहद भयावह मामला सामने आया है, जहाँ ऑस्ट्रेलिया के लॉर्ड होवे आइलैंड पर वैज्ञानिकों ने ‘सेबल शीयरवॉटर’ (फ्लेश-फुटेड शीयरवॉटर) प्रजाति के एक समुद्री पक्षी के बच्चे के पेट से 894 प्लास्टिक के टुकड़े बरामद किए हैं। इन टुकड़ों का कुल वजन 64.2 ग्राम था, जो उस पक्षी के शरीर के वजन का लगभग 15 प्रतिशत है (तुलना के तौर पर एक वयस्क इंसान द्वारा 12 किलो प्लास्टिक खाने के बराबर)। शोधकर्ताओं के मुताबिक, पक्षी के माता-पिता भोजन की तलाश में समुद्र से प्लास्टिक उठाकर अपने बच्चों को खिला देते हैं, जिससे उनके पेट में प्लास्टिक जमा हो जाता है और पोषण की कमी या भूख से उनकी मौत हो जाती है। वैज्ञानिकों ने चेतावनी दी है कि यदि समुद्री प्रदूषण पर तुरंत रोक नहीं लगाई गई, तो स्थिति और अधिक गंभीर हो सकती है।
एनवायरमेंट पल्स डेस्क: समुद्र में बढ़ते प्लास्टिक प्रदूषण का भयावह असर एक बार फिर सामने आया है। ऑस्ट्रेलिया के लॉर्ड होवे आइलैंड पर वैज्ञानिकों ने एक समुद्री पक्षी के बच्चे के पेट से प्लास्टिक के 894 टुकड़े बरामद किए हैं। यह अब तक दर्ज किए गए सबसे गंभीर मामलों में से एक है।
यह बच्चा सेबल शीयरवॉटर (फ्लेश-फुटेड शीयरवॉटर) प्रजाति का था। शोधकर्ताओं के अनुसार, उसके पेट से निकले प्लास्टिक का कुल वजन 64.2 ग्राम था, जो उस उम्र के पक्षी के अनुमानित शरीर भार का करीब 15 प्रतिशत है।
वैज्ञानिकों ने इसकी तुलना एक वयस्क इंसान के लगभग 12 किलोग्राम प्लास्टिक निगलने से की है। शोधकर्ताओं के अनुसार, 2012 में इसी प्रजाति के एक पक्षी के पेट से 276 प्लास्टिक टुकड़े मिले थे। इसके बाद 2023 से 2026 के बीच रिकॉर्ड लगातार टूटते गए। 2025 में 894 टुकड़ों का रिकॉर्ड सामने आया, जबकि 2026 में एक अन्य पक्षी के पेट से 644 टुकड़े मिले, जिनका वजन 67.4 ग्राम था।
इन पक्षियों के माता-पिता समुद्र में मछली और स्क्विड की तलाश करते समय प्लास्टिक को भोजन समझ लेते हैं। वे इसे वास्तविक भोजन के साथ बच्चों तक पहुंचाते हैं।
करीब 90 दिनों तक बिलों में रहने वाले बच्चों के पेट में यह प्लास्टिक जमा होता रहता है, जिससे पौष्टिक भोजन के लिए जगह कम हो जाती है और कई बार भूख से उनकी मौत हो जाती है। शोध में बोतल के ढक्कन, प्लास्टिक कटलरी, कपड़ों की क्लिप और पैकेजिंग के टुकड़े मिले हैं। वैज्ञानिकों ने चेताया है कि समुद्री प्लास्टिक प्रदूषण पर तत्काल कार्रवाई नहीं हुई तो ऐसे मामले भविष्य में और बढ़ सकते हैं।
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