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Reading: दिल्ली परमानेंट विंटर पॉल्यूशन मास्टर प्लान घोषित
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Environment Pulse > ईको सिस्टम > हवा > दिल्ली परमानेंट विंटर पॉल्यूशन मास्टर प्लान घोषित
हवा

दिल्ली परमानेंट विंटर पॉल्यूशन मास्टर प्लान घोषित

Environment Pulse
Last updated: July 3, 2026 10:03 am
Environment Pulse
Published: July 3, 2026
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हर वर्ष पहली नवंबर से 28 फरवरी तक होगा लागू

जाड़ों में दिल्ली की प्रदूषित हवा हो सकेगी कुछ हद तक शुद्ध

एनवायरमेंट पल्स डेस्क

दिल्ली सरकार ने नेशनल कैपिटल में मौसमी वायु प्रदूषण को रोकने के लिए एक परमानेंट विंटर पॉल्यूशन मास्टर प्लान घोषित किया है, जो हर वर्ष पहली नवंबर से 28 फरवरी तक लागू होगा।  इससे दिल्ली की प्रदूषित हवा के कुछ हद तक शुद्ध होने की उम्मीद बंधी है।

मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा है कि नया फ्रेमवर्क मौजूदा प्रदूषण नियंत्रण उपायों को नियमों के साथ जोड़ता है, जिससे हर सर्दियों में अलग-अलग ऑर्डर जारी किए बिना समय पर लागू करना सुनिश्चित होता है। इस नोटिफिकेशन में कमीशन फॉर एयर क्वालिटी मैनेजमेंट की संशोधित गाइडलाइंस और सर्वोच्च न्यायालय के निर्देश भी शामिल हैं।

नए नियमों के तहत, बिना प्रदूषण मुक्त सर्टिफिकेट वाली गाड़ियों को पूरे साल दिल्ली भर के पेट्रोल पंप, सीएनजी और एलपीजी स्टेशनों पर फ्यूल सप्लाई नहीं किया जाएगा। हर साल पहली नवंबर से 31 जनवरी तक, बीएस-6 एमिशन स्टैंडर्ड से कम के नॉन-दिल्ली रजिस्टर्ड गाड़ियों की एंट्री भी बंद रहेगी। इसमें सीएनजी और इलेक्ट्रिक गाड़ियां, एम्बुलेंस, फायर सर्विस और दूसरी जरूरी गाड़ियों को छूट दी गई है।

सरकार ने यह भी घोषणा की है कि 1 नवंबर से 28 फरवरी तक ऑथराइज़्ड पार्किंग सुविधाओं पर पार्किंग चार्ज दोगुना कर दिया जाएगा, जबकि सरकारी और प्राइवेट ऑफिस में 50 प्रतिशत कर्मचारी पहली नवंबर से 31 जनवरी तक घर से काम करेंगे। पीक-आवर में ट्रैफिक जाम कम करने के लिए ऑफिस का समय भी अलग-अलग किया जाएगा।

ज़रूरी पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स को छोड़कर, इस दौरान तोड़-फोड़ का काम और खुले में धूल उड़ाने वाली निर्माण गतिविधियों पर रोक रहेगी। बड़ी कमर्शियल बिल्डिंग्स और बड़ी कंस्ट्रक्शन साइट्स को एंटी-स्मॉग गन या मिस्ट सिस्टम लगाने होंगे, जबकि खुले में कचरा जलाने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी, जिसमें संस्थाओं और रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशन को भी ज़िम्मेदार ठहराया जाएगा।

मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि दिल्ली को साफ और स्वस्थ रखने के लिए हर नागरिक की भागीदारी ज़रूरी है और कहा कि यह परमानेंट फ्रेमवर्क सर्दियों के प्रदूषण के खिलाफ तैयारी में सुधार करेगा।

 

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