अमित शाह ने कहा- इसे “ग्रीन दिल्ली के फेफड़े” के रूप में बदलेंगे
दिल्ली में ‘एक पेड़ माँ के नाम’ अभियान के तहत मेगा प्लांटेशन ड्राइव शुरू

एनवायरमेंट पल्स डेस्क
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने दिल्ली के रिज (अरावली) क्षेत्र में ‘एक पेड़ माँ के नाम’ अभियान के तहत मेगा प्लांटेशन ड्राइव की शुरुआत की। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि सरकार की योजना के तहत अगले चार वर्षों में अरावली इलाके में एक करोड़ से ज़्यादा देसी पौधे लगाए जाएंगे, ताकि इसे “ग्रीन दिल्ली के फेफड़े” के रूप में बदला जा सके।इस कार्यक्रम में राष्ट्रीय राजधानी में 70 लाख पौधे लगाने के मिशन की भी शुरुआत की गई।
इस मौके पर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कार्यक्रम के दौरान एक पौधा लगाया। इसके बाद सभा को संबोधित करते हुए शाह ने कहा कि यह वृक्षारोपण अभियान राजधानी के विकास के लिए एक बड़े मास्टर प्लान का हिस्सा है। शाह ने कहा कि आज इस एक मंच से कई कार्यक्रमों को एक साथ लाया गया है। नरेला में हाई-सिक्योरिटी जेल की आधारशिला रखी गई, ऑटोमेटेड व्हीकल टेस्टिंग सेंटर का ई-उद्घाटन किया गया, तीन नए बने डिपो का उद्घाटन किया गया, 300 इलेक्ट्रिक बसें शुरू की गईं और सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि हमने रिज को फिर से हरा-भरा बनाने और उसे पुनर्जीवित करने का कार्यक्रम शुरू किया है।
रिज के पर्यावरणीय महत्व पर ज़ोर देते हुए शाह ने कहा कि सरकार ने वन क्षेत्र के एक बड़े हिस्से को कानूनी सुरक्षा प्रदान की है और एक दीर्घकालिक पारिस्थितिक बहाली योजना शुरू की है।
शाह ने कहा कि हमारी दिल्ली सरकार के बचे हुए चार वर्षों में, हम पेड़ लगाकर ग्रीन रिज वन क्षेत्र के 6,300 हेक्टेयर हिस्से की रक्षा करेंगे। ग्रीन रिज का यह 6,300 हेक्टेयर क्षेत्र दिल्ली का फेफड़ा बनेगा और दिल्ली के पर्यावरण की रक्षा करेगा। एक करोड़ से ज़्यादा देसी पौधे, 35 लाख से ज़्यादा बड़े पेड़ों के पौधे और 65 लाख अन्य झाड़ियाँ, बाँस और औषधीय पौधे लगाए जाएंगे।
शाह ने कहा कि जैव विविधता को बहाल करने और राजधानी के पारिस्थितिक संतुलन को बेहतर बनाने के लिए पीपल, बरगद, नीम, गूलर, अर्जुन और जामुन जैसी देसी प्रजातियों के पौधे लगाए जाएंगे। केंद्रीय गृह मंत्री ने दिल्ली के लोगों से अपील की कि वे ‘ग्रीन ड्राइव’ पोर्टल पर रजिस्टर करके और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ‘एक पेड़ माँ के नाम’ पहल के तहत पेड़ लगाकर इस अभियान में हिस्सा लें।
शाह ने कहा कि दिल्ली सरकार ने इकोसिस्टम को फिर से बेहतर बनाने के एक बड़े प्रोग्राम के तहत 2026-2036 के लिए एक वर्किंग प्लान डॉक्यूमेंट, असोला भट्टी वाइल्डलाइफ सैंक्चुअरी के लिए मैनेजमेंट प्लान और दिल्ली बर्ड एटलस भी तैयार किया है। उन्होंने कहा कि रिज इलाके में थीम-बेस्ड जंगल, तालाब, पुरातात्विक संरक्षण और लोगों के लिए सुविधाएं विकसित की जाएंगी।
शाह ने कहा कि कि सरकार जल्द ही नेशनल डेयरी डेवलपमेंट बोर्ड के साथ एक समझौता करेगी। इसका मकसद यह पक्का करना है कि डेयरियों से रोज़ निकलने वाले लगभग 1,500 मीट्रिक टन मवेशियों के गोबर को यमुना में बहाने के बजाय उससे बायोगैस और प्राकृतिक खाद बनाई जाए।

