By using this site, you agree to the Privacy Policy and Terms of Use.
Accept
Environment PulseEnvironment PulseEnvironment Pulse
Notification Show More
Font ResizerAa
  • ईको सिस्टम
    • जल
    • जंगल
    • जमीन
    • हवा
    • खनिज
    • जैव-विविधता
    • गतिविधियां
  • कचरा-प्रबंधन
    • ग्रीन बिजनेस
    • रीसाइकलिंग
    • इन्नोवेशन
    • इनिशिएटिव्स
  • फ्यूचर ग्रीन
    • ऊर्जा
    • सस्टेनिबिलिटी
    • इलेक्ट्रिक व्हीकल
    • कृषि एवं खाद्य
  • ओपिनियन
    • विचार
    • इम्पैक्ट फीचर
    • स्टोरी
  • मल्टीमीडिया
    • वीडियो
Reading: दिल्ली के अरावली इलाके में लगेंगे एक करोड़ से ज़्यादा देसी पौधे
Share
Font ResizerAa
Environment PulseEnvironment Pulse
  • ईको सिस्टम
  • कचरा-प्रबंधन
  • फ्यूचर ग्रीन
  • ओपिनियन
  • मल्टीमीडिया
Search
  • ईको सिस्टम
    • जल
    • जंगल
    • जमीन
    • हवा
    • खनिज
    • जैव-विविधता
    • गतिविधियां
  • कचरा-प्रबंधन
    • ग्रीन बिजनेस
    • रीसाइकलिंग
    • इन्नोवेशन
    • इनिशिएटिव्स
  • फ्यूचर ग्रीन
    • ऊर्जा
    • सस्टेनिबिलिटी
    • इलेक्ट्रिक व्हीकल
    • कृषि एवं खाद्य
  • ओपिनियन
    • विचार
    • इम्पैक्ट फीचर
    • स्टोरी
  • मल्टीमीडिया
    • वीडियो
Have an existing account? Sign In
Follow US
Environment Pulse > ईको सिस्टम > जंगल > दिल्ली के अरावली इलाके में लगेंगे एक करोड़ से ज़्यादा देसी पौधे
जंगलजैव-विविधतासस्टेनिबिलिटी

दिल्ली के अरावली इलाके में लगेंगे एक करोड़ से ज़्यादा देसी पौधे

Environment Pulse
Last updated: July 7, 2026 11:42 pm
Environment Pulse
Published: July 7, 2026
Share
SHARE

अमित शाह ने कहा- इसे “ग्रीन दिल्ली के फेफड़े” के रूप में बदलेंगे

दिल्ली में ‘एक पेड़ माँ के नाम’ अभियान के तहत मेगा प्लांटेशन ड्राइव शुरू

एनवायरमेंट पल्स डेस्क

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने दिल्ली के रिज (अरावली) क्षेत्र में ‘एक पेड़ माँ के नाम’ अभियान के तहत मेगा प्लांटेशन ड्राइव की शुरुआत की। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि सरकार की योजना के तहत अगले चार वर्षों में अरावली इलाके में एक करोड़ से ज़्यादा देसी पौधे लगाए जाएंगे, ताकि इसे “ग्रीन दिल्ली के फेफड़े” के रूप में बदला जा सके।इस कार्यक्रम में राष्ट्रीय राजधानी में 70 लाख पौधे लगाने के मिशन की भी शुरुआत की गई।

इस मौके पर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कार्यक्रम के दौरान एक पौधा लगाया। इसके बाद सभा को संबोधित करते हुए शाह ने कहा कि यह वृक्षारोपण अभियान राजधानी के विकास के लिए एक बड़े मास्टर प्लान का हिस्सा है। शाह ने कहा कि आज इस एक मंच से कई कार्यक्रमों को एक साथ लाया गया है। नरेला में हाई-सिक्योरिटी जेल की आधारशिला रखी गई, ऑटोमेटेड व्हीकल टेस्टिंग सेंटर का ई-उद्घाटन किया गया, तीन नए बने डिपो का उद्घाटन किया गया, 300 इलेक्ट्रिक बसें शुरू की गईं और सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि हमने रिज को फिर से हरा-भरा बनाने और उसे पुनर्जीवित करने का कार्यक्रम शुरू किया है।

रिज के पर्यावरणीय महत्व पर ज़ोर देते हुए शाह ने कहा कि सरकार ने वन क्षेत्र के एक बड़े हिस्से को कानूनी सुरक्षा प्रदान की है और एक दीर्घकालिक पारिस्थितिक बहाली योजना शुरू की है।

शाह ने कहा कि हमारी दिल्ली सरकार के बचे हुए चार वर्षों में, हम पेड़ लगाकर ग्रीन रिज वन क्षेत्र के 6,300 हेक्टेयर हिस्से की रक्षा करेंगे। ग्रीन रिज का यह 6,300 हेक्टेयर क्षेत्र दिल्ली का फेफड़ा बनेगा और दिल्ली के पर्यावरण की रक्षा करेगा। एक करोड़ से ज़्यादा देसी पौधे, 35 लाख से ज़्यादा बड़े पेड़ों के पौधे और 65 लाख अन्य झाड़ियाँ, बाँस और औषधीय पौधे लगाए जाएंगे।

शाह ने कहा कि जैव विविधता को बहाल करने और राजधानी के पारिस्थितिक संतुलन को बेहतर बनाने के लिए पीपल, बरगद, नीम, गूलर, अर्जुन और जामुन जैसी देसी प्रजातियों के पौधे लगाए जाएंगे। केंद्रीय गृह मंत्री ने दिल्ली के लोगों से अपील की कि वे ‘ग्रीन ड्राइव’ पोर्टल पर रजिस्टर करके और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ‘एक पेड़ माँ के नाम’ पहल के तहत पेड़ लगाकर इस अभियान में हिस्सा लें।

शाह ने कहा कि दिल्ली सरकार ने इकोसिस्टम को फिर से बेहतर बनाने के एक बड़े प्रोग्राम के तहत 2026-2036 के लिए एक वर्किंग प्लान डॉक्यूमेंट, असोला भट्टी वाइल्डलाइफ सैंक्चुअरी के लिए मैनेजमेंट प्लान और दिल्ली बर्ड एटलस भी तैयार किया है। उन्होंने कहा कि रिज इलाके में थीम-बेस्ड जंगल, तालाब, पुरातात्विक संरक्षण और लोगों के लिए सुविधाएं विकसित की जाएंगी।

शाह ने कहा कि कि सरकार जल्द ही नेशनल डेयरी डेवलपमेंट बोर्ड के साथ एक समझौता करेगी। इसका मकसद यह पक्का करना है कि डेयरियों से रोज़ निकलने वाले लगभग 1,500 मीट्रिक टन मवेशियों के गोबर को यमुना में बहाने के बजाय उससे बायोगैस और प्राकृतिक खाद बनाई जाए।

You Might Also Like

तापमान में लगातार बढ़ोतरी: भारत के औसत दशकीय तापमान में 0.9 डिग्री सेल्सियस की वृद्धि
पर्यावरण मंजूरी देने के मामले में सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला
‘भारत के शेर फिर से दहाड़ रहे हैं’, एक दशक में एशियाई शेरों की आबादी 523 से बढ़कर 891 हुई
ग्रेट इंडियन बस्टर्ड के आवास के पास चूना पत्थर खनन को केंद्र ने टाला
गैर-वाणिज्यिक और वाणिज्यिक कोयला खदानों के प्रोडक्शन में 9.6% की बढ़ोतरी
TAGGED:Amit ShahEk ped ma ke naaamgreen drivegreen plantation
Share This Article
Facebook Whatsapp Whatsapp LinkedIn Email Copy Link Print
Leave a Comment

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Follow US

Find US on Social Medias
FacebookLike
XFollow
InstagramFollow
YoutubeSubscribe
LinkedInFollow
Popular News
(फोटो सौजन्य-एआई)
सस्टेनिबिलिटी

बंगाल की खाड़ी के ऊपर दिखा ओज़ोन का रहस्यमयी घेरा, भारतीय वैज्ञानिकों ने सुलझाई वायुमंडल की अनसुलझी पहेली

Environment Pulse
Environment Pulse
August 11, 2026
विशाखापटनम में 15 अरब डॉलर के डेटा सेंटर प्रोजेक्ट का विरोध, पानी और वन्यजीवों पर खतरे की आशंका
वन अधिकार कानून में परियोजनाओं की वन मंजूरी के लिए ग्राम सभा की अनिवार्य सहमति का प्रावधान नहीं: जनजातीय कार्य मंत्रालय
THE FIRECRACKER INDUSTRY IS CLEANING UP ITS ACT
भारत-जर्मनी पर्यावरण सहयोग को नई गति, भूपेंद्र यादव ने ज्ञान और तकनीक साझा करने पर दिया जोर

Categories

  • जल
  • जमीन
  • जंगल
  • जैव-विविधता
  • हवा
  • खनिज
  • ऊर्जा
  • ग्रीन जॉब
  • स्टोरी
  • इम्पैक्ट फीचर
  • वीडियो

About US

Environmentpulse.com is a bilingual (Hindi-English) news platform that presents high-quality news, views, and videos related to the environment.
Quick Link
  • ऊर्जा
  • खनिज
  • जैव-विविधता
  • जंगल
Top Categories
  • My Bookmark
  • Contact
  • Privacy Policy
Environment PulseEnvironment Pulse
© Pratham Publisher and Informatics Private Limited. All Rights Reserved. | Developed By: Tech Yard Labs
Welcome Back!

Sign in to your account

Username or Email Address
Password

Lost your password?