By using this site, you agree to the Privacy Policy and Terms of Use.
Accept
Environment PulseEnvironment PulseEnvironment Pulse
Notification Show More
Font ResizerAa
  • ईको सिस्टम
    • जल
    • जंगल
    • जमीन
    • हवा
    • खनिज
    • जैव-विविधता
    • गतिविधियां
  • कचरा-प्रबंधन
    • ग्रीन बिजनेस
    • रीसाइकलिंग
    • इन्नोवेशन
    • इनिशिएटिव्स
  • फ्यूचर ग्रीन
    • ऊर्जा
    • सस्टेनिबिलिटी
    • इलेक्ट्रिक व्हीकल
    • कृषि एवं खाद्य
  • ओपिनियन
    • विचार
    • इम्पैक्ट फीचर
    • स्टोरी
  • मल्टीमीडिया
    • वीडियो
Reading: नितिन गडकरी ने विदर्भ क्षेत्र में बड़े पैमाने पर जल संरक्षण अभियान चलाने का किया आह्वान
Share
Font ResizerAa
Environment PulseEnvironment Pulse
  • ईको सिस्टम
  • कचरा-प्रबंधन
  • फ्यूचर ग्रीन
  • ओपिनियन
  • मल्टीमीडिया
Search
  • ईको सिस्टम
    • जल
    • जंगल
    • जमीन
    • हवा
    • खनिज
    • जैव-विविधता
    • गतिविधियां
  • कचरा-प्रबंधन
    • ग्रीन बिजनेस
    • रीसाइकलिंग
    • इन्नोवेशन
    • इनिशिएटिव्स
  • फ्यूचर ग्रीन
    • ऊर्जा
    • सस्टेनिबिलिटी
    • इलेक्ट्रिक व्हीकल
    • कृषि एवं खाद्य
  • ओपिनियन
    • विचार
    • इम्पैक्ट फीचर
    • स्टोरी
  • मल्टीमीडिया
    • वीडियो
Have an existing account? Sign In
Follow US
Environment Pulse > ईको सिस्टम > जल > नितिन गडकरी ने विदर्भ क्षेत्र में बड़े पैमाने पर जल संरक्षण अभियान चलाने का किया आह्वान
जलसस्टेनिबिलिटी

नितिन गडकरी ने विदर्भ क्षेत्र में बड़े पैमाने पर जल संरक्षण अभियान चलाने का किया आह्वान

Environment Pulse
Last updated: August 3, 2026 8:35 pm
Environment Pulse
Published: August 3, 2026
Share
SHARE

विदर्भ के सूखे से निपटने का केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी का गुरु मंत्र

जल संरक्षण को एक जनांदोलन के तौर पर चलाने की जरूरत पर बल

एनवायरमेंट पल्स डेस्क

नागपुर। केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने मीडिया कर्मियों से हाल ही में सीधा संवाद किया।  महाराष्ट्र के नागपुर में ‘जल संवाद’ और ‘जल क्रांति’ पर विस्तार से बात करते हुए  नितिन गडकरी ने कहा है कि जिस ढंग से विदर्भ में  किसानों ने जीवन त्यागने का दुखदाई रास्ता अपनाना शुरू किया है, उससे स्पष्ट है की जल संरक्षण का काम युद्ध स्तर पर होना चाहिए। उन्होंने कहा है कि समय आ गया है, जब हम पानी के अभाव से इस जगह को मुक्त करें और पूरे क्षेत्र में गांवों को जल-समृद्ध बनाने के लिए जल संरक्षण को एक जन-आंदोलन बनाएं।

बताते चलें कि ये बातें गडकरी ने नागपुर में हाल ही में संपन्न ‘पूर्ति सिंचन समृद्धि कल्याणकारी संस्था’ की रजत जयंती समारोह में बात करते हुए कहीं। जानकारी के अनुसार यह संस्था विदर्भ क्षेत्र में जल संरक्षण के क्षेत्र में काम कर रही है।

संस्था ने अपनी रजत जयंती बहुत हर्ष और उल्लास के साथ नागपुर में दो दिवसीय राष्ट्रीय सम्मेलन के साथ मनाई। इस  सम्मेलन में  विस्तार से इस बात पर चिंतन-मनन किया गया कि कैसे किसानों की आत्महत्या को रोका जा सकता है और कैसे  किसान कल्याणकारी नीतियां लागू हो सकती हैं। इसके आलावा पानी के विशेषज्ञों ने इस अनुष्ठान में पानी बचाओ पर सुझाव भी साझा किये। ‘जल संवाद’ और ‘जलक्रांति परिषद’ के सत्र के साथ लोगों में जागरूकता  बढ़ाई  गयी और एक अनूठी बहस की शुरुआत हुई।

इस मौके पर संस्था की 25 साल की यात्रा की समीक्षा की गयी और “तमसवाड़ा पैटर्न” सहित जल संरक्षण के सफल मॉडलों पर चर्चा की गयी। इस कार्यक्रम में आमिर खान, नाना पाटेकर और मकरंद अनासपुरे जैसी जानी-मानी हस्तियों ने शिरकत की। कार्यक्रम के दौरान जल संरक्षण और कृषि कल्याण पर कई किताबें भी जारी की गयीं।

Also Read: निम्स दाई – पहाड़ों का वह शेर जो अब कभी लौटेगा नहीं

You Might Also Like

जब चरागाह खतरे में पड़ा तो 700 किमी चल पड़ा थार का ऊंटपालक
मौसम का बड़ा अलार्म: ‘लिविंग मेमोरी’ का सबसे ताकतवर अल नीनो दे सकता है दस्तक
क्लीन एनर्जी में भारत की ऐतिहासिक उपलब्धि: नॉन-फॉसिल फ्यूल पावर क्षमता 300 GW के पार
गंगा के बाढ़ क्षेत्र से ‘निर्माण-मुक्त क्षेत्र’ की शर्त हटाने पर NGT ने केंद्र को भेजा नोटिस
गंगा में लौट रही जिंदगी: 33 हजार हेक्टेयर हरियाली, डॉल्फिन और घड़ियालों की बढ़ी मौजूदगी
TAGGED:environmentNitin GadkariSustainabilitywaterWater conservation
Share This Article
Facebook Whatsapp Whatsapp LinkedIn Email Copy Link Print
Leave a Comment

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Follow US

Find US on Social Medias
FacebookLike
XFollow
InstagramFollow
YoutubeSubscribe
LinkedInFollow
Popular News
Photo- courtesy dongascience.com
जंगल

बोलीविया के बादलों से घिरे जंगलों में मिली नई जंगली बिल्ली की प्रजाति, 100 साल बाद पहली बार वैज्ञानिक पहचान

Environment Pulse
Environment Pulse
September 21, 2026
When El Niño Meets a Warming Planet: The Real Cost to Global Agriculture
हिमाचल में ग्लाइफोसेट पर पूर्ण प्रतिबंध की मांग, 44 पर्यावरण संगठनों ने मुख्यमंत्री से की अपील
खाद्य प्रसंस्करण उद्योग को मिली नई रफ्तार, पूर्वांचल और मध्यांचल बने निवेश के नए केंद्र
भारत में सांप के काटने का संकट: हर साल हजारों जिंदगियां निगल रही एक अनदेखी त्रासदी

Categories

  • जल
  • जमीन
  • जंगल
  • जैव-विविधता
  • हवा
  • खनिज
  • ऊर्जा
  • ग्रीन जॉब
  • स्टोरी
  • इम्पैक्ट फीचर
  • वीडियो

About US

Environmentpulse.com is a bilingual (Hindi-English) news platform that presents high-quality news, views, and videos related to the environment.
Quick Link
  • ऊर्जा
  • खनिज
  • जैव-विविधता
  • जंगल
Top Categories
  • My Bookmark
  • Contact
  • Privacy Policy
Environment PulseEnvironment Pulse
© Pratham Publisher and Informatics Private Limited. All Rights Reserved. | Developed By: Tech Yard Labs
Welcome Back!

Sign in to your account

Username or Email Address
Password

Lost your password?