विदर्भ के सूखे से निपटने का केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी का गुरु मंत्र
जल संरक्षण को एक जनांदोलन के तौर पर चलाने की जरूरत पर बल
एनवायरमेंट पल्स डेस्क
नागपुर। केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने मीडिया कर्मियों से हाल ही में सीधा संवाद किया। महाराष्ट्र के नागपुर में ‘जल संवाद’ और ‘जल क्रांति’ पर विस्तार से बात करते हुए नितिन गडकरी ने कहा है कि जिस ढंग से विदर्भ में किसानों ने जीवन त्यागने का दुखदाई रास्ता अपनाना शुरू किया है, उससे स्पष्ट है की जल संरक्षण का काम युद्ध स्तर पर होना चाहिए। उन्होंने कहा है कि समय आ गया है, जब हम पानी के अभाव से इस जगह को मुक्त करें और पूरे क्षेत्र में गांवों को जल-समृद्ध बनाने के लिए जल संरक्षण को एक जन-आंदोलन बनाएं।
बताते चलें कि ये बातें गडकरी ने नागपुर में हाल ही में संपन्न ‘पूर्ति सिंचन समृद्धि कल्याणकारी संस्था’ की रजत जयंती समारोह में बात करते हुए कहीं। जानकारी के अनुसार यह संस्था विदर्भ क्षेत्र में जल संरक्षण के क्षेत्र में काम कर रही है।
संस्था ने अपनी रजत जयंती बहुत हर्ष और उल्लास के साथ नागपुर में दो दिवसीय राष्ट्रीय सम्मेलन के साथ मनाई। इस सम्मेलन में विस्तार से इस बात पर चिंतन-मनन किया गया कि कैसे किसानों की आत्महत्या को रोका जा सकता है और कैसे किसान कल्याणकारी नीतियां लागू हो सकती हैं। इसके आलावा पानी के विशेषज्ञों ने इस अनुष्ठान में पानी बचाओ पर सुझाव भी साझा किये। ‘जल संवाद’ और ‘जलक्रांति परिषद’ के सत्र के साथ लोगों में जागरूकता बढ़ाई गयी और एक अनूठी बहस की शुरुआत हुई।
इस मौके पर संस्था की 25 साल की यात्रा की समीक्षा की गयी और “तमसवाड़ा पैटर्न” सहित जल संरक्षण के सफल मॉडलों पर चर्चा की गयी। इस कार्यक्रम में आमिर खान, नाना पाटेकर और मकरंद अनासपुरे जैसी जानी-मानी हस्तियों ने शिरकत की। कार्यक्रम के दौरान जल संरक्षण और कृषि कल्याण पर कई किताबें भी जारी की गयीं।
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