By using this site, you agree to the Privacy Policy and Terms of Use.
Accept
Environment PulseEnvironment PulseEnvironment Pulse
Notification Show More
Font ResizerAa
  • जल
  • जमीन
  • जंगल
  • जैव-विविधता
  • हवा
  • खनिज
  • ऊर्जा
  • ग्रीन जॉब
  • स्टोरी
  • इम्पैक्ट फीचर
  • कचरा-प्रबंधन
  • सस्टेनिबिलिटी
  • विचार
  • वीडियो
Reading: जलवायु संकट: जब हमारे पास शब्द ही नहीं हैं तो समझें कैसे?
Share
Font ResizerAa
Environment PulseEnvironment Pulse
  • जल
  • जमीन
  • जंगल
  • जैव-विविधता
  • हवा
  • खनिज
  • ऊर्जा
  • ग्रीन जॉब
  • स्टोरी
  • इम्पैक्ट फीचर
  • कचरा-प्रबंधन
  • सस्टेनिबिलिटी
  • विचार
  • वीडियो
Search
  • जल
  • जमीन
  • जंगल
  • जैव-विविधता
  • हवा
  • खनिज
  • ऊर्जा
  • ग्रीन जॉब
  • स्टोरी
  • इम्पैक्ट फीचर
  • कचरा-प्रबंधन
  • सस्टेनिबिलिटी
  • विचार
  • वीडियो
Have an existing account? Sign In
Follow US
Environment Pulse > जल > जलवायु संकट: जब हमारे पास शब्द ही नहीं हैं तो समझें कैसे?
(फोटो सौजन्य-एआई)
जलजैव-विविधतास्टोरीहवा

जलवायु संकट: जब हमारे पास शब्द ही नहीं हैं तो समझें कैसे?

Environment Pulse
Last updated: August 6, 2026 8:10 pm
Environment Pulse
Published: August 6, 2026
Share
(फोटो सौजन्य-एआई)
SHARE

भारत में 780 से ज़्यादा भाषाएं बोली जाती हैं, लेकिन जलवायु विज्ञान की भाषा सिर्फ एक है — अंग्रेज़ी।

जब हमारे पास किसी चीज़ को बयां करने के लिए शब्द ही नहीं होते, तो हमारी समझ भी सिमट जाती है।

एनवायरमेंट पल्स डेस्क

पर्यावरण के बारे में बात सिर्फ किसी एक भाषा में बात करने से नहीं चलेगा। ज़रुरत है तो उसके बारे में हर प्रांत, हर शहर, हर कसबे में बात करने से। उसके लिए ये भी ज़रूरी है की हम हर भाषा में पारंगत हों और अपनी बात को बहुत गंभीरता से कहें। अगर आप अलग अलग राज्य और भाषा के जानकारों से मिले उनसे अवश्य पूछिए की क्या वे अपनी मातृभाषा में ‘जलवायु परिवर्तन’ या ‘ग्लोबल वार्मिंग’ कह सकते हैं? विडम्बना ये है की ऐसा हर कोई कर नहीं पायेगा। कुछ लोग शायद घुमा-फिराकर कोई शब्द निकाल भी लें, लेकिन ज़्यादातर के लिए यह शब्द अजनबी ही रहेगा।

बात याददाश्त की भी नहीं, बल्कि एक गहरी व्यवस्थागत खामी की तरफ इशारा करती है। ऑटो चालक, ठेला लगाने वाला, चौकीदार या दुकान वाला — शायद ही किसी ने कभी अपनी भाषा में ‘ग्लोबल वार्मिंग’ शब्द सुना हो। असलियत ये है की असल ज़िन्दगी में पर्यावरण के तालमेल बिगड़ने से इन पर बुरा असर पढ़ता है।

एक सर्वे में सामने आया कि केवल 36% लोगों ने कहा कि वे ग्लोबल वार्मिंग के बारे में “कुछ-कुछ” जानते हैं, 17% ने कहा “बहुत कम” पता है, और 27% ने माना कि उन्होंने यह शब्द कभी सुना ही नहीं।

Also Read: अंडों  के केज-फ्री सिस्टम पर बहस जारी

You Might Also Like

गंगा-गोमती दोआब क्षेत्र के भूजल की होगी गहरी पड़ताल
एआई-आधारित पूर्वानुमान प्रणाली का बड़ा संकेत, फरवरी 2027 तक बना रह सकता है अल नीनो
Open gym culture in Lucknow is boosting community health
अंडों  के केज-फ्री सिस्टम पर बहस जारी
UP Government provides Rs. 210 crore in subsidies for electric vehicles, over 43,000 people benefit
TAGGED:Climate crisisenvironmentGlobal warming
Share This Article
Facebook Whatsapp Whatsapp LinkedIn Email Copy Link Print
Leave a Comment

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Follow US

Find US on Social Medias
FacebookLike
XFollow
InstagramFollow
YoutubeSubscribe
LinkedInFollow
Popular News
(एआई फोटो)
Blogसस्टेनिबिलिटीस्टोरी

निम्स दाई – पहाड़ों का वह शेर जो अब कभी लौटेगा नहीं

Environment Pulse
Environment Pulse
August 3, 2026
Self-Driving Cars: Everything You Need to Know
एआई और सैटेलाइट तकनीक से घट रहा मीथेन उत्सर्जन, जलवायु संकट से लड़ाई में नई उम्मीद
हमें बीमार बना रहा जलवायु संकट, बढ़ती गर्मी से तेजी से फैल रही संक्रामक बीमारियां
पर्यावरण मंजूरी देने के मामले में सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला

Categories

  • जल
  • जमीन
  • जंगल
  • जैव-विविधता
  • हवा
  • खनिज
  • ऊर्जा
  • ग्रीन जॉब
  • स्टोरी
  • इम्पैक्ट फीचर
  • वीडियो

About US

Environmentpulse.com is a bilingual (Hindi-English) news platform that presents high-quality news, views, and videos related to the environment.
Quick Link
  • ग्रीन जॉब
  • ऊर्जा
  • खनिज
  • जैव-विविधता
  • जंगल
Top Categories
  • My Bookmark
  • Contact
  • Privacy Policy
Environment PulseEnvironment Pulse
© Foxiz News Network. Ruby Design Company. All Rights Reserved.
Welcome Back!

Sign in to your account

Username or Email Address
Password

Lost your password?