भारतीय ईवी बाजार के विस्तार को देखते हुए स्कोडा ऑटो 2028 तक भारत में बनी अपनी पहली 5-सीटर और बाद में 7-सीटर इलेक्ट्रिक एसयूवी (SUV) लॉन्च करने की योजना बना रही है।
एनवायरमेंट पल्स डेस्क। भारत के तेजी से बदलते इलेक्ट्रिक वाहन बाजार को देखते हुए स्कोडा ऑटो अब देश में स्थानीय स्तर पर इलेक्ट्रिक कारों का उत्पादन शुरू करने की तैयारी में है। कंपनी की पहली भारत-निर्मित इलेक्ट्रिक कार के 2028 में बाजार में आने की उम्मीद है।
स्थानीय ईवी लाइन-अप में पहले पांच सीटों वाली और बाद में सात सीटों वाली इलेक्ट्रिक एसयूवी शामिल हो सकती है। स्कोडा का भारतीय मॉडल लाइन-अप वर्ष 2020 से मुख्य रूप से पेट्रोल कारों तक सीमित रहा है।
हालांकि, भारतीय कार बाजार में पेट्रोल वाहनों की हिस्सेदारी लगातार घट रही है और यह अब कुल बाजार के 50 प्रतिशत से भी कम रह गई है। ऐसे में कंपनी सीएनजी, डीजल और इलेक्ट्रिक वाहनों के जरिए अपने पोर्टफोलियो में विविधता लाने की दिशा में आगे बढ़ रही है।
कंपनी ने अपने नए उत्पाद विस्तार कार्यक्रम को आंतरिक रूप से ‘इंडिया 3.0’ नाम दिया है। इसके तहत 2027 में सीएनजी से चलने वाली काइलैक लाने की योजना है, जबकि 2028 से दो स्थानीय स्तर पर निर्मित बैटरी इलेक्ट्रिक वाहनों को पेश किया जा सकता है। पहला मॉडल पांच सीटों वाला होगा और इसके बाद सात सीटों वाला मॉडल बाजार में उतारने की योजना है।
कंपनी भारत के लिए इलेक्ट्रिक कार विकसित करने के सबसे बेहतर विकल्प पर विचार कर रही है। आगामी मॉडलों के तकनीकी विवरण साझा नहीं किए। माना जा रहा है कि नए ईवी कार्यक्रम में वोक्सवैगन समूह के चीन मेन प्लेटफॉर्म यानी सीएमपी के अनुकूलित संस्करण का इस्तेमाल किया जा सकता है। भारत के लिए विकसित इस आर्किटेक्चर को इंडिया मेन प्लेटफॉर्म (आईएमपी) कहा जा रहा है।
इसे भारतीय बाजार की लागत और जरूरतों के अनुरूप तैयार किया जाएगा। कंपनी मौजूदा इलेक्ट्रिक आर्किटेक्चर का इस्तेमाल करते हुए प्लेटफॉर्म, बैटरी सिस्टम और प्रमुख कंपोनेंट्स का स्थानीयकरण करने पर जोर देगी। भारतीय बाजार में प्रतिस्पर्धी कीमत हासिल करने के लिए उच्च स्तर का स्थानीयकरण बेहद महत्वपूर्ण होगा।
कंपनी के बड़े पैमाने वाले ईवी मॉडल स्थानीयकरण के बाद ही बाजार में प्रभावी रूप से आ सकेंगे और इस दिशा में काम तेजी से चल रहा है। करीब एक अरब यूरो के निवेश की संभावना स्थानीय इलेक्ट्रिक वाहनों के विकास, इंजीनियरिंग और उत्पादन के लिए नए निवेश की जरूरत होगी। कंपनी भारत में निवेश के अगले चरण को अंतिम रूप देने के करीब है।
सूत्रों के मुताबिक, यह निवेश करीब एक अरब यूरो तक हो सकता है। हालांकि, स्कोडा ने अभी निवेश की आधिकारिक राशि या संरचना की पुष्टि नहीं की है। कंपनी ईवी कार्यक्रम के वित्तपोषण के लिए रणनीतिक साझेदार को शामिल करने सहित कई विकल्पों पर विचार कर रही है।
स्कोडा ऑटो वोक्सवैगन इंडिया और जेएसडब्ल्यू समूह के बीच संभावित गठजोड़ को लेकर भी बातचीत अंतिम चरण में बताई जा रही है। प्रस्तावित व्यवस्था में भारतीय समूह की बहुमत हिस्सेदारी और ईवी कार्यक्रम के लिए पूंजी उपलब्ध कराने की संभावना जताई गई है।
हालांकि, बातचीत अभी औपचारिक निष्कर्ष तक नहीं पहुंची है। साझेदारी की अंतिम संरचना और दायरे की घोषणा होना बाकी है। यदि यह गठजोड़ नहीं हो पाता है, तो स्कोडा ऑटो वोक्सवैगन इंडिया ईवी कार्यक्रम के लिए दूसरे वित्तीय विकल्पों पर भी विचार कर रही है।
भारत में स्थानीय रूप से निर्मित इलेक्ट्रिक मॉडल के साथ स्कोडा को मुख्यधारा के ईवी बाजार में अपनी मौजूदगी मजबूत करने और टाटा मोटर्स, हुंडई, महिंद्रा तथा अन्य कंपनियों के साथ प्रतिस्पर्धा बढ़ाने का अवसर मिलेगा।
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