वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग व दिल्ली प्रदूषण नियंत्रण समिति से मिले निर्देशों पर बना प्लान
हर महीने की 25 तारीख को देनी होगी प्लान की एक्शन टेकेन रिपोर्ट (एटीआर)
एनवायरमेंट पल्स डेस्क
दिल्ली में पर्यावरण संरक्षण और वायु गुणवत्ता नियंत्रण के लिए एक नया प्रयोग हो रहा है। पर्यावरण के बारे में रुचि जगाने के लिए दिल्ली सरकार ने सभी स्कूलों को छात्रों में पर्यावरण और वायु प्रदूषण के प्रति जागरूकता बढ़ाने के लिए सालभर चलने वाला वायु प्रदूषण जागरूकता प्लान लागू करने का निर्देश दिया है। इसमें अलग-अलग तरह के कार्यक्रमों से जोड़कर बच्चों को यह समझाया जायेगा कि प्रदूषण के क्या कारण हैं, उसके प्रभाव और बचाव के उपाए क्या-क्या हैं?
इसमें पर्यावरण के अलग अलग बिंदुओं पर गहरी चर्चा होगी। शिक्षा विभाग ने सभी सरकारी स्कूलों से कहा है कि वे पूरे साल छात्रों के लिए वायु प्रदूषण जागरूकता कार्यक्रम चलाएं।
इससे बच्चे न केवल लाभान्वित होंगे, बल्कि वे ये भी जान पाएंगे कि वायु प्रदूषण का स्वास्थ्य और पर्यावरण पर क्या असर पड़ता है और इससे बचने के लिए क्या कदम उठाए जा सकते हैं?
दिल्ली सरकार भी मान रही है की छात्रों में जागरूकता बढ़ाकर उन्हें पर्यावरण के प्रति जिम्मेदार बनाया एक बहुत जरूरी कदम है । नीति निर्धारक मानते हैं की इससे बच्चों में अच्छी आदतें विकसित होंगी। साथ ही साथ हवा की गुणवत्ता सुधारने के प्रयासों को भी उचित बल मिलेगा।
बच्चों को नाना प्रकार के गतिविधियों के साथ इस पूरे कैंपेन से जोड़ा जायेगा। बच्चों में कलात्मक स्वाभाव को जागृत करके पोस्टर बनाने, स्लोगन लिखने, निबंध और भाषण प्रतियोगिताएं कराने के साथ उन्हें नुक्कड़ नाटकों के द्वारा सिखाया जायेगा कि कैसे गाड़ियों से निकलने वाले धुएं, सड़क की धूल, निर्माण कार्य से प्रदूषण कैसे फैलता है ? ज्यादातर गतिविधियों में कक्षा 6 से 12 तक के छात्र हिस्सा लेंगे।
एक खबर की माने तो सूचना, शिक्षा और संचार (IEC) एक्शन प्लान के अनुसार, गाड़ियों से निकलने वाले धुएं पर जागरूकता कार्यक्रम जुलाई से हर महीने आयोजित हो रहे हैं। सड़क की धूल पर अभियान जुलाई से सितंबर तक, निर्माण कार्य की धूल पर सितंबर से नवंबर तक, नगर निगम के ठोस कचरे और पराली जलाने पर नवंबर और दिसंबर में, औद्योगिक उत्सर्जन पर जनवरी में, थर्मल पावर प्लांट पर फरवरी में और डीजल जनरेटर सेट पर मार्च में अभियान चलाए जाएंगे।
यह एक्शन प्लान ‘वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग’ (CAQM) के फ्रेमवर्क और ‘दिल्ली प्रदूषण नियंत्रण समिति’ (DPCC) से मिले निर्देशों के आधार पर तैयार किया गया है। निर्देशानुसार अपने अधिकार क्षेत्र में आने वाले स्कूलों में इस योजना को लागू करना सुनिश्चित करना होगा। एक्शन प्लान में बताई गई तारीख के महीने की 25 तारीख तक गतिविधियों की तस्वीरों के साथ ‘की गई कार्रवाई की रिपोर्ट’ (ATR) विज्ञान शाखा को सौंपना होगा।
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