केन्या ने अफ्रीका में हरित विकास, कौशल और रोजगार को बढ़ावा देने के लिए सभी देशों और हितधारकों के संयुक्त प्रयास का आह्वान किया। नैरोबी में आयोजित इस सम्मेलन में शिक्षा को बाजार की व्यावहारिक जरूरतों और नए उद्यमों से जोड़ने पर सहमति बनी। अप्रेंटिसशिप कार्यक्रमों को बढ़ावा देने और अनौपचारिक क्षेत्र से सीखे गए कौशल को मान्यता देने की सिफारिश की गई।
एनवायरमेंट पल्स डेस्क। केन्या ने अफ्रीका में हरित अर्थव्यवस्था को तेजी से आगे बढ़ाने के लिए हरित कौशल विकास, रोजगार सृजन और उद्यमिता को लेकर एक समन्वित महाद्वीपीय रणनीति बनाने की अपील की है।
केन्या का कहना है कि सरकारों, निजी क्षेत्र, प्रशिक्षण संस्थानों और निवेशकों के बीच मजबूत सहयोग के बिना अफ्रीका के हरित आर्थिक बदलाव को अपेक्षित गति देना मुश्किल होगा।
यह आह्वान नैरोबी में आयोजित GreenWorks 4 Africa: Africa Green Skills and Jobs Summit के समापन अवसर पर किया गया। सम्मेलन में नीति-निर्माताओं, विकास साझेदारों, शोधकर्ताओं और निजी क्षेत्र के प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया। प्रतिभागियों ने माना कि अफ्रीका की हरित अर्थव्यवस्था का भविष्य ऐसे एकीकृत तंत्र विकसित करने पर निर्भर करेगा, जो कौशल विकास को रोजगार और नए उद्यमों के विस्तार से जोड़ सके।
केन्या के पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन विभाग के प्रधान सचिव डॉ. इंजीनियर फेस्टस के. एनगेनो ने कहा कि अफ्रीकी देश ऐसे व्यावहारिक मॉडल तलाश रहे हैं, जो हरित अर्थव्यवस्था से जुड़े लक्ष्यों को वास्तविक आर्थिक अवसरों में बदल सकें। उन्होंने हरित ऊर्जा और हरित आर्थिक प्रणालियों में निवेश को केवल पर्यावरण संरक्षण तक सीमित न रखते हुए राष्ट्रीय विकास में निवेश के रूप में देखने पर जोर दिया।
उन्होंने सम्मेलन में सरकार, उद्योग, अकादमिक संस्थानों और विकास साझेदारों को एक मंच पर लाने की पहल का भी स्वागत किया। Jacob’s Ladder Africa की सह-संस्थापक और मुख्य कार्यकारी अधिकारी सेलाह बोगोंको ने कहा कि सम्मेलन ने विभिन्न हितधारकों को ऐसे समाधान तलाशने का अवसर दिया, जिन्हें पूरे अफ्रीका में स्थानीय परिस्थितियों के अनुरूप अपनाया और बड़े स्तर पर लागू किया जा सकता है।
उन्होंने कहा कि महाद्वीप को हरित विकास के लिए समान दिशा और साझा प्रयास के साथ आगे बढ़ना होगा। अप्रेंटिसशिप और डुअल ट्रेनिंग पर जोर सम्मेलन में प्रतिभागियों ने हरित कौशल विकास के केंद्र में अप्रेंटिसशिप और डुअल ट्रेनिंग कार्यक्रमों को रखने की सिफारिश की। साथ ही, नियोक्ताओं की भागीदारी बढ़ाने पर भी जोर दिया गया, ताकि प्रशिक्षण सीधे उद्योग की वास्तविक जरूरतों से जुड़ सके।
प्रतिभागियों ने पूर्व में हासिल कौशल और अनुभव की व्यापक मान्यता की आवश्यकता भी रेखांकित की। इसका उद्देश्य ऐसे युवाओं और कामगारों को नए हरित रोजगार अवसरों से बाहर होने से रोकना है, जिन्होंने औपचारिक संस्थानों के बजाय अनौपचारिक क्षेत्र में काम करते हुए कौशल हासिल किया है।
शिक्षा को रोजगार बाजार से जोड़ने की जरूरत सम्मेलन ने सरकारों और प्रशिक्षण संस्थानों से शिक्षा एवं कौशल विकास कार्यक्रमों को श्रम बाजार की बदलती जरूरतों के अनुरूप तैयार करने का आग्रह किया। इसके साथ ही स्थानीय स्तर पर विकसित हरित समाधानों में निवेश और सरकारों, व्यवसायों, निवेशकों तथा विकास साझेदारों के बीच सहयोग मजबूत करने की सिफारिश की गई। प्रतिनिधियों ने Alliance for Greening Skills and Opportunities Africa के विस्तार का भी समर्थन किया।
इसका उद्देश्य सरकारों, नियोक्ताओं, शिक्षण संस्थानों और निवेशकों के बीच सहयोग को मजबूत करना तथा पूरे अफ्रीका में हरित कौशल और रोजगार के एजेंडे को आगे बढ़ाना है। अफ्रीका के लिए हरित अर्थव्यवस्था केवल जलवायु परिवर्तन से निपटने का माध्यम नहीं, बल्कि युवाओं के लिए रोजगार, नए व्यवसायों के विकास और दीर्घकालिक आर्थिक अवसर पैदा करने का महत्वपूर्ण रास्ता भी बन सकती है।
सम्मेलन से निकला संदेश यही रहा कि इसके लिए नीतियों के साथ-साथ कौशल, पूंजी, प्रशिक्षण और उद्योग की जरूरतों को एक ही व्यवस्था में जोड़ना होगा।
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