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Environment Pulse > ईको सिस्टम > उपग्रहों ने खोजे अमेरिका में मीथेन के बड़े उत्सर्जन केंद्र, तेजी से बढ़ते वैश्विक तापमान पर बढ़ी चिंता
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ईको सिस्टम

उपग्रहों ने खोजे अमेरिका में मीथेन के बड़े उत्सर्जन केंद्र, तेजी से बढ़ते वैश्विक तापमान पर बढ़ी चिंता

Environment Pulse
Last updated: September 15, 2026 5:02 pm
Environment Pulse
Published: September 15, 2026
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उपग्रहों (विशेषकर Tanager-1) के हालिया डेटा से अमेरिका के प्रमुख तेल और गैस क्षेत्रों (जैसे पर्मियन बेसिन) में 1,000 से अधिक बड़े मीथेन उत्सर्जन स्रोतों (“सुपर-एमिटर”) की पहचान हुई है। इनमें लुइसियाना का एक गैस संयंत्र भी शामिल है, जहाँ से मानक सीमा से लगभग 15 गुना अधिक मीथेन उत्सर्जित हो रही है। मीथेन एक अत्यधिक शक्तिशाली ग्रीनहाउस गैस है, जो वैश्विक तापमान को तेजी से बढ़ा रही है। हालांकि, उपग्रहों की मदद से इन रिसावों का समय रहते पता चलने से बेहतर रखरखाव और निगरानी के जरिए इन पर प्रभावी नियंत्रण पाया जा सकता है।

एनवायरमेंट पल्स डेस्क: उपग्रहों से प्राप्त आंकड़ों ने अमेरिका के प्रमुख तेल और गैस उत्पादक क्षेत्रों में मीथेन उत्सर्जन के कई बड़े स्रोतों यानी “सुपर-एमिटर” की पहचान की है।

वैज्ञानिकों के अनुसार, इन स्थानों से लगातार हो रहा भारी मीथेन उत्सर्जन वैश्विक तापमान बढ़ने की रफ्तार को तेज कर रहा है। यूसीएलए के हालिया विश्लेषण में कार्बन मैपर द्वारा संसाधित Tanager-1 उपग्रह के आंकड़ों का इस्तेमाल किया गया। शोधकर्ताओं ने अमेरिका के तीन प्रमुख उत्पादन क्षेत्रों—टेक्सास और न्यू मैक्सिको का पर्मियन बेसिन, एपलाचियन बेसिन और हेन्सविल-बोसियर क्षेत्र—में जनवरी 2025 से जून 2026 के बीच तेल एवं गैस प्रतिष्ठानों से मीथेन के 1,000 से अधिक प्लूम यानी गैस के बड़े उत्सर्जन गुबार दर्ज किए।

ये तीन क्षेत्र मिलकर अमेरिका के प्राकृतिक गैस उत्पादन का लगभग दो-तिहाई हिस्सा देते हैं। अध्ययन में सबसे बड़ा उत्सर्जन स्रोत लुइसियाना के श्रेवेपोर्ट के पास स्थित एक गैस प्रोसेसिंग संयंत्र पाया गया, जिसका संचालन एनर्जी ट्रांसफर करती है। इस संयंत्र से औसतन 1.56 टन मीथेन प्रति घंटे उत्सर्जित होने का अनुमान लगाया गया, जो अमेरिकी पर्यावरण संरक्षण एजेंसी (EPA) द्वारा निर्धारित 100 किलोग्राम प्रति घंटे के सुपर-एमिटर मानक से करीब 15 गुना अधिक है।

टेक्सास, लुइसियाना और ओक्लाहोमा में भी कई बड़े उत्सर्जन केंद्र सामने आए हैं। इनमें उपकरणों की खराबी, अधूरी फ्लेयरिंग, जानबूझकर गैस छोड़ना और पुराने बुनियादी ढांचे जैसी वजहें प्रमुख हैं। लैंडफिल और कुछ कोयला खदानें भी बड़े मीथेन उत्सर्जन में योगदान देती हैं, हालांकि इन क्षेत्रों में उपग्रहों द्वारा दर्ज अधिकांश बड़े प्लूम तेल और गैस उद्योग से जुड़े पाए गए।

मीथेन एक अत्यंत शक्तिशाली ग्रीनहाउस गैस है। 20 वर्ष की अवधि में यह कार्बन डाइऑक्साइड की तुलना में गर्मी को फंसाने में लगभग 80 गुना अधिक प्रभावी हो सकती है। हालांकि वातावरण में मीथेन का जीवनकाल कार्बन डाइऑक्साइड से कम होता है, लेकिन इसके उत्सर्जन में तेजी से कमी लाना निकट भविष्य में वैश्विक तापमान वृद्धि की दर को कम करने के सबसे प्रभावी उपायों में से एक माना जाता है।

वैज्ञानिकों के अनुसार, सुपर-एमिटर की संख्या अपेक्षाकृत कम होती है, लेकिन वे किसी क्षेत्र के कुल मीथेन उत्सर्जन में असमान रूप से बड़ा योगदान कर सकते हैं। पर्मियन बेसिन के कुछ हिस्सों में ऐसे बड़े स्रोत कुल उत्सर्जन का 20 से 50 प्रतिशत या उससे भी अधिक हिस्सा पैदा कर सकते हैं।

Tanager-1, अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन पर नासा का EMIT और TROPOMI जैसे उपग्रह आधारित उपकरण अब अंतरिक्ष से व्यक्तिगत प्रतिष्ठानों तक के बड़े मीथेन प्लूम का पता लगाने और उनकी मात्रा का अनुमान लगाने में सक्षम हैं। कार्बन मैपर जैसी पहल इस जानकारी का बड़ा हिस्सा सार्वजनिक रूप से उपलब्ध करा रही हैं, जिससे नियामक एजेंसियों, कंपनियों और शोधकर्ताओं को उत्सर्जन के प्रमुख स्रोतों पर सीधे कार्रवाई करने में मदद मिल सकती है।

विशेषज्ञों का कहना है कि कई बड़े मीथेन रिसाव स्थायी नहीं बल्कि रुक-रुक कर होने वाले या उपकरणों की मरम्मत से ठीक किए जा सकने वाले होते हैं। ऐसे में अपेक्षाकृत कम लागत वाले रखरखाव और बेहतर निगरानी के जरिए उत्सर्जन में तेजी से कमी लाई जा सकती है। अमेरिका में प्राकृतिक गैस उत्पादन रिकॉर्ड स्तरों के आसपास बना हुआ है। ऐसे में उपग्रहों से मिलने वाली सटीक जानकारी जीवाश्म ईंधन उद्योग में जवाबदेही बढ़ाने और मीथेन उत्सर्जन पर प्रभावी नियंत्रण के लिए महत्वपूर्ण साबित हो सकती है।

Also Read: The Insurgents: How Green Startups Are Quietly Rewriting the Rules of Business

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