स्वीडन ने उपभोक्ता उत्पादों में ‘पीएफएएस’ (PFAS) नामक ‘हमेशा बने रहने वाले रसायनों’ के उपयोग पर राष्ट्रीय प्रतिबंध लगाने का प्रस्ताव पेश किया है और इसके लिए एक सार्वजनिक परामर्श प्रक्रिया शुरू की है। इस प्रस्ताव के तहत 1 जनवरी 2028 से कपड़ों, जूतों, सौंदर्य प्रसाधनों, रसोई के बर्तनों और वाटरप्रूफिंग उत्पादों में इसके इस्तेमाल पर रोक लगाने की योजना है, जो तब तक लागू रहेगी जब तक यूरोपीय संघ (EU) स्तर पर समान कानून नहीं बन जाता।
एनवायरमेंट पल्स डेस्क : स्वीडन ने उपभोक्ता उत्पादों में पीएफएएस (PFAS) नामक ‘हमेशा बने रहने वाले रसायनों’ के इस्तेमाल पर राष्ट्रीय प्रतिबंध लगाने का प्रस्ताव रखा है। फ्रांस पहले ही इस दिशा में कदम उठा चुका है। इसके साथ ही यूरोप में इन रसायनों पर व्यापक प्रतिबंध लगाने की मांग तेज हो गई है। स्वीडन सरकार ने एक सार्वजनिक परामर्श प्रक्रिया शुरू की है। प्रस्ताव के तहत एक जनवरी 2028 से कपड़ों, जूतों, वाटरप्रूफिंग उत्पादों, सौंदर्य प्रसाधनों, रसोई के बर्तनों और स्की वैक्स में पीएफएएस के इस्तेमाल पर रोक लगाने की योजना है।
यह प्रतिबंध तब तक लागू रहेगा, जब तक यूरोपीय संघ के स्तर पर समान कानून प्रभावी नहीं हो जाता। फ्रांस जनवरी 2026 से ही अपने 2025 के कानून के तहत सौंदर्य प्रसाधनों, स्की वैक्स और उपभोक्ता कपड़ों में इन रसायनों के इस्तेमाल पर प्रतिबंध लागू कर चुका है। दूसरी ओर, यूरोपीय संघ REACH नियमों के तहत पीएफएएस पर व्यापक प्रतिबंध तैयार कर रहा है, जिसके 2029 से पहले लागू होने की संभावना नहीं है। स्वीडन की पर्यावरण एवं जलवायु मंत्री रोमिना पोरमोक्टारी ने कहा है कि जब प्रभावी विकल्प उपलब्ध हैं, तो कपड़ों, सौंदर्य प्रसाधनों, खाना पकाने के बर्तनों और रोजमर्रा के अन्य उत्पादों में पीएफएएस की कोई जगह नहीं होनी चाहिए।
उन्होंने घरों, प्रकृति और मानव शरीर में इन रसायनों के बढ़ते प्रदूषण को रोकने की आवश्यकता पर जोर दिया। पीएफएएस ऐसे रसायन हैं जो पर्यावरण में लंबे समय तक बने रहते हैं और स्वास्थ्य एवं पर्यावरण संबंधी चिंताओं से जुड़े हैं। फ्रांस, डेनमार्क और अब स्वीडन द्वारा उठाए गए कदमों को यूरोपीय स्तर पर सख्त प्रतिबंध लागू होने से पहले की अंतरिम कार्रवाई के रूप में देखा जा रहा है। स्वीडन का प्रस्ताव यूरोपीय संघ के खाद्य पैकेजिंग नियमों में पहले से लागू सांद्रता सीमाओं के अनुरूप है। इस प्रस्ताव पर जनता और संबंधित पक्षों से नवंबर 2026 के अंत तक सुझाव मांगे गए हैं। इसके बाद अंतिम कानून तैयार किया जाएगा।
इन कदमों से स्पष्ट है कि गैर-जरूरी उपयोगों में पीएफएएस को धीरे-धीरे समाप्त करने के पक्ष में राजनीतिक और वैज्ञानिक सहमति बढ़ रही है। उद्योगों पर अब इन रसायनों के सुरक्षित विकल्प विकसित करने और उन्हें अपनाने का दबाव बढ़ेगा। हालांकि, नियामकों को स्वास्थ्य सुरक्षा के साथ-साथ व्यावहारिक बदलाव की समयसीमा और आवश्यक उपयोगों के लिए छूट जैसे पहलुओं में संतुलन बनाना होगा। जैसे-जैसे यूरोपीय देश अपने स्तर पर प्रतिबंध लागू कर रहे हैं, पीएफएएस युक्त उपभोक्ता उत्पादों के लिए यूरोपीय बाजार सीमित होता जा रहा है। इससे आने वाले वर्षों में यूरोपीय संघ के स्तर पर व्यापक प्रतिबंध की संभावना बढ़ गई है।
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