नाइजीरिया सरकार ने अफ्रीका में सुरक्षित कचरा प्रबंधन के लिए संयुक्त राष्ट्र पर्यावरण कार्यक्रम (UNEP) के साथ सहयोग की घोषणा की है। इस परियोजना का मुख्य उद्देश्य अनौपचारिक कचरा बीनने वालों को औपचारिक मूल्य श्रृंखला में शामिल करना और उनके स्वास्थ्य व अधिकारों की रक्षा करना है।
एनवायरमेंट पल्स डेस्क: नाइजीरिया की संघीय सरकार ने अफ्रीका में सुरक्षित और पर्यावरण के अनुकूल कचरा प्रबंधन व्यवस्था विकसित करने के लिए संयुक्त राष्ट्र पर्यावरण कार्यक्रम (UNEP) के साथ सहयोग की घोषणा की है।
पर्यावरण मंत्री मलाम बलाराबे लॉवल ने अबुजा में ‘Environmentally Sound and Safe Waste Management Frameworks in Africa’ परियोजना की समापन कार्यशाला में यह जानकारी दी।
गिनी-बिसाऊ, सिएरा लियोन और नाइजीरिया में लागू की गई इस परियोजना का उद्देश्य अनौपचारिक कचरा श्रमिकों और कचरा बीनने वालों को कचरा प्रबंधन की औपचारिक मूल्य श्रृंखला में बेहतर ढंग से शामिल करना तथा उनके स्वास्थ्य, सुरक्षा और अधिकारों की रक्षा करना है।
मंत्री का संदेश उनकी ओर से पर्यावरण मंत्रालय की निदेशक (प्रदूषण नियंत्रण एवं पर्यावरण स्वास्थ्य) अडियोला ओमोटुंडे ने प्रस्तुत किया। लॉवल ने कहा कि कचरा बीनने वाले अपशिष्ट प्रबंधन व्यवस्था की महत्वपूर्ण कड़ी हैं और उन्हें सशक्त बनाते हुए उनके हितों की रक्षा की जानी चाहिए।
उन्होंने उम्मीद जताई कि इस पहल से स्वच्छ, स्वस्थ और टिकाऊ नाइजीरिया की दिशा में प्रगति होगी। सिएरा लियोन की उप पर्यावरण मंत्री मीमा सोब्बा-स्टेफेंस ने कहा कि तेजी से बढ़ते शहरीकरण, जनसंख्या और बदलती उपभोग आदतों के कारण कचरा प्रबंधन पर दबाव बढ़ रहा है।
उन्होंने प्लास्टिक, इलेक्ट्रॉनिक कचरे, स्वास्थ्य संबंधी कचरे, इस्तेमाल किए गए तेल और रसायनों जैसे खतरनाक अपशिष्टों के लिए मजबूत नियमों और तकनीकी क्षमता की जरूरत बताई। NESREA के महानिदेशक प्रो. इनोसेंट बारिकोर ने कहा कि परियोजना से अफ्रीका में कचरा प्रबंधन क्षेत्र में आवश्यक कानूनी और संस्थागत सुधारों को गति मिल सकती है।
उन्होंने अपर्याप्त बुनियादी ढांचे, वित्तीय संसाधनों की कमी और जन-जागरूकता के अभाव को प्रमुख चुनौतियां बताया। UNEP प्रतिनिधि वैलेंटिना रिक्का ने बताया कि 2023 में शुरू हुई परियोजना का लक्ष्य अफ्रीकी देशों की कचरा प्रबंधन क्षमता को मजबूत करना है। उन्होंने कहा कि प्रभावी व्यवस्था के लिए मजबूत शासन और सभी संबंधित पक्षों के बीच सहयोग जरूरी है।
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