By using this site, you agree to the Privacy Policy and Terms of Use.
Accept
Environment PulseEnvironment PulseEnvironment Pulse
Notification Show More
Font ResizerAa
  • ईको सिस्टम
    • जल
    • जंगल
    • जमीन
    • हवा
    • खनिज
    • जैव-विविधता
    • गतिविधियां
  • कचरा-प्रबंधन
    • ग्रीन बिजनेस
    • रीसाइकलिंग
    • इन्नोवेशन
    • इनिशिएटिव्स
  • फ्यूचर ग्रीन
    • ऊर्जा
    • सस्टेनिबिलिटी
    • इलेक्ट्रिक व्हीकल
    • कृषि एवं खाद्य
  • ओपिनियन
    • विचार
    • इम्पैक्ट फीचर
    • स्टोरी
  • मल्टीमीडिया
    • वीडियो
Reading: ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में स्वच्छ तकनीक सहयोग पर जोर, एकतरफा कार्बन सीमा करों का विरोध
Share
Font ResizerAa
Environment PulseEnvironment Pulse
  • ईको सिस्टम
  • कचरा-प्रबंधन
  • फ्यूचर ग्रीन
  • ओपिनियन
  • मल्टीमीडिया
Search
  • ईको सिस्टम
    • जल
    • जंगल
    • जमीन
    • हवा
    • खनिज
    • जैव-विविधता
    • गतिविधियां
  • कचरा-प्रबंधन
    • ग्रीन बिजनेस
    • रीसाइकलिंग
    • इन्नोवेशन
    • इनिशिएटिव्स
  • फ्यूचर ग्रीन
    • ऊर्जा
    • सस्टेनिबिलिटी
    • इलेक्ट्रिक व्हीकल
    • कृषि एवं खाद्य
  • ओपिनियन
    • विचार
    • इम्पैक्ट फीचर
    • स्टोरी
  • मल्टीमीडिया
    • वीडियो
Have an existing account? Sign In
Follow US
Environment Pulse > फ्यूचर ग्रीन > ऊर्जा > ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में स्वच्छ तकनीक सहयोग पर जोर, एकतरफा कार्बन सीमा करों का विरोध
Photo- social media
ऊर्जाफ्यूचर ग्रीनसस्टेनिबिलिटी

ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में स्वच्छ तकनीक सहयोग पर जोर, एकतरफा कार्बन सीमा करों का विरोध

Environment Pulse
Last updated: September 14, 2026 4:12 pm
Environment Pulse
Published: September 14, 2026
Share
Photo- social media
SHARE

नई दिल्ली में आयोजित 18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में स्वच्छ प्रौद्योगिकी, ऊर्जा सहयोग और विकासशील देशों के हितों को प्रमुखता दी गई। सम्मेलन की ‘नई दिल्ली घोषणा’ में सौर ऊर्जा, स्मार्ट ग्रिड, कम-उत्सर्जन हाइड्रोजन और महत्वपूर्ण खनिजों पर सहयोग बढ़ाने का निर्णय लिया गया। साथ ही, ब्रिक्स देशों ने यूरोपीय संघ के कार्बन बॉर्डर एडजस्टमेंट मैकेनिज्म (CBAM) जैसे एकतरफा और संरक्षणवादी व्यापारिक उपायों का कड़ा विरोध करते हुए न्यायसंगत ऊर्जा परिवर्तन की मांग की।

एनवायरमेंट पल्स डेस्क:  ब्रिक्स के विस्तारित समूह के 18वें शिखर सम्मेलन में स्वच्छ प्रौद्योगिकी, ऊर्जा सहयोग और विकासशील देशों के हितों को प्रमुखता दी गई। 12-13 सितंबर 2026 को नई दिल्ली में आयोजित सम्मेलन के दौरान 11 पूर्ण सदस्य देशों के नेताओं ने स्वच्छ तकनीकों में सहयोग बढ़ाने के साथ-साथ एकतरफा कार्बन सीमा समायोजन उपायों का कड़ा विरोध किया।

सम्मेलन के बाद जारी नई दिल्ली घोषणा में जलवायु परिवर्तन से निपटने के लिए बहुपक्षीय सहयोग और विकासशील देशों की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए न्यायसंगत ऊर्जा परिवर्तन पर जोर दिया गया। भारत की अध्यक्षता में आयोजित शिखर सम्मेलन की थीम लचीलापन, नवाचार, सहयोग और स्थिरता पर आधारित रही। घोषणा में संयुक्त राष्ट्र जलवायु परिवर्तन रूपरेखा सम्मेलन (UNFCCC) और पेरिस समझौते के प्रति प्रतिबद्धता दोहराई गई।

ब्रिक्स नेताओं ने BRICS Photovoltaic Industry Working Group के लिए टर्म्स ऑफ रेफरेंस और एक्शन प्लान को मंजूरी दी। इसके तहत सौर फोटोवोल्टिक क्षेत्र में तकनीक, वित्त और कौशल विकास से जुड़े सहयोग के लिए रोडमैप तैयार किया जाएगा। विनिर्माण और सौर ऊर्जा के विस्तार में मदद के लिए राष्ट्रीय ज्ञान पोर्टल विकसित करने की भी योजना है। बैठक में कम-उत्सर्जन वाले हाइड्रोजन पर सहयोग के लिए नया कार्यक्षेत्र शुरू करने, स्मार्ट ग्रिड और ऊर्जा भंडारण के लिए मार्गदर्शक सिद्धांत तैयार करने तथा BRICS Digital Centre of Excellence for Smart Grids and Energy Storage स्थापित करने का निर्णय लिया गया।

यह केंद्र ज्ञान साझा करने, क्षमता निर्माण, नीतिगत सहयोग और पायलट परियोजनाओं को बढ़ावा देने में मदद करेगा। स्वच्छ और कम-उत्सर्जन वाली तकनीकों के लिए जरूरी महत्वपूर्ण खनिजों को भी घोषणा में विशेष महत्व दिया गया। ब्रिक्स देशों ने संसाधन संपन्न देशों में मूल्यवर्धन और आर्थिक विविधीकरण को बढ़ावा देने, आपूर्ति श्रृंखलाओं को अधिक लचीला और विविध बनाने तथा विकासशील देशों की वैश्विक स्वच्छ-तकनीक विनिर्माण के उच्च मूल्य वाले क्षेत्रों में भागीदारी बढ़ाने की आवश्यकता पर जोर दिया।

इसके लिए निवेश, तकनीक हस्तांतरण और औद्योगिक सहयोग को बढ़ावा देने के साथ BRICS Global Value Chain Action Plan 2026-2030 को आगे बढ़ाने की बात कही गई। नई दिल्ली घोषणा में अंतरराष्ट्रीय कानून के अनुरूप नहीं होने वाले एकतरफा, दंडात्मक, भेदभावपूर्ण और संरक्षणवादी उपायों, विशेष रूप से Carbon Border Adjustment Mechanisms (CBAMs) का विरोध किया गया। ब्रिक्स देशों ने चिंता जताई कि ऐसे उपाय विकासशील देशों के लिए जलवायु परिवर्तन से निपटने, अनुकूलन क्षमता बढ़ाने और आर्थिक लचीलापन मजबूत करने के प्रयासों को प्रभावित कर सकते हैं।

यह रुख मुख्य रूप से यूरोपीय संघ के Carbon Border Adjustment Mechanism (CBAM) की ओर संकेत माना जा रहा है। इसके तहत स्टील, एल्युमीनियम, सीमेंट, उर्वरक, बिजली और हाइड्रोजन जैसे कुछ कार्बन-गहन उत्पादों के आयात पर कार्बन से जुड़ी लागत लागू होती है। ब्रिटेन समेत कुछ अन्य देशों में भी इसी तरह की व्यवस्थाओं पर काम चल रहा है।

ब्रिक्स देशों का तर्क है कि ऐसे उपाय विकासशील और तेजी से औद्योगिकीकरण कर रही अर्थव्यवस्थाओं के निर्यात की लागत बढ़ा सकते हैं, जबकि इन देशों के पास तेजी से डीकार्बोनाइजेशन के लिए विकसित देशों के समान वित्तीय और तकनीकी संसाधन उपलब्ध नहीं हैं। घोषणा में माना गया कि विशेष रूप से उभरती और विकासशील अर्थव्यवस्थाओं के लिए वैश्विक ऊर्जा मिश्रण में जीवाश्म ईंधन की भूमिका फिलहाल बनी रहेगी। नेताओं ने ग्रीनहाउस गैस उत्सर्जन कम करने के साथ न्यायसंगत, व्यवस्थित, समान और समावेशी ऊर्जा परिवर्तन की आवश्यकता पर जोर दिया।

ब्रिक्स ने तकनीकी तटस्थता और ‘साझा लेकिन अलग-अलग जिम्मेदारियों और क्षमताओं’ के सिद्धांत को ध्यान में रखते हुए प्रत्येक देश की परिस्थितियों, जरूरतों और प्राथमिकताओं का सम्मान करने की बात कही। ऊर्जा सहयोग में नवीकरणीय ऊर्जा, जैव ऊर्जा, परमाणु ऊर्जा, जलविद्युत, हाइड्रोजन, कम-कार्बन तकनीक और ऊर्जा भंडारण के साथ आवश्यकतानुसार जीवाश्म ईंधन को भी व्यापक ऊर्जा मिश्रण का हिस्सा माना गया। विकसित देशों से ग्लोबल साउथ के देशों को जलवायु अनुकूलन और उत्सर्जन में कमी के प्रयासों के लिए अतिरिक्त, पर्याप्त, पूर्वानुमेय और सुलभ वित्तीय संसाधन तथा तकनीकी हस्तांतरण उपलब्ध कराने का आह्वान किया गया।

घोषणा में विकासशील देशों पर बढ़ते कर्ज के बोझ और विशेष रूप से अनुकूलन के लिए जलवायु वित्त की कमी को भी प्रमुख चुनौती बताया गया। ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के परिणामों से संकेत मिलता है कि समूह स्वच्छ तकनीक और औद्योगिक क्षमताओं के विकास के लिए दक्षिण-दक्षिण सहयोग को मजबूत करना चाहता है, लेकिन ऐसे व्यापारिक उपायों का विरोध कर रहा है जिन्हें सदस्य देश विकासशील अर्थव्यवस्थाओं पर बाहरी दबाव या संभावित संरक्षणवाद के रूप में देखते हैं।

नई कार्यसमितियों, उत्कृष्टता केंद्रों और कार्ययोजनाओं के क्रियान्वयन की प्रगति की समीक्षा आगामी वर्षों में ब्रिक्स की अगली अध्यक्षताओं के दौरान की जाएगी।

Also Read: सर्दियों में शहरों में कचरा जलाने से प्रदूषण गर्मियों के मुकाबले तीन गुना तक बढ़ा

You Might Also Like

वायरल 1980s फोटो ट्रेंड ने बढ़ाई AI के पर्यावरणीय असर पर चिंता
Coral Alarm Bells Ring Louder Over Great Nicobar Project
India’s efforts towards tiger conservation are praiseworthy at the international level
African Nations Step Up Investment in the Circular Economy
स्वच्छ ऊर्जा के विस्तार से दो वर्षों में भारत के बिजली क्षेत्र का CO2 उत्सर्जन स्थिर
TAGGED:BRICS Summit 2026CBAM OppositionClean TechnologyGlobal South Energy TransitionNew Delhi Declaration
Share This Article
Facebook Whatsapp Whatsapp LinkedIn Email Copy Link Print
1 Comment
  • Pingback: FGD स्थापना के मामले में सुप्रीम कोर्ट ने याचिकाकर्ता को NGT जाने को कहा – Environment Pulse

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Follow US

Find US on Social Medias
FacebookLike
XFollow
InstagramFollow
YoutubeSubscribe
LinkedInFollow
Popular News
AI Image
जल

गंगा के बाढ़ क्षेत्र से ‘निर्माण-मुक्त क्षेत्र’ की शर्त हटाने पर NGT ने केंद्र को भेजा नोटिस

Environment Pulse
Environment Pulse
August 28, 2026
झारखंड में ‘जीरो कोल लीकेज प्लान’ लागू करने का निर्देश
बदलती जलवायु में खाना उगाने का सबसे अच्छा तरीका कौन सा है?
यूपी प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड में शीघ्र दूर होगा स्टाफ का संकट
Open gym culture in Lucknow is boosting community health

Categories

  • जल
  • जमीन
  • जंगल
  • जैव-विविधता
  • हवा
  • खनिज
  • ऊर्जा
  • ग्रीन जॉब
  • स्टोरी
  • इम्पैक्ट फीचर
  • वीडियो

About US

Environmentpulse.com is a bilingual (Hindi-English) news platform that presents high-quality news, views, and videos related to the environment.
Quick Link
  • ऊर्जा
  • खनिज
  • जैव-विविधता
  • जंगल
Top Categories
  • My Bookmark
  • Contact
  • Privacy Policy
Environment PulseEnvironment Pulse
© Pratham Publisher and Informatics Private Limited. All Rights Reserved. | Developed By: Tech Yard Labs
Welcome Back!

Sign in to your account

Username or Email Address
Password

Lost your password?