भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने सक्रिय मानसून ट्रफ और निम्न दबाव के चलते 20 से अधिक राज्यों में भारी से बहुत भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है।
एनवायरमेंट पल्स डेस्क। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने देश के 20 से अधिक राज्यों के कई हिस्सों में भारी से बहुत भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। मध्य प्रदेश, राजस्थान और पड़ोसी उत्तर प्रदेश में अचानक बाढ़ यानी फ्लैश फ्लड का खतरा विशेष रूप से बढ़ा हुआ है।
मौसम विभाग के अनुसार, अगले 24 घंटों के दौरान संवेदनशील जलग्रहण क्षेत्रों में जलभराव, नदियों और नालों के जलस्तर में तेजी से वृद्धि तथा निचले इलाकों में बाढ़ की स्थिति बन सकती है। मौसम में इस व्यापक सक्रियता के पीछे उत्तर मध्य प्रदेश और उससे लगे दक्षिणी उत्तर प्रदेश के ऊपर बना अच्छी तरह चिह्नित निम्न दबाव क्षेत्र और सक्रिय मानसून ट्रफ प्रमुख कारण हैं।
IMD के पूर्वानुमान के मुताबिक 5 सितंबर को पूर्वी राजस्थान और पश्चिमी मध्य प्रदेश में कुछ स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश होने की संभावना है। बिहार समेत कई अन्य क्षेत्रों में भी भारी बारिश का दौर जारी रहने का अनुमान है। मध्य प्रदेश में इंदौर, उज्जैन, रतलाम, मंदसौर, नीमच, धार, झाबुआ, अलीराजपुर, खरगोन, बड़वानी, खंडवा, बुरहानपुर, भोपाल, सीहोर, राजगढ़, नर्मदापुरम और विदिशा सहित कई जिलों में बहुत भारी बारिश का जोखिम बताया गया है।
लगातार बारिश से निचले इलाकों में जलभराव और स्थानीय नदी-नालों के जलस्तर में तेजी से वृद्धि हो सकती है। प्रशासन को संवेदनशील क्षेत्रों में स्थिति पर लगातार नजर रखने की सलाह दी गई है। पूर्वी राजस्थान के जयपुर, अलवर, भरतपुर, दौसा, धौलपुर, करौली, सवाई माधोपुर, टोंक, अजमेर, भीलवाड़ा, राजसमंद, उदयपुर, चित्तौड़गढ़, कोटा, बूंदी, बारां और झालावाड़ सहित कई जिलों में भी भारी बारिश का अलर्ट है।
भारी वर्षा के कारण ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में जलभराव, निचले इलाकों में पानी भरने तथा स्थानीय जलस्रोतों के उफान पर आने की आशंका है। उत्तर प्रदेश के कुछ हिस्सों में भी मौसम की स्थिति चुनौतीपूर्ण रहने की संभावना है। विशेष रूप से झांसी और ललितपुर जैसे पश्चिमी जिलों में अचानक बाढ़, जलभराव तथा स्थानीय नदियों और नालों के जलस्तर में तेजी से वृद्धि का खतरा है।
निचले और नदी किनारे बसे क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को अतिरिक्त सतर्कता बरतने और स्थानीय प्रशासन की ओर से जारी निर्देशों का पालन करने की सलाह दी गई है। IMD ने अरुणाचल प्रदेश, असम और मेघालय, पूर्वी मध्य प्रदेश, हरियाणा-चंडीगढ़-दिल्ली, केरल और माहे, नागालैंड-मणिपुर-मिजोरम-त्रिपुरा, पंजाब, उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम, तमिलनाडु-पुडुचेरी-कराईकल, उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड सहित कई क्षेत्रों में अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश की संभावना जताई है।
मौसम विभाग के अनुसार तेज बारिश और हवाओं से पेड़ों की शाखाएं टूटने, छोटे पेड़ों के उखड़ने तथा बागवानी और खड़ी फसलों को नुकसान पहुंचने की आशंका है। कमजोर संरचनाओं और कच्चे मकानों को आंशिक नुकसान हो सकता है। कुछ स्थानों पर सड़कों पर जलभराव और निचले इलाकों में पानी भरने की स्थिति पैदा हो सकती है।
स्थानीय स्तर पर भूस्खलन या मिट्टी खिसकने, दृश्यता कम होने तथा सड़क, रेल और हेलीकॉप्टर सेवाओं में व्यवधान की संभावना भी जताई गई है। IMD ने किसानों को खेतों में उचित जल निकासी सुनिश्चित करने की सलाह दी है, ताकि अत्यधिक बारिश के कारण फसलों को जलभराव से होने वाले नुकसान से बचाया जा सके।
मध्य प्रदेश में विशेष रूप से सोयाबीन, मक्का, कपास, गन्ना और सब्जियों की खेती वाले क्षेत्रों में जल निकासी पर ध्यान देने को कहा गया है। मौसम विभाग ने लोगों से लगातार मौसम संबंधी अपडेट पर नजर रखने और परिस्थितियां बिगड़ने पर सुरक्षित स्थानों पर जाने की अपील की है। बिजली गिरने के खतरे को देखते हुए पेड़ों के नीचे शरण लेने से बचने की भी सलाह दी गई है।
फ्लैश फ्लड का खतरा संवेदनशील जलग्रहण क्षेत्रों में बना हुआ है। केंद्रीय और उत्तर-पश्चिमी क्षेत्रों के कुछ हिस्सों में अगले 24 घंटों के दौरान निम्न से मध्यम स्तर का फ्लैश फ्लड जोखिम बताया गया है। मौसम प्रणालियों में बदलाव के साथ स्थिति पर लगातार निगरानी रखी जा रही है और आगे नए अपडेट जारी किए जाने की संभावना है।
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