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Environment Pulse > ईको सिस्टम > जल > भूजल का दुरुपयोग पड़ा महंगा, तीन स्टेडियमों पर लगी रोक
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भूजल का दुरुपयोग पड़ा महंगा, तीन स्टेडियमों पर लगी रोक

Environment Pulse
Last updated: July 11, 2026 7:47 pm
Environment Pulse
Published: July 11, 2026
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एनजीटी ने देश के तीन स्टेडियमों में सभी खेल गतिविधियों पर रोक लगाई

महाराष्ट्र, राजस्थान, छत्तीसगढ़ के हैं स्टेडियम, नहीं दिया था नोटिस का जवाब

एनवायरमेंट पल्स डेस्क

नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) ने देश के तीन बड़े क्रिकेट स्टेडियमों को बिना उसकी पूर्वानुमति के क्रिकेट मैच या कोई भी खेल गतिविधि करने से रोक दिया है। नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल ने यह कड़ा फैसला इसलिए लिया, क्योंकि इन्होंने भूजल उपयोग संबंधी उसके दिशा-निर्देशों का पालन नहीं किया था। ये तीन स्टेडियम क्रमशः महाराष्ट्र, राजस्थान और छत्तीसगढ़ के हैं। इनके नाम हैं-मुंबई का डॉ. डीवाई पाटिल स्टेडियम, जयपुर का सवाई मानसिंह स्टेडियम और रायपुर का शहीद वीर नारायण सिंह इंटरनेशनल स्टेडियम।

इन स्टेडियमों को एनजीटी ने कई बार नोटिस दिया, जिसमें उनसे कहा था कि वे केंद्रीय भूजल बोर्ड को यह बताएं कि मैदान और पिच के रखरखाव के लिए किस तरह के पानी का उपयोग कर रहे हैं (स्टेडियमों को सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट का उपचारित जल ही उपयोग करना होता है)? नोटिस में यह भी पूछा गया था कि वे रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम (हर स्टेडियम के लिए वर्षा जल संचयन के लिए यह सिस्टम लगाना अनिवार्य है, ताकि भूजल का भंडारण होने के साथ-साथ उसका स्तर ऊपर उठ सके) का इस्तेमाल कर रहे हैं या नहीं ?

इन स्टेडियमों ने एनजीटी की नोटिस का कोई जवाब नहीं दिया था। इन पर आरोप है कि ये अपने ग्राउंड और पिच के रखरखाव के लिए शुद्ध भूजल का प्रयोग कर रहे थे। इसी के साथ-साथ इन्होंने वर्षा जल संचयन के लिए रेन हार्वेस्टिंग सिस्टम भी नहीं लगवाया था।

एनजीटी ने इस मामले में अगली सुनवाई की तिथि 17 अगस्त निर्धारित की है।

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