
एनवायरमेंट पल्स डेस्क
इसे विडंबना ही कहेंगे कि दिल्ली-एनसीआर में प्रदूषण नियंत्रण की कमान संभालने वाला वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (CAQM) स्वयं अपनी समस्याओं ही जूझ रहा है। उसके पास स्टाफ की भारी कमी है। ऐसे में वह अपना कार्य कितने अच्छे ढंग से कर पाएगा, यह अंदाजा लगाना मुश्किल नहीं है।
प्रमुख अंग्रेजी दैनिक टाइम्स आफ इंडिया में छपी एक खबर के अनुसार इस संस्था के पास स्टाफ की भारी कमी है, इसका खुलासा आरटीआई से प्राप्त जानकारी से हुआ है। आरटीआई के जवाब से साफ है कि आयोग वर्तमान में अपने स्वीकृत पदों के मुकाबले केवल 70 फीसदी कार्यबल के सहारे ही काम कर रहा है। आरटीआई से मिले आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक आयोग में विभिन्न श्रेणियों के लिए कुल 56 नियमित पद स्वीकृत हैं। इसके विपरीत केवल 40 कर्मचारी ही तैनात हैं। इसका मतलब है कि आयोग में लगभग 30 प्रतिशत यानी 16 महत्वपूर्ण पद लंबे समय से खाली पड़े हैं। सबसे चिंताजनक बात यह है कि आयोग ने फिलहाल इन खाली पदों को भरने के लिए किसी भी नई भर्ती प्रक्रिया को शुरू नहीं किया है। ऐसे में यह अपेक्षा भी नहीं की जा सकती कि निकट भविष्य में ये खाली पद भर दिए जाएंगे।

