
सीएम डीके शिवकुमार को बनाया गया अध्यक्ष, रिटायर्ड आईएएस उपेंद्र त्रिपाठी होंगे उपाध्यक्ष
20 अन्य सदस्य भी शामिल होंगे, ये होंगे अपने-अपने क्षेत्रों के विषय विशेषज्ञ
एनवायरमेंट पल्स डेस्क
कर्नाटक सरकार ने नेट जीरो उत्सर्जन लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए एक टास्क फोर्स का गठन किया है। इसके जरिये सरकार का उद्देश्य ऐसी अर्थव्यवस्था का निर्माण करना है जो आने वाले दिनों में जलवायु परिवर्तन और प्राकृतिक आपदाओं से निपटने और उसके अनुरूप खुद को ढालने में सक्षम साबित हो सके। मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार इस टास्क फोर्स के अध्यक्ष बनाए गए है।
जानकारी के अनुसार मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार टास्क फोर्स के अध्यक्ष होंगे, जबकि रिटायर्ड आईएएस उपेंद्र त्रिपाठी इसके उपाध्यक्ष होंगे। इस टास्क फोर्स में 20 अन्य सदस्य भी शामिल किए गए हैं, जो अपने-अपने क्षेत्रों के विशेषज्ञ हैं।
यह टास्क फोर्स डीप डीकार्बोनाइज़ेशन, नेट-ज़ीरो, सेक्टर-वाइज़ रोड-मैपिंग और कार्बन मार्केट में भाग लेने पर ध्यान देगी। आदेश में 10 मुख्य काम बताए गए हैं। इसमें जलवायु परिवर्तन और नेट-ज़ीरो से जुड़ी रिपोर्टों और अध्ययनों को व्यावहारिक कार्यों में बदलना; जलवायु वित्त जुटाने के लिए केंद्र, राज्य और स्थानीय सरकारों के साथ समन्वय करना; सेक्टर-वाइज़ रोडमैप और नीतियां तैयार करना; विभागों के बीच तालमेल बिठाना; टिकाऊ जलवायु-वित्त मॉडल को बढ़ावा देना; जलवायु तकनीकों के हस्तांतरण और विस्तार में मदद करना; कौशल विकास और ‘जस्ट-ट्रांज़िशन’ (न्यायसंगत बदलाव) की पहलों का मार्गदर्शन करना; राज्य को वैश्विक कार्बन बाज़ार में भाग लेने में मदद करना और जलवायु कार्रवाई के मॉडल के रूप में राज्य की प्रमुख परियोजनाओं का पता लगाना शामिल है।
उपेंद्र त्रिपाठी के अनुभवों को देखकर कहा जा रहा है कि इससे कर्नाटक के अक्षय ऊर्जा क्षेत्र को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है। जानकारी के अनुसार यह टास्क फोर्स ‘जस्ट-ट्रांज़िशन’ के नए रास्तों में निवेश और रोज़गार सृजन पर ज़ोर देगी।

