By using this site, you agree to the Privacy Policy and Terms of Use.
Accept
Environment PulseEnvironment PulseEnvironment Pulse
Notification Show More
Font ResizerAa
  • ईको सिस्टम
    • जल
    • जंगल
    • जमीन
    • हवा
    • खनिज
    • जैव-विविधता
    • गतिविधियां
  • कचरा-प्रबंधन
    • ग्रीन बिजनेस
    • रीसाइकलिंग
    • इन्नोवेशन
    • इनिशिएटिव्स
  • फ्यूचर ग्रीन
    • ऊर्जा
    • सस्टेनिबिलिटी
    • इलेक्ट्रिक व्हीकल
    • कृषि एवं खाद्य
  • ओपिनियन
    • विचार
    • इम्पैक्ट फीचर
    • स्टोरी
  • मल्टीमीडिया
    • वीडियो
Reading: किचन वेस्ट को क्लाइमेट मूवमेंट में बदल रहे सस्टेनेबिलिटी एजुकेटर अश्विन, जानिए कैसे आसान और सस्ती आदतों से ला रहे हैं बड़ा बदलाव
Share
Font ResizerAa
Environment PulseEnvironment Pulse
  • ईको सिस्टम
  • कचरा-प्रबंधन
  • फ्यूचर ग्रीन
  • ओपिनियन
  • मल्टीमीडिया
Search
  • ईको सिस्टम
    • जल
    • जंगल
    • जमीन
    • हवा
    • खनिज
    • जैव-विविधता
    • गतिविधियां
  • कचरा-प्रबंधन
    • ग्रीन बिजनेस
    • रीसाइकलिंग
    • इन्नोवेशन
    • इनिशिएटिव्स
  • फ्यूचर ग्रीन
    • ऊर्जा
    • सस्टेनिबिलिटी
    • इलेक्ट्रिक व्हीकल
    • कृषि एवं खाद्य
  • ओपिनियन
    • विचार
    • इम्पैक्ट फीचर
    • स्टोरी
  • मल्टीमीडिया
    • वीडियो
Have an existing account? Sign In
Follow US
Environment Pulse > कचरा-प्रबंधन > इन्नोवेशन > किचन वेस्ट को क्लाइमेट मूवमेंट में बदल रहे सस्टेनेबिलिटी एजुकेटर अश्विन, जानिए कैसे आसान और सस्ती आदतों से ला रहे हैं बड़ा बदलाव
(फोटो सौजन्य-एआई)
इन्नोवेशनरीसाइकलिंगसस्टेनिबिलिटी

किचन वेस्ट को क्लाइमेट मूवमेंट में बदल रहे सस्टेनेबिलिटी एजुकेटर अश्विन, जानिए कैसे आसान और सस्ती आदतों से ला रहे हैं बड़ा बदलाव

Environment Pulse
Last updated: August 10, 2026 9:42 pm
Environment Pulse
Published: August 10, 2026
Share
(फोटो सौजन्य-एआई)
SHARE

सोशल मीडिया handle @sustainable_ashwin के ज़रिए लोगों को सिखा रहे हैं आसान वेस्ट सेग्रीगेशन और ज़ीरो-वेस्ट लाइफ़स्टाइल।

Contents
कम्पोस्टिंग और वेस्ट सेग्रीगेशन (कचरा प्रबंधन) पर जोरबायो-एंज़ाइम, प्लास्टिक का विकल्प और किचन गार्डनिंगसोशल मीडिया से ज़मीनी स्तर तक पहुंच

महंगे इको-फ्रेंडली प्रोडक्ट्स के बजाय व्यावहारिक आदतों पर जोर, ऑनलाइन के साथ स्कूलों और सोसाइटियों में चला रहे जागरूकता अभियान।

एनवायरमेंट पल्स डेस्क

प्लास्टिक प्रदूषण और घर से निकलते कचरे की समस्या जहां एक ओर बेहद जटिल नज़र आती है, वहीं @sustainable_ashwin के नाम से लोकप्रिय एक सस्टेनेबिलिटी एजुकेटर अपने आसान और व्यावहारिक तरीकों से बड़ा बदलाव ला रहे हैं। महंगे इको-फ्रेंडली प्रोडक्ट्स या कठिन ‘ज़ीरो-वेस्ट’ लाइफ़स्टाइल को थोपने के बजाय, अश्विन का ध्यान एक ही मूल विचार पर है: सस्टेनेबिलिटी प्रैक्टिकल, सस्ती और हर व्यक्ति की पहुँच में होनी चाहिए।

कम्पोस्टिंग और वेस्ट सेग्रीगेशन (कचरा प्रबंधन) पर जोर

अश्विन के काम का मुख्य हिस्सा घर पर कम्पोस्टिंग (खाद निर्माण) और कचरे को अलग-अलग करने (Waste Segregation) को बढ़ावा देना है। वीडियो और डेमो के माध्यम से वे दिखाते हैं कि कैसे सब्ज़ियों और फलों के छिलकों जैसे गीले कचरे को, जो आमतौर पर डंपिंग ग्राउंड में सड़ता है, पोषक तत्वों से भरपूर खाद में बदला जा सकता है। छोटे अपार्टमेंट्स से लेकर बड़े घरों तक के लिए व्यावहारिक तरीके बताने के साथ वे बदबू, नमी और कीड़े-मकोड़ों जैसी शुरुआती समस्याओं का समाधान भी देते हैं।

वे घरों में गीले कचरे, रीसायकल योग्य सूखे कचरे, सैनिटरी वेस्ट और इलेक्ट्रॉनिक वेस्ट (E-waste) को स्रोत पर ही अलग करने का आग्रह करते हैं, ताकि डंपिंग ग्राउंड जाने वाले कचरे की मात्रा में भारी कमी लाई जा सके।

बायो-एंज़ाइम, प्लास्टिक का विकल्प और किचन गार्डनिंग

अश्विन का कंटेंट केवल कम्पोस्टिंग बिन तक सीमित नहीं है बल्कि  वे लोगों को फलों के छिलकों, गुड़ और पानी को फर्मेंट (किण्वित) करके बायो-एंज़ाइम बनाना सिखाते हैं। यह नेचुरल सॉल्यूशन केमिकल क्लीनर्स पर निर्भरता को कम करता है। वे डिस्पोज़ेबल चीज़ों की जगह दोबारा इस्तेमाल होने वाली वस्तुओं को अपनाने और प्लास्टिक का उपयोग घटाने के लिए लगातार प्रेरित करते हैं। किचन गार्डनिंग और ऑर्गेनिक फर्टिलाइज़र्स के ज़रिए वे बिना ज़्यादा खर्च किए पर्यावरण के प्रति ज़िम्मेदार घर बनाने के व्यावहारिक तरीके साझा करते हैं।

सोशल मीडिया से ज़मीनी स्तर तक पहुंच

इंस्टाग्राम और यूट्यूब पर अपने सहज और सरल अंदाज़ के कारण अश्विन ने एक बड़ा समर्थक वर्ग तैयार कर लिया है। वे केवल डिजिटल माध्यमों तक सीमित नहीं हैं, बल्कि स्कूलों और रिहायशी कॉलोनियों (Residential Areas) में ऑफ़लाइन वर्कशॉप्स और जागरूकता सत्र भी आयोजित करते हैं।

हाल ही में ज़मीनी स्तर पर पर्यावरण में बड़ा बदलाव लाने वाले लोगों पर केंद्रित एक रिपोर्ट में प्रसिद्ध डिजिटल प्लेटफ़ॉर्म ‘द बेटर इंडिया’ (The Better India) ने भी अश्विन के काम को प्रमुखता से शामिल किया है।

अश्विन की यह पहल एक साधारण सी बात को साबित करती है कि पर्यावरण में सार्थक बदलाव के लिए हमेशा बड़ी-बड़ी सरकारी नीतियों या उद्योगों में बदलाव का इंतज़ार करने की ज़रूरत नहीं है; इसकी शुरुआत बहुत छोटी चीज़ों से हो सकती है, जैसे कि कोई परिवार अपने रोज़मर्रा के कचरे का निपटान किस प्रकार करता है।

Also Read: बदलती दुनिया पर नज़र रखने का सबसे बेहतरीन ज़रिया बने सैटेलाइट्स

You Might Also Like

भारत में EV क्रांति से 2030 तक पैदा होंगी 40 मिलियन तक नौकरियां
पानी में तैरते हुए सोलर पैनल बदलेंगे सौर ऊर्जा के उत्पादन का परिदृश्य
भारत में स्कूली पर्यावरण शिक्षा को कैसे बदला जा सकता है?
24 घंटे स्वच्छ बिजली और ग्रीन हाइड्रोजन से भारत के स्टील क्षेत्र को किया जा सकता है डीकार्बोनाइज
उत्तर प्रदेश ग्रीन हाइड्रोजन नीति 2024 के तहत आईआईटी कानपुर में सेंटर ऑफ एक्सीलेंस की स्थापना
TAGGED:Bio-EnzymesHome CompostingKitchen Waste ManagementPlastic PollutionSustainable AshwinThe Better IndiaWaste SegregationZero Waste Lifestyle
Share This Article
Facebook Whatsapp Whatsapp LinkedIn Email Copy Link Print
Leave a Comment

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Follow US

Find US on Social Medias
FacebookLike
XFollow
InstagramFollow
YoutubeSubscribe
LinkedInFollow
Popular News
(फोटो सौजन्य-एआई)
ईको सिस्टमजैव-विविधता

भारत ने जिनेवा स्थित UN परिसर को भेंट किए 5 भारतीय मोर, 40 साल पुरानी ऐतिहासिक परंपरा की पुनरावृत्ति

Environment Pulse
Environment Pulse
August 11, 2026
उत्तर प्रदेश ने 13 जिलों में 700 किलोमीटर क्षेत्र में गंगा के बाढ़ मैदान का सीमांकन पूरा किया
तापमान में लगातार बढ़ोतरी: भारत के औसत दशकीय तापमान में 0.9 डिग्री सेल्सियस की वृद्धि
Greta Thunberg: The Making of a Global Climate Movement
ओडिशा में नौकरियों की रफ्तार से पीछे छूटा कौशल विकास: 7% छात्र ही कर रहे ‘ग्रीन कोर्स’, आधी आबादी को खबर तक नहीं

Categories

  • जल
  • जमीन
  • जंगल
  • जैव-विविधता
  • हवा
  • खनिज
  • ऊर्जा
  • ग्रीन जॉब
  • स्टोरी
  • इम्पैक्ट फीचर
  • वीडियो

About US

Environmentpulse.com is a bilingual (Hindi-English) news platform that presents high-quality news, views, and videos related to the environment.
Quick Link
  • ऊर्जा
  • खनिज
  • जैव-विविधता
  • जंगल
Top Categories
  • My Bookmark
  • Contact
  • Privacy Policy
Environment PulseEnvironment Pulse
© Pratham Publisher and Informatics Private Limited. All Rights Reserved. | Developed By: Tech Yard Labs
Welcome Back!

Sign in to your account

Username or Email Address
Password

Lost your password?