By using this site, you agree to the Privacy Policy and Terms of Use.
Accept
Environment PulseEnvironment PulseEnvironment Pulse
Notification Show More
Font ResizerAa
  • ईको सिस्टम
    • जल
    • जंगल
    • जमीन
    • हवा
    • खनिज
    • जैव-विविधता
    • गतिविधियां
  • कचरा-प्रबंधन
    • ग्रीन बिजनेस
    • रीसाइकलिंग
    • इन्नोवेशन
    • इनिशिएटिव्स
  • फ्यूचर ग्रीन
    • ऊर्जा
    • सस्टेनिबिलिटी
    • इलेक्ट्रिक व्हीकल
    • कृषि एवं खाद्य
  • ओपिनियन
    • विचार
    • इम्पैक्ट फीचर
    • स्टोरी
  • मल्टीमीडिया
    • वीडियो
Reading: चेन्नई की जल व्यवस्था को मिलेगा बड़ा बूस्ट, भारत-एडीबी में $230 मिलियन का समझौता
Share
Font ResizerAa
Environment PulseEnvironment Pulse
  • ईको सिस्टम
  • कचरा-प्रबंधन
  • फ्यूचर ग्रीन
  • ओपिनियन
  • मल्टीमीडिया
Search
  • ईको सिस्टम
    • जल
    • जंगल
    • जमीन
    • हवा
    • खनिज
    • जैव-विविधता
    • गतिविधियां
  • कचरा-प्रबंधन
    • ग्रीन बिजनेस
    • रीसाइकलिंग
    • इन्नोवेशन
    • इनिशिएटिव्स
  • फ्यूचर ग्रीन
    • ऊर्जा
    • सस्टेनिबिलिटी
    • इलेक्ट्रिक व्हीकल
    • कृषि एवं खाद्य
  • ओपिनियन
    • विचार
    • इम्पैक्ट फीचर
    • स्टोरी
  • मल्टीमीडिया
    • वीडियो
Have an existing account? Sign In
Follow US
Environment Pulse > ईको सिस्टम > गतिविधियां > चेन्नई की जल व्यवस्था को मिलेगा बड़ा बूस्ट, भारत-एडीबी में $230 मिलियन का समझौता
AI Image
Newsगतिविधियां

चेन्नई की जल व्यवस्था को मिलेगा बड़ा बूस्ट, भारत-एडीबी में $230 मिलियन का समझौता

Environment Pulse
Last updated: August 22, 2026 7:57 pm
Environment Pulse
Published: August 22, 2026
Share
AI Image
SHARE

चेन्नई की जल आपूर्ति और स्वच्छता व्यवस्था को मजबूत करने के लिए भारत सरकार और एशियाई विकास बैंक (ADB) के बीच $230 मिलियन (लगभग 23 करोड़ डॉलर) के ऋण समझौते पर हस्ताक्षर किए गए हैं।

एनवायरमेंट पल्स डेस्क। भारत सरकार और एशियाई विकास बैंक (ADB) ने चेन्नई की जल आपूर्ति और स्वच्छता सुविधाओं के आधुनिकीकरण और विस्तार के लिए 230 मिलियन डॉलर के ऋण समझौते पर हस्ताक्षर किए हैं।

यह परियोजना शहर में जल सुरक्षा को मजबूत करने, जलवायु परिवर्तन के प्रभावों से निपटने की क्षमता बढ़ाने, सार्वजनिक स्वास्थ्य सुधारने और नागरिकों के जीवन की गुणवत्ता बेहतर करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।

इस ऋण से चेन्नई क्लाइमेट-रेजिलिएंट वाटर सिक्योरिटी एंड सीवरेज प्रोजेक्ट को आगे बढ़ाया जाएगा। परियोजना का उद्देश्य चेन्नई के विभिन्न हिस्सों में सुरक्षित, भरोसेमंद और समान रूप से उपलब्ध जल आपूर्ति तथा बेहतर सीवरेज सेवाएं सुनिश्चित करना है।

इसके साथ ही शहर की जल व्यवस्था को अधिक प्रभावी और आर्थिक रूप से टिकाऊ बनाने पर भी जोर दिया जाएगा। ऋण समझौते को अंतिम रूप देने के लिए भारत सरकार की ओर से एडीबी के साथ बातचीत आर्थिक मामलों के विभाग, वित्त मंत्रालय में एडीबी एवं जापान प्रभाग के संयुक्त सचिव बलदेव पुरुषार्थ के मार्गदर्शन में की गई।

समझौते पर भारत सरकार की ओर से आर्थिक मामलों के विभाग के उप सचिव सौरभ सिंह और एडीबी की ओर से इंडिया रेजिडेंट मिशन की कंट्री डायरेक्टर मियो ओका ने हस्ताक्षर किए। एडीबी का यह नया निवेश चेन्नई में पहले लागू की गई परियोजनाओं की अगली कड़ी है। इसका उद्देश्य सुरक्षित और समान जल तथा अपशिष्ट प्रबंधन सेवाओं तक लोगों की पहुंच का विस्तार करना है।

परियोजना केंद्र सरकार की प्रमुख शहरी विकास पहलों, विशेष रूप से अटल मिशन फॉर रिजुवनेशन एंड अर्बन ट्रांसफॉर्मेशन 2.0 (AMRUT 2.0) और अर्बन चैलेंज फंड के उद्देश्यों के अनुरूप है। परियोजना के तहत चेन्नई में 170 किलोमीटर से अधिक लंबी नई जल आपूर्ति और सीवर पाइपलाइन बिछाई जाएगी।

इसके अलावा सात जल पंपिंग स्टेशनों और 38 सीवर पंपिंग स्टेशनों का उन्नयन किया जाएगा। जल उपयोगिता से जुड़े परिसंपत्तियों और संचालन व्यवस्था को भी मजबूत किया जाएगा। इसके लिए प्रदर्शन आधारित अनुबंधों का इस्तेमाल किया जाएगा, जिससे सेवाओं की गुणवत्ता और परिचालन क्षमता में सुधार लाने में मदद मिलेगी।

इस परियोजना की सबसे महत्वपूर्ण विशेषताओं में से एक व्यापक रिंग-मेन जल आपूर्ति प्रणाली होगी। चेन्नई इस तरह की व्यापक प्रणाली लागू करने वाला भारत का पहला शहर बनने जा रहा है। यह एक बंद-लूप पाइपलाइन व्यवस्था है, जिसे अलग-अलग क्षेत्रों में जल दबाव को संतुलित बनाए रखने और पानी को अधिक कुशल तरीके से वितरित करने के लिए तैयार किया गया है।

रिंग-मेन प्रणाली से शहर में जल आपूर्ति की विश्वसनीयता बढ़ने के साथ-साथ विभिन्न इलाकों में पानी की अधिक समान उपलब्धता सुनिश्चित करने में मदद मिल सकती है।

प्राकृतिक आपदाओं और जलवायु संबंधी जोखिमों के दौरान भी यह व्यवस्था जल आपूर्ति नेटवर्क को अधिक मजबूत और लचीला बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। परियोजना में डिजिटल तकनीक को भी प्रमुख स्थान दिया गया है।

एडीबी जल और स्वच्छता सेवाओं के डिजिटल रूपांतरण में सहयोग करेगा। इसके तहत रियल-टाइम मॉनिटरिंग, डेटा आधारित निर्णय लेने की व्यवस्था और उपभोक्ताओं की शिकायतों एवं जरूरतों पर अधिक प्रभावी प्रतिक्रिया देने वाले सिस्टम विकसित किए जाएंगे। सीवर नेटवर्क के रखरखाव को सुरक्षित बनाने के लिए आधुनिक तकनीकों का इस्तेमाल किया जाएगा।

इसका उद्देश्य खतरनाक मैनुअल सीवर निरीक्षण की आवश्यकता कम करना, सीवर ब्लॉकेज का तेजी से पता लगाना और सफाई एवं रखरखाव से जुड़े कर्मचारियों की सुरक्षा बढ़ाना है। परियोजना के तहत ग्रेटर चेन्नई के कम से कम दो क्षेत्रों में जल वितरण नेटवर्क को भविष्य में होने वाले विस्तार और निवेश के लिए भी तैयार किया जाएगा। इससे शहर को बढ़ती आबादी और भविष्य की जल जरूरतों के अनुरूप अपनी जल आपूर्ति व्यवस्था विकसित करने में मदद मिलेगी।

230 मिलियन डॉलर का यह वित्तीय सहयोग चेन्नई की दीर्घकालिक जल सुरक्षा के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है। बुनियादी ढांचे के विस्तार के साथ डिजिटल निगरानी, बेहतर संचालन, आधुनिक सीवरेज व्यवस्था और जलवायु-लचीली योजना को एक साथ जोड़कर परियोजना शहर की जल एवं स्वच्छता सेवाओं को अधिक आधुनिक और टिकाऊ बनाने की दिशा में काम करेगी।

तेजी से बढ़ते शहरीकरण और जलवायु परिवर्तन की चुनौतियों के बीच चेन्नई के लिए यह परियोजना केवल पाइपलाइन और पंपिंग स्टेशनों के विस्तार तक सीमित नहीं है, बल्कि भविष्य के लिए एक अधिक सुरक्षित, समान, कुशल और टिकाऊ शहरी जल व्यवस्था तैयार करने की व्यापक पहल है।

Also Read: सस्टेनेबल बायोटेक्नोलॉजी और पर्यावरण के लिए बायो-AI इनोवेशन (BAISBE-2026) पर 3-दिवसीय अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन का उद्घाटन

You Might Also Like

जल संरक्षण आज की सबसे जरूरी बात : स्वतंत्र देव सिंह
महाराष्ट्र ने जलवायु परिवर्तन से निपटने के लिए निजी पूंजी का रुख किया, 1 अरब डॉलर की निवेश पाइपलाइन शुरू
मानसून ने मचाई तबाही: असम से यूपी तक बाढ़ का कहर
यूपी प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड में शीघ्र दूर होगा स्टाफ का संकट
प्रकृति और मनुष्य के गहरे रिश्ते की मार्मिक दास्तान: इंगा सिम्पसन का कहानी-संग्रह ‘वंस वी वर वाइल्डलाइफ’
Share This Article
Facebook Whatsapp Whatsapp LinkedIn Email Copy Link Print
Leave a Comment

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Follow US

Find US on Social Medias
FacebookLike
XFollow
InstagramFollow
YoutubeSubscribe
LinkedInFollow
Popular News
AI Image
जंगलजमीनजैव-विविधता

हाथियों के रास्ते पर खनन का पहरा, हसदेव अरण्य में संरक्षण पर सवाल

Environment Pulse
Environment Pulse
August 26, 2026
कुकरैल बनेगा सर्पदंश के इलाज का नया केंद्र, यूपी में बनने जा रहा है प्रदेश का पहला सरकारी ‘स्नेक वेनम एक्सट्रैक्शन सेंटर’
लचीलेपन की कमी वाले थर्मल पावर अनुबंध भारत के ऊर्जा संक्रमण के लिए खतरा: CSE अध्ययन
मिशन जीरो: देपालपुर ने 1,250 टन पुराने कचरे का निस्तारण कर रचा स्वच्छता का नया मॉडल
बदलता मानसून, बढ़ता खतरा: जलवायु परिवर्तन से जूझता भारत

Categories

  • जल
  • जमीन
  • जंगल
  • जैव-विविधता
  • हवा
  • खनिज
  • ऊर्जा
  • ग्रीन जॉब
  • स्टोरी
  • इम्पैक्ट फीचर
  • वीडियो

About US

Environmentpulse.com is a bilingual (Hindi-English) news platform that presents high-quality news, views, and videos related to the environment.
Quick Link
  • ऊर्जा
  • खनिज
  • जैव-विविधता
  • जंगल
Top Categories
  • My Bookmark
  • Contact
  • Privacy Policy
Environment PulseEnvironment Pulse
© Pratham Publisher and Informatics Private Limited. All Rights Reserved. | Developed By: Tech Yard Labs
Welcome Back!

Sign in to your account

Username or Email Address
Password

Lost your password?