By using this site, you agree to the Privacy Policy and Terms of Use.
Accept
Environment PulseEnvironment PulseEnvironment Pulse
Notification Show More
Font ResizerAa
  • ईको सिस्टम
    • जल
    • जंगल
    • जमीन
    • हवा
    • खनिज
    • जैव-विविधता
    • गतिविधियां
  • कचरा-प्रबंधन
    • ग्रीन बिजनेस
    • रीसाइकलिंग
    • इन्नोवेशन
    • इनिशिएटिव्स
  • फ्यूचर ग्रीन
    • ऊर्जा
    • सस्टेनिबिलिटी
    • इलेक्ट्रिक व्हीकल
    • कृषि एवं खाद्य
  • ओपिनियन
    • विचार
    • इम्पैक्ट फीचर
    • स्टोरी
  • मल्टीमीडिया
    • वीडियो
Reading: महाराष्ट्र ने जलवायु परिवर्तन से निपटने के लिए निजी पूंजी का रुख किया, 1 अरब डॉलर की निवेश पाइपलाइन शुरू
Share
Font ResizerAa
Environment PulseEnvironment Pulse
  • ईको सिस्टम
  • कचरा-प्रबंधन
  • फ्यूचर ग्रीन
  • ओपिनियन
  • मल्टीमीडिया
Search
  • ईको सिस्टम
    • जल
    • जंगल
    • जमीन
    • हवा
    • खनिज
    • जैव-विविधता
    • गतिविधियां
  • कचरा-प्रबंधन
    • ग्रीन बिजनेस
    • रीसाइकलिंग
    • इन्नोवेशन
    • इनिशिएटिव्स
  • फ्यूचर ग्रीन
    • ऊर्जा
    • सस्टेनिबिलिटी
    • इलेक्ट्रिक व्हीकल
    • कृषि एवं खाद्य
  • ओपिनियन
    • विचार
    • इम्पैक्ट फीचर
    • स्टोरी
  • मल्टीमीडिया
    • वीडियो
Have an existing account? Sign In
Follow US
Environment Pulse > News > महाराष्ट्र ने जलवायु परिवर्तन से निपटने के लिए निजी पूंजी का रुख किया, 1 अरब डॉलर की निवेश पाइपलाइन शुरू
AI Image
News

महाराष्ट्र ने जलवायु परिवर्तन से निपटने के लिए निजी पूंजी का रुख किया, 1 अरब डॉलर की निवेश पाइपलाइन शुरू

Environment Pulse
Last updated: August 28, 2026 8:32 pm
Environment Pulse
Published: August 28, 2026
Share
AI Image
SHARE

महाराष्ट्र सरकार ने जलवायु परिवर्तन और ऊर्जा संक्रमण से निपटने के लिए एवीपीएन (AVPN) के साथ साझेदारी में 1 अरब डॉलर की एक बड़ी निवेश पाइपलाइन शुरू की है। नई दिल्ली में आयोजित एवीपीएन ग्लोबल कॉन्फ्रेंस के दौरान घोषित यह पहल एशिया में अपनी तरह की पहली राज्य-नेतृत्व वाली जलवायु निवेश पाइपलाइन है। इसे ‘महानिति’ प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध कराया गया है, जिससे निवेशकों को महाराष्ट्र में निवेश के लिए तैयार परियोजनाओं तक सीधी पहुंच मिल सकेगी। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य सरकारी अनुदानों के अलावा निजी और वाणिज्यिक पूंजी को आकर्षित करना है। इसके तहत इलेक्ट्रिक बसों, शून्य-उत्सर्जन माल ढुलाई कॉरिडोर, एमएसएमई (MSMEs) में डीकार्बोनाइजेशन, ग्रामीण सिंचाई के सौरकरण और बायोचार अर्थव्यवस्था जैसी पांच प्रमुख श्रेणियों की परियोजनाओं को शामिल किया गया है।

एनवायरमेंट पल्स डेस्क। महाराष्ट्र सरकार ने जलवायु परिवर्तन और ऊर्जा संक्रमण से जुड़ी परियोजनाओं के लिए 1 अरब डॉलर की निवेश पाइपलाइन शुरू करने की घोषणा की है। यह पहल एशिया-केंद्रित सामाजिक प्रभाव मंच एवीपीएन (AVPN) के साथ साझेदारी में शुरू की गई है।

इसकी घोषणा नई दिल्ली के भारत मंडपम में 25 से 27 अगस्त तक आयोजित एवीपीएन ग्लोबल कॉन्फ्रेंस के दौरान की गई। इस अवसर पर महाराष्ट्र सरकार की राज्य मंत्री मेघना बोर्डीकर और महाराष्ट्र इंस्टीट्यूशन फॉर ट्रांसफॉर्मेशन (MITRA) के संयुक्त मुख्य कार्यकारी अधिकारी अमन मित्तल मौजूद रहे।

सरकार के अनुसार, यह एशिया में अपनी तरह की पहली और सबसे बड़ी राज्य-नेतृत्व वाली जलवायु निवेश पाइपलाइन है। इसे MITRA के ‘महानिति’ प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध कराया जाएगा, जहां निवेशकों को महाराष्ट्र में तैयार और निवेश योग्य जलवायु परियोजनाओं तक सीधे पहुंच मिल सकेगी।

जलवायु निवेश पाइपलाइन में ऐसी परियोजनाओं को शामिल किया जाता है, जिन्हें प्राथमिक स्तर पर तैयार और जांचा जा चुका हो तथा जिन्हें आगे बढ़ाने के लिए वित्तीय पूंजी की जरूरत हो। महाराष्ट्र सरकार का कहना है कि इस मॉडल के जरिए जलवायु संबंधी महत्वाकांक्षाओं को निजी निवेश और व्यावसायिक पूंजी से जोड़ा जा सकेगा।

सम्मेलन के दौरान महानिति पोर्टल पर एक लाइव लेनदेन भी प्रदर्शित किया गया। इसमें एक बड़ी रसायन कंपनी ने डिमांड एग्रीगेटर Intent के साथ मिलकर नवी मुंबई स्थित जवाहरलाल नेहरू पोर्ट कॉरिडोर पर इलेक्ट्रिक ट्रकों की तैनाती की दिशा में सहयोग किया। मेघना बोर्डीकर ने कहा कि निवेश पाइपलाइन के जरिए महाराष्ट्र दुनिया के सामने ऐसी परियोजनाएं रख रहा है, जो वास्तविक रूप से निवेश के लिए तैयार हैं।

इनमें जल प्रणालियों को अधिक स्वच्छ बनाना, परिवहन व्यवस्था का आधुनिकीकरण और उद्योगों को अधिक टिकाऊ बनाना शामिल है। यह पहल महाराष्ट्र क्लाइमेट इन्वेस्टमेंट प्रोग्राम (MCIP) का हिस्सा है, जिसे राज्य सरकार ने फरवरी 2026 में मुंबई क्लाइमेट एक्शन वीक के दौरान AVPN के साथ मिलकर शुरू किया था।

कार्यक्रम का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि बड़े पैमाने पर जलवायु कार्रवाई केवल सरकारी अनुदान और सहायता पर निर्भर न रहे, बल्कि निजी, वाणिज्यिक और अन्य प्रकार की पूंजी को भी आकर्षित करे। 1 अरब डॉलर की निवेश पाइपलाइन में जलवायु और ऊर्जा संक्रमण से जुड़ी पांच प्रमुख श्रेणियों की परियोजनाएं शामिल हैं।

इनमें इलेक्ट्रिक बसों का एग्रीगेशन, शून्य-उत्सर्जन माल ढुलाई कॉरिडोर, सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमों (MSMEs) में औद्योगिक डीकार्बोनाइजेशन, ग्रामीण सिंचाई का सौरकरण और बायोचार अर्थव्यवस्था शामिल हैं। इन क्षेत्रों से जुड़ी व्यावसायिक रूप से व्यवहार्य परियोजनाओं और निवेश पाइपलाइन में शामिल प्रस्तावों को महानिति प्लेटफॉर्म पर एकीकृत किया गया है।

इससे संभावित निवेशकों को परियोजनाओं की जानकारी प्राप्त करने और अपनी प्राथमिकताओं के अनुसार उनमें पूंजी लगाने का अवसर मिलेगा। AVPN की मुख्य कार्यकारी अधिकारी नैना सुब्बरवाल बत्रा ने कहा कि महाराष्ट्र का अनुभव दिखाता है कि जब सरकारी प्राथमिकताएं, निवेश योग्य अवसर और विभिन्न प्रकार की पूंजी एक साथ आती हैं, तो जलवायु संबंधी योजनाओं को तेजी से जमीन पर उतारा जा सकता है।

उन्होंने कहा कि यह मॉडल सामाजिक प्रभाव निवेश के एक नए तरीके को भी दर्शाता है, जिसमें राज्य सरकार द्वारा तय और तैयार की गई परियोजनाओं को परोपकारी, कैटेलिटिक और वाणिज्यिक पूंजी के साथ जोड़ा जाता है। उनके अनुसार, एशिया के अन्य हिस्सों में भी इस मॉडल को दोहराया जा सकता है, जहां जलवायु और विकास से जुड़ी चुनौतियां लगातार बढ़ रही हैं।

एवीपीएन ग्लोबल कॉन्फ्रेंस का मुख्य उद्देश्य एशियाई सरकारों, निवेशकों, सामाजिक प्रभाव संगठनों और परोपकारी संस्थाओं के बीच सहयोग और निवेश संबंधों को मजबूत करना है। सम्मेलन में अत्यधिक गर्मी, वायु प्रदूषण, स्वास्थ्य संकट और वैश्विक तापमान वृद्धि जैसी बढ़ती चुनौतियों से निपटने के लिए निवेश और साझेदारी के नए रास्तों पर चर्चा की जा रही है।

महाराष्ट्र की नई निवेश पाइपलाइन इस दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है, क्योंकि इसका फोकस जलवायु परियोजनाओं को केवल नीति और सरकारी कार्यक्रमों तक सीमित रखने के बजाय उन्हें निजी निवेश के लिए व्यावहारिक और आकर्षक अवसरों में बदलने पर है।

Also Read: हाथियों के रास्ते पर खनन का पहरा, हसदेव अरण्य में संरक्षण पर सवाल

You Might Also Like

25 साल बाद भी नहीं उबरे चिली के जुआन फर्नांडेज़ समुद्री पर्वत, बॉटम ट्रॉलिंग का दंश जारी
मानसून ने मचाई तबाही: असम से यूपी तक बाढ़ का कहर
आर्थिक संवाद से आगे बढ़कर पर्यावरणीय शासन पर फोकस बढ़ा रहा BRICS: भारत
जलवायु परिवर्तन से निपटने के लिए 2050 तक भारतीय शहरों को चाहिए 2.4 ट्रिलियन डॉलर
पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय ने 20 वर्षों की वैज्ञानिक उपलब्धियों के जश्न में राष्ट्रीय ऑनलाइन क्विज शुरू किया
TAGGED:1 Billion Dollar PipelineAVPN Global ConferenceClimate actionEnergy TransitionMahaniti PlatformMaharashtra Climate InvestmentMITRA MaharashtraPrivate Capital
Share This Article
Facebook Whatsapp Whatsapp LinkedIn Email Copy Link Print
Leave a Comment

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Follow US

Find US on Social Medias
FacebookLike
XFollow
InstagramFollow
YoutubeSubscribe
LinkedInFollow
Popular News
सस्टेनिबिलिटीस्टोरी

कश्मीर इकोटूरिज्म एसोसिएशन और टूरिज्म इंडिया एलायंस के बीच ऐतिहासिक समझौता, सतत पर्यटन को मिलेगा बढ़ावा

Environment Pulse
Environment Pulse
August 13, 2026
बचपन में एयर पॉल्यूशन के संपर्क से बढ़ सकता है मेटाबोलिक सिंड्रोम का खतरा
गंगा का कहर: जब जीवनदायिनी नदी बन जाती है तबाही की वजह
उड़ीसा में बढ़ रहीं हरित नौकरियां पर स्थानीय युवाओं को नहीं मिल पा रहा इनका फायदा
रोजमर्रा की छोटी आदतों से घटाएं अपना कार्बन फुटप्रिंट

Categories

  • जल
  • जमीन
  • जंगल
  • जैव-विविधता
  • हवा
  • खनिज
  • ऊर्जा
  • ग्रीन जॉब
  • स्टोरी
  • इम्पैक्ट फीचर
  • वीडियो

About US

Environmentpulse.com is a bilingual (Hindi-English) news platform that presents high-quality news, views, and videos related to the environment.
Quick Link
  • ऊर्जा
  • खनिज
  • जैव-विविधता
  • जंगल
Top Categories
  • My Bookmark
  • Contact
  • Privacy Policy
Environment PulseEnvironment Pulse
© Pratham Publisher and Informatics Private Limited. All Rights Reserved. | Developed By: Tech Yard Labs
Welcome Back!

Sign in to your account

Username or Email Address
Password

Lost your password?