लंबे समय से जारी सूखे और भीषण गर्मी के कारण पश्चिमी बाल्कन देशों—बोस्निया और हर्जेगोविना, मोंटेनेग्रो, अल्बानिया और सर्बिया—में जंगलों की आग बेकाबू हो गई है। Meteosat-12 उपग्रह की तस्वीरों में आग से उठा विशाल धुआं एड्रियाटिक सागर के ऊपर फैलता दिखाई दिया है, जिसका असर क्रोएशिया और इटली के तटीय इलाकों तक पहुंचा है। बोस्निया के कोन्यित्स, त्रेबिन्ये और ल्युबुशा पर्वत के पास हालात सबसे गंभीर हैं, जहां 20 किलोमीटर लंबी सक्रिय फायर लाइन दर्ज की गई है। दुर्गम पहाड़ी इलाकों और तेज हवाओं के बीच दमकलकर्मी, नागरिक सुरक्षा दल और हवाई सहायता द्वारा आग बुझाने के प्रयास लगातार जारी हैं। घने धुएं से वायु गुणवत्ता खराब हुई है और लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है।
एनवायरमेंट पल्स डेस्क: लंबे समय से जारी सूखे और भीषण गर्मी के बीच पश्चिमी बाल्कन के कई देशों में जंगलों और वनस्पतियों में लगी आग बेकाबू होती जा रही है। बोस्निया और हर्जेगोविना, मोंटेनेग्रो, अल्बानिया और सर्बिया के कई हिस्सों में बड़े पैमाने पर आग की घटनाएं सामने आई हैं। Meteosat-12 उपग्रह से ली गई तस्वीरों में आग से उठता विशाल धुआं एड्रियाटिक सागर के ऊपर फैलता दिखाई दिया है, जिससे संकट के क्षेत्रीय स्तर का अंदाजा लगाया जा सकता है।
बोस्निया और हर्जेगोविना में पिछले कुछ दिनों से कई स्थानों पर एक साथ जंगल और वनस्पति की आग सक्रिय है। कोन्यित्स, त्रेबिन्ये और टोमिस्लावग्राद के आसपास हालात विशेष रूप से गंभीर बताए गए हैं। ल्युबुशा पर्वत के पास आग की एक बड़ी लपटों वाली पट्टी ने व्यापक क्षेत्र को प्रभावित किया। आग के सबसे तीव्र दौर में सक्रिय फायर लाइन करीब 20 किलोमीटर तक फैली थी। तेज धुएं को हवाएं एड्रियाटिक सागर की ओर ले गईं, जिससे क्रोएशिया और इटली के तटीय इलाकों तक भी धुएं का असर पहुंचा।
घने धुएं के कारण कुछ सड़कों को अस्थायी रूप से बंद करना पड़ा है। प्रभावित क्षेत्रों में रहने वाले हजारों लोगों के सामने धुएं के संपर्क, संभावित निकासी और बिजली तथा परिवहन सेवाओं में व्यवधान का खतरा बना हुआ है।
पड़ोसी देशों में भी आग पर काबू पाने के प्रयास जारी हैं। मोंटेनेग्रो की कई नगरपालिकाओं में आग की घटनाओं के कारण बार-बार हवाई माध्यम से पानी का छिड़काव करना पड़ा है। अल्बानिया में भी कई स्थानों पर आग सक्रिय है और दाज्ती पर्वत सहित संवेदनशील क्षेत्रों में अभियान चलाया जा रहा है। सर्बिया में शुष्क परिस्थितियों के बीच पुरानी आग के अवशेषों के साथ नई आग की घटनाओं से भी निपटा जा रहा है।
पश्चिमी बाल्कन में कई सप्ताह से जारी ऊंचे तापमान, बेहद कम बारिश और सूखी वनस्पति ने आग के खतरे को और बढ़ा दिया है। दमकलकर्मी, नागरिक सुरक्षा दल, स्वयंसेवक और हवाई सहायता दल आग पर नियंत्रण पाने में जुटे हैं। पड़ोसी देशों के विमानों को भी अभियान में लगाया गया है। हालांकि दुर्गम पहाड़ी इलाकों और बीच-बीच में चल रही तेज हवाओं के कारण आग बुझाने के प्रयास मुश्किल हो रहे हैं।
Meteosat-12 और Copernicus Sentinel जैसे उपग्रह मिशनों से प्राप्त तस्वीरें अधिकारियों को वास्तविक समय में धुएं के फैलाव और आग से प्रभावित क्षेत्रों की निगरानी करने में मदद कर रही हैं। इनसे आग के संभावित विस्तार का आकलन करने और नुकसान की स्थिति पर नजर रखने में भी सहायता मिल रही है।
घने धुएं के कारण तटीय क्षेत्रों में वायु गुणवत्ता प्रभावित हुई है और लोगों को अनावश्यक रूप से खुले में निकलने से बचने की सलाह दी गई है। अधिकारियों ने पश्चिमी बाल्कन के कई हिस्सों में आग के बढ़े हुए खतरे को देखते हुए लोगों से सतर्क रहने की अपील की है।
सितंबर में भी जारी यह संकट क्षेत्र में चरम मौसम और सूखे से पैदा होने वाली जंगल की आग के बढ़ते खतरे को रेखांकित करता है। 2026 का आग का मौसम आगे बढ़ने के साथ पश्चिमी बाल्कन में सूखा, गर्मी और तेज हवाओं का संयोजन अग्निशमन एजेंसियों के लिए लगातार बड़ी चुनौती बना हुआ है।
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